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SC ने मथुरा-वृंदावन के मंदिरों को दिया निर्देश निराश्रित महिलाओं मिले चढ़ावे के फूल, इत्र और अगरबत्तियों का होगा निर्माण

फूलों से इत्र, अगरबत्ती या अन्य पूजा समाग्री का निर्माण किया जाएगा।

Dainik Bhaskar

Mar 27, 2018, 04:37 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश इसलिए दिया है कि जिससे विधवा और निराश्रित महिलाएं फूलों से इत्र और अगरबत्तियां बनाकर अपना जीवन आसानी से चल सकें। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश इसलिए दिया है कि जिससे विधवा और निराश्रित महिलाएं फूलों से इत्र और अगरबत्तियां बनाकर अपना जीवन आसानी से चल सकें।

मथुरा. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मथुरा और वृदांवन के मंदिरों को आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मथुरा और वृदांवन के मंदिरों में जो फूल आते हैं उन्हें यूपी सरकार द्वारा चलाये जा रहे आश्रय घरों में दे दिया जाये। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश इसलिए दिया है कि जिससे विधवा और निराश्रित महिलाएं फूलों से इत्र और अगरबत्तियां बनाकर अपना जीवन आसानी से चल सकें।

मथुरा वृदांवन में आश्रित सदन?

- जिला प्रोविशन अधिकारी श्याम रस्तोगी ने बताया कि मथुरा-वृदावन में सरकार द्वारा 5 आश्रित सदन हों जो महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब 450 विधवा और निराश्रित महिलाएं रह रही हैं।
- उन्होंने बताया कि कोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश में कहा था कि जो विधवा और निराश्रित महिलाएं यहां रह रही हैं उन्हें ट्रेनिंग दी जाए जिससे अपना जीवन यापन आसनी से कर सकें।
- सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) कन्नौज द्वारा एक प्रजोक्ट शुरू किया गया है। जिसके माध्यम से फूलों से इत्र, अगरबत्ती या अन्य पूजा समाग्री का निर्माण किया जाएगा। इससे जो फूल खराब हो जाते थे उन्हें यमुना नदी में फेंक दिया जाता था इस लेकिन अब कोर्ट के फैसले बाद इसका सदउपयोग किया जाएगा।
- उन्होंने बताया कि महिलाओं की 13 मार्च ट्रेनिंग शुरू हो गई है।


कितना फूल चढ़ता है रोजाना ?

- जानकरी के अनुसार बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन करीब 300 किलो फूल का प्रयोग में आता है। भीड़ वाले दिनों में इसकी मात्रा बढ़ जाती है। वहीं, गर्मियों में मन्दिर में बनने वाले फूल बंगले में करीब 1000 किलो फूल लगता है।

बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन करीब 300 किलो फूल का प्रयोग में आता है। बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन करीब 300 किलो फूल का प्रयोग में आता है।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश इसलिए दिया है कि जिससे विधवा और निराश्रित महिलाएं फूलों से इत्र और अगरबत्तियां बनाकर अपना जीवन आसानी से चल सकें।सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश इसलिए दिया है कि जिससे विधवा और निराश्रित महिलाएं फूलों से इत्र और अगरबत्तियां बनाकर अपना जीवन आसानी से चल सकें।
बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन करीब 300 किलो फूल का प्रयोग में आता है।बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन करीब 300 किलो फूल का प्रयोग में आता है।
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