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अगर आप मार्केट से लेने जा रहे हरी मटर, हो जाएं सावधान, पढ़ लें ये खबर

फूड डि‍पार्टमेंट ने आगरा की एक सब्जी मंडी में रेड मारकर एक ड्रम हरा कलर चढ़े मटर के साथ एक व्यक्ति को अरेस्ट किया है।

Danik Bhaskar | Nov 16, 2017, 01:13 PM IST
आगरा की सब्जी मंडी में पकड़ा गया कलर चढ़ा हरा मटर। आगरा की सब्जी मंडी में पकड़ा गया कलर चढ़ा हरा मटर।

आगरा. अगर आप मार्केट से छिली हुई हरी मटर लेने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। दरअसल, सब्जी मंडि‍यों में लोग सूखी मटर को छीलकर हरे रंग के पानी से भरे ड्रम में भर देते हैं। रातभर में ये मटर मुलायम और ताजा-हरा दिखने लगता है। मामले का खुलासा आगरा की एक सब्जी मंडी में तब हुआ जब एक शख्स ने इसका वीडि‍यो वायरल कर दिया। इसके बाद फूड डि‍पार्टमेंट ने रेड मारकर एक ड्रम मटर के साथ एक व्यक्ति को पकड़ लिया।

ऐसे होता है आपकी जान के साथ खि‍लवाड़

- बता दें, करीब 6 महीने पहले यमुना पार क्षेत्र में सॉस की फैक्ट्री में छापा मारने पर फूड एंड ड्रग एडम‍िन‍िस्ट्रेशन (एफडीए) के होश उड़ गए थे। यहां कद्दू और अन्य सब्ज‍ियां सड़ाकर उसमे मिर्च और टमाटर के एसेंस डाकर सॉस तैयार किया जा रहा था। टोमेटो सॉस में टमाटर नदारद था और चिली सॉस में चिली का नाम नहीं था।
- करीब डेढ़ महीने पहले एत्माउद्दौला थानाक्षेत्र में नकली घी का बड़ा कारोबार पकड़ा गया था। यहां 9500 लीटर नकली घी पकड़ा गया था। यहां भी घटिया रिफाइंड और घटिया चर्बी का वनस्पति घी मिलाकर उसमे एसेंस डालकर पूजा का घी बनाया जा रहा था।
- एक महीने पहले शमशाबाद में एफडीए की रेड में डिटर्जेंट मिलाकर मावा और नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी।
- वहीं, बेलनगंज में एक फैक्ट्री में ब्रांडेड चाय के नकली पैक तैयार किए जा रहे थे। इसमे भी बहुत थर्ड क्लास की चाय पत्ती में बारीक डंठल पाया गया था।
- तीन महीने पहले बेलनगंज में मसालों की एक फैक्ट्री को सीज किया गया था। यहां मिर्च में डंठल आदि मिलाकर पीसा जा रहा था। साथ ही तीखा एसेंस मिलाकर उसकी तेजी बढ़ाई जा रही थी।

एक्सपेरिमेंट के लिए इस्तेमाल किया था एसेंस

- जिंदल कैमिकल्स के मालिक मोहन जिंदल का कहना है कि एसेंस को तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट के लिए इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब लोग मिलावट के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। जरा सा एसेंस क्विंटल भर माल बनाने के काम आ जाता है।
- प्रॉफिट कमाने के चक्कर में यह लोगों के खाने के सामान में मिलाया जा रहा है, जबकि हम बेचने से पहले कस्टमर को छूने के बाद हाथ धोने की हिदायत देते हैं।

कैंसर का कारण बनता है एसेंस


- फिजिशियन डॉक्टर आलोक ने बताया, ''आज मिलावट के कारण रोजाना पेट के मरीज सबसे ज्यादा आते हैं। आज हम किसी को भी स्वास्थ्य रहने के लिए भोजन कम और विटामिन्स के कैप्सूल्स ज्यादा बताते हैं।''
- ''खाने की चीजों में ऑक्सीटोन या एसेंस बहुत अधिक नुकसानदेह है। एसेंस कैंसर को सीधी दावत देता है और यह सबसे पहले लीवर पर असर करता है और ज्यादा इस्तेमाल से यह किडनी भी खराब कर सकता है।''
- ''यही हाल ऑक्सीटोन का है, जानवरों के दूध की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल होता था और इसे बैन कर दिया गया था।''
- ''सब्जियों में इनका इंजेक्शन लगाने से सब्जी जहरीली हो जाती है। इनका डेली इस्तेमाल ह्रदय रोग और कैंसर की बीमारी पैदा कर सकता है।''

कैसे करें ऐसे मटरों की पहचान?

- एग्रीकल्चर से मास्टर्स की डि‍ग्री और पुरातत्व विभाग से रिटायर्ड डॉ. एसके रिजवी का कहना है कि आमतौर पर लोग कोल्ड स्टोरेज की मटर को कम इस्तेमाल करते हैं और फ्रेश के चक्कर मे मंडी या ठेलों से मटर ले लेते हैं। इनकी पहचान करने के कई तरीके हैं।

1. इस तरह की मटर के दाने को हाथ पर मसलने पर थोड़ा बहुत रंग निकलेगा।
2. मटर को मसलने पर छिलका मुलायम होगा पर मटर का दाना सख्त ही होगा।
3. इसे मुंह में डालकर चबाने पर हल्का सा भीगी दाल की तरह का स्वाद पता चलेगा।
4. दाने का छिलका हल्का सिकुड़ा हुआ नजर आएगा।
5. रंग की वजह से यह नॉर्मल से थोड़ा ज्यादा हरापन लिए होगा।

सोशल मीडि‍या से मिली जानकारी पर फूड डि‍पार्टमेंट ने मारी रेड

- मटर का वीडियो वायरल होने पर खाद्य आयुक्त विनय कुमार ने छापा मारकर बोड़ला सब्जी मंडी से एक ड्रम मटर करीब दो क्विंटल और एक व्यक्ति महेश को गिरफ्तार कर लिया है।
- उन्होंने कहा, ''हम लगातार मिलावट के खिलाफ अभियान चलाते हैं। आज मटर में कलर मिलाने की जानकारी सोशल मीडिया से मिली थी।''