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ताज जाकर भी नहीं जान पाएंगे ये 10 Facts, बनाने वाले से भी हुई 1 चूक

14 फरवरी को देशभर में वेलेंटाइन डे मनाया जाता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Feb 13, 2017, 10:00 PM IST

  • आगरा. 14 फरवरी को देशभर में वेलेंटाइन डे मनाया जाता है। dainikbhaskar.com आपको प्यार की निशानी माने जाने वाले ताज महल से जुड़े ऐसे Facts के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे ज्यादातर लोग देखना मिस कर देते हैं। बता दें, शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज के लिए ताज बनवाया था। इसे 20 हजार कारीगरों ने 20 साल में बनाकर तैयार किया था।
    एक तरफ झुकी हैं ताज महल की मीनारें
    ताज महल की मीनारे मामूली रूप से बाहर की ओर झुकी हुई हैं। ताकि भूकंप का काफी तेज झटका आने पर मीनार बाहर की ओर गिरेंगी। इससे ताज के गुंबद को नुकसान नहीं होगा।

    आगे की स्लाइड्स में इन्फोग्राफिक्स में जानें ताज बनाने वाले से क्या हुई चूक...
  • छोटा-बड़ा होता दिखता है ताज


    ताज को खूबसूरत बनाने में बड़ी भूमिका रॉयल गेट की भी है। परिसर में जाने पर रॉयल गेट के गुंबद के ठीक नीचे से ताज की पहली झलक मिलती है। इस जगह कदम बढ़ाने पर ताज बड़ा होता दिखता है, जबकि कदम पीछे करने पर ताज छोटो होता दिखता है। यहां से लगता है कि फिल्‍म देख रहे हों और ताज को जूम किया जा रहा हो।
  • ताज के मेहमान खाने में सुहागरात मनाते थे अंग्रेज जोड़े


    ब्रिटिश शासन के दौरान मुख्‍य स्‍मारक के बगल का मेहमानखाना किराए पर दिया जाता था। इसमें नव विवाहित अंग्रेज जोड़े सुहागरात मनाते थे। उस समय इसका किराया अच्‍छा-खासा था। सुहागरात मनाने वालों के लिए मेहमानखाने में काफी बदलाव किया गया था। इसका जिक्र इतिहासकार राजकिशोर राजे ने अपनी पुस्‍तक ‘तवारीख ए आगरा’ में किया है। उसके अनुसार, साल 1857 के बहादुरशाह जफर के विद्रोह के बाद यहां की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। ताज में तोप भी लगाए गए थे। इसमें अंग्रेजों को खर्च करना पड़ रहा था। इस खर्च की थोड़ी-बहुत भरपाई मेहमानखाने को किराए पर देकर होती थी।
  • ताजमहल बनाने में हुई सिर्फ एक चूक


    दुनियाभर के आर्किटेक्‍ट ने ताज की जांच की है। इसका हर हिस्‍सा दूसरे हिस्‍से के ठीक बराबर है। लेकिन सिर्फ एक गलती मिली। मुख्य इमारत में यमुना की ओर संगमरमर की दीवारो में बने नक्काशीदार पिलरों में से एक पिलर का डिजाइन अलग है। 11 पिलर में से सिर्फ एक का डिजाइन सपाट गोल है। बाकी पिलर तिकोनी कटिंग के डिजाइन में हैं। विश्व के कोने-कोने से 20 हजार मंझे हुए कारीगरों की 20 साल की मेहनत में सिर्फ यही गलती मानी जाती है।
  • यूरोपीय था ताज का पहला पर्यटक

    इतिहासकारों के मुताबिक, ताज का भ्रमण करने वाला पहला यूरोपीय पर्यटक जीन बैप्टिस्ट टैवर्नियर था। वह आगरा 1665 में घूमने आया था। उसने लिखा है- शाहजहां काला ताजमहल बनवा पाता, इससे पहले उसे औरंगजेब ने कैद कर लिया था।
  • ताज बनने तक मुमताज को ममी के रूप रखा गया था

    मुमताज की मौत 14वें बच्‍चे के प्रसव के दौरान बुहारनपुर में हुई थी। शाहजहां ने ताजमहल बनने तक मुमताज के शव को संरक्षित रखने के लिए यूनान के हकीमों की मदद ली थी। शाही हकीमों ने शव को अगले 6 महीने तक खराब नहीं होने दिया। इसका जिक्र अबुस्सलाम ने अपनी किताब में किया है। लाश को ममी की तरह लेप लगाकर कपड़े की पट्टियों से लपेट दिया गया। हालांकि, इतिहासकार यह नहीं मानते हैं कि मुमताज की लाश को ममी के रूप में दफनाया गया था।
  • ताज में दफन है मुमताज सहित शाहजहां की 5 बेगम


    ताज महल के पूरे परिसर में 6 कब्रें हैं। संगमरमर के मुख्‍य स्‍मारक में शाहजहां और मुमताज की कब्र हैं। जबकि इसी परिसर के 4 तरफ शाहजहां की पत्‍नी अकबरी बेगम उर्फ इजून्निसा, फतेहपुरी बेगम सरहंदी बेगम और मुमताज की प्रधान सेविका सतिउन्‍नीसा की कब्र है। इन कब्रों को सहेली बुर्ज का नाम दिया गया था। यह बुर्ज लाल पत्‍थर का बना हुआ है और गुंबद संगमरमर का है।
  • शाहजहां-मुमताज के खाने से पहले इस बर्तन में होती थी जहर की जांच


    ताज के अंदर संग्रहालय में दुलर्भ चीजें रखी हुई हैं। यहां आकर आप चौंक जाएंगे। शाहजहां और मुमताज के भोजन की जांच के लिए खास बर्तन था। यह बर्तन खाने में जहर होने के बारे में बता देता था। इसका नाम 'जहर परख रकाबी' है। खास बात यह थी कि जहर युक्‍त भोजन डालते ही यह रंग बदला देता है। अगर बर्तन रंग नहीं बदल सकता, तो यह खुद-ब-खुद टूट जाता है। चीनी मिट्टी का यह बर्तन 17वीं शताब्‍दी में बनाया गया था।
  • नकली हैं ताजमहल में पर्यटकों को दिखने वाली कब्रें


    ताज में जाने पर पर्यटकों को संगमरमर की जाली से घिरी हुई शाहजहां और मुमताज की कब्रें दिखती हैं। असल में ये कब्रें नकली हैं। इसके ठीक नीचे तहखाने में असली कब्रें बनी हुई हैं। यहां जाने का रास्‍ता साल में सिर्फ 3 दिन शाहजहां के उर्स के दौरान खुलता है। इस बार 3 से 5 मई तक तहखाना आम पर्यटकों के लिए खुला रहा।
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Web Title: Most Interesting Facts About Taj Mahal
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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