आगरा / एसआईटी के नाम से फर्जी पत्र भेजने के मामले में 60 अभ्यर्थियों पर भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कराया केस

डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा - फाइल फोटो डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा - फाइल फोटो
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डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा - फाइल फोटोडॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा - फाइल फोटो

  • एसआईटी का फर्जी पत्र भेजकर कार्रवाई से बचने की कोशिश थी, जांच में सामने आया कि एसआईटी ने कोई पत्र नहीं भेजा था
  • इस मामले को लेकर शनिवार को हरीपर्वत थाना में तहरीर देकर आरोपी अभ्यर्थियो के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया

दैनिक भास्कर

Feb 09, 2020, 11:32 AM IST

आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शनिवार को उन 60 अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जिन्होंने कार्रवाई से बचने के लिए एसआईटी दफ्तर के नाम से पत्र भेजे थे। इन सभी के बीएड-2005 के अंकपत्र एसआईटी जांच में फर्जी पाए गए थे। 

विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार के कार्यालय में तीन पत्र 21 जनवरी को मिले थे। इन्हें दस जनवरी को भेजा गया था। इसमें लिखा था कि इन साठ अभ्यर्थियों का नाम गलती से उस सूची में आ गया जिनके अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। प्रत्येक पत्र में 20-20 नाम और रोल नंबर थे।

जांच के बाद एसआईटी का पत्र पाया गया फर्जी

शक होने पर कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने इसकी जांच कराई। एसआईटी के अफसरों ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई पत्र नहीं भेजा गया है। एसआईटी के डीएसपी जे रविंद्र गौड़ ने सात फरवरी को कुलसचिव को पत्र भेजकर इस मामले में जालसाजी का केस दर्ज कराने के लिए कहा। इस पर शनिवार को हरीपर्वत थाना में तहरीर दे दी गई। 

थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि पत्र में जिन साठ अभ्यर्थियों के नाम और रोल नंबर दिए गए हैं, सभी को आरोपी बनाया गया है। विवि ने शुक्रवार को बीएड-2005 के 2824 अंक पत्र फर्जी करार दे दिए थे। एसआईटी ने 4766 लोगों की सूची दी थी। 
 

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