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शाहजहां की सेना को देख दुखी हुई थी मुमताज, जारी किया था ये फरमान

4 वर्ष पहले
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आगरा. 26 जून को ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस त्योहार में सेवईं के साथ दूसरी खास डिश होती है बिरयानी। क्या आपने कभी सोचा कि यह बिरयानी बनाने का आइडिया सबसे पहले आया किसे होगा। DainikBhaskar.com ने इतिहास के विशेषज्ञ से बिरयानी की शुरुआत के बारे में जानने की कोशिश की। मुमताज ने दिया था रसोइये को फरमान...
 
- बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा के हिस्ट्री डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर सुगम आनंद बताते हैं, "वैसे तो बिरयानी का इतिहास पारसी सभ्यता से जुड़ा हुआ है, लेकिन ऐसा कहा गया है कि इसे पॉपुलर शाहजहां की बेगम मुमताज ने किया था।"
- "मुमताज एक बार शाहजहां की सेना का हालचाल लेने बैरेक पहुंची थीं। वहां उन्होंने देखा कि सिपाही काफी कमजोर हैं और जंग लड़ने के लिए अनफिट हैं। उन्होंने तुरंत अपने प्रमुख रसोइए को ऐसी डिश तैयार करने का फरमान सुनाया, जो कि सिपाहियों को बैलेंस्ड न्यूट्रीशन दे सके। ऐसे में चावल और मीट को मसालों के साथ कॉम्बिनेशन में बनाकर उन्होंने बिरयानी पकाई। मुमताज के कहने पर चावल को घी में फ्राय किया गया, जिससे कि वो चिपके नहीं और खिलाखिला बने। जायका बढ़ाने के लिए उसमें केसर (जाफरान) का यूज किया गया।"
 
तैमूर लेकर आया बिरयानी
 
- बिरयानी के लिए यह भी प्रचलित है कि क्रूर शासक तैमूर लंग 1398 में इंडिया बिरयानी लेकर आया था। वह उसके सिपाहियों की खुराक का अहम हिस्सा थी। 
 
आगे की स्लाइड्स में देखें 7 मोस्ट पॉपुलर बिरयानी के नाम...
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