आगरा

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12वीं के स्टूडेंट ने बनाई साइकि‍ल बाइक, 1 लीटर पेट्रोल में मिलेगा ये एवरेज

आगरा के शुभम शुक्ला ने पुराने सामान से अपनी साइकिल को बाइक जैसा बना डाला है।

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 02:58 PM IST
पिता ने नहीं द‍िलाई स्कूटी तो 12 पिता ने नहीं द‍िलाई स्कूटी तो 12

आगरा (यूपी). यहां 12वीं के स्टूडेंट शुभम ने पुराने सामान से अपनी साइकिल को बाइक जैसा बना द‍िया है। 18 हजार रुपए में तैयार यह साइकिल बाइक एक लीटर पेट्रोल में 55 किलोमीटर चलेगी। शुभम का कहना है कि यह साइकिल उन बच्चों के लिए हैं, जिनके मां-बाप कम उम्र में बच्चों को स्कूटी नहीं दिलाना चाहते हैं। पिता ने नहीं दिलाई गाड़ी तो बनाई साइकिल बाइक...

- शुभम शुक्ला आगरा के सिम्पकिन्स स्कूल में कॉमर्स से 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। शुभम के पिता बॉबी शुक्ला का इंजन का कारखाना है।

- शुभम का मन स्कूटी लेने का था, लेकिन पिता ने उम्र कम होने की बात कहकर मना कर दिया। बाइक की इच्छा पूरा करने के लिए उसने साइकिल को ही बाइक बना देने का मन बना लिया।

- इसके बाद साइकिल बाइक के लिए एक चार हजार की पुरानी रेंजर साइकिल खरीदी।

- 10 हजार में एक छोटा मोटर इंजन खरीदा, कबाड़ी वाले से पुरानी चेन और स्पॉकेट खरीदा।

- अब जरूरत थी साइलेंसर की और इतना छोटा साइलेंसर मिलना असम्भव था।

- शुभम ने अपने भाई सत्यम के साथ मिलकर छोटा साइलेंसर डिजाइन किया और कलकत्ता, जहां से उसके पिता इंजन का सामान मंगाते थे, वहां से ऑर्डर पर साइलेंसर बनवाया।

- इसके बाद छोटी सी पेट्रोल टंकी बनवाई। करीब आठ दिन की मशक्कत के बाद शुभम की साइकिल बाइक तैयार हो गई।

साइकिल बाइक की खूबियां

- एसेसरीज लगाने पर पेट्रोल टंकी समेत महज 5 किलो का वजन बढ़ा है।
- नॉर्मल साइकिल की तरह चलाने के साथ इसे बाइक की तरह चला सकते हैं।
- एक लीटर पेट्रोल में 55 किलोमीटर चल सकती है। इसकी मैक्सिमम स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा है।

मिट्टी के तेल से भी चलेगी साइकिल

- शुभम ने बताया, ''अभी यह ट्रायल में है। इसका इंजन रवां होने के बाद इसमें 200 एमएल की एक टंकी और लगाएंगे। इसमें पेट्रोल और बड़ी टंकी में केरोसिन डाला जाएगा।''
- ''एक अन्य टी और लगाने के बाद यह इंजन सिर्फ स्टार्टिंग के लिए पेट्रोल इस्तेमाल करेगा और फिर मिट्टी के तेल से साइकिल चलेगी। इससे इसपर राइडिंग और भी सस्ती हो जाएगी।''
- ''पहली बार साइकि‍ल को बनाने में आठ दिन लगे, लेकिन अब यह दो दिन में तैयार हो जाएगी। जो मां-बाप अपने बच्चों को तेज रफ्तार स्कूटी नहीं दिलाना चाहते यह उनके काम की चीज है।''
- ''शुभम के भाई सत्यम ने बताया, ''हम इसको पेटेंट करा कर बाजार में लाएंगे, ताकि यह और लोगों के काम भी आ सके।''

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