एएमयू में पोस्टर को लेकर हुआ विवाद, मंदिर के उपर लिखा \"स्टॉप फाइटिंग\", मस्जिद पर \"स्टार्ट लविंग\"

4 वर्ष पहले
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  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक निगरानी समिति ने पोस्टर पर जताए ऐतराज
  • एएमयू के प्रवक्ता बोले- हमें अच्छाइयां ढूंढनी चाहिए

अलीगढ़. अक्सर विवादों में रहने वाला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) एक बार फिर पोस्टर की वजह से विवादों में आ गया है। यह विवादित पोस्टर विश्वविद्यालय में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज की एक गैलरी में वहां के छात्रों ने लगाया है। पोस्टर में मंदिर,चर्च, गुरुद्वारा और मस्जिद की तस्वीर बनाई गई है। पोस्टर में बने मंदिर के चित्र के उपर लिखा है \"स्टॉप फाइटिंग\" एवं मस्जिद के ऊपर लिखा है \"स्टॉर्ट लविंग\"। हालांकि इस मामले को लेकर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति ने नाराजगी जाहिर की है। इधर, विश्वविद्यालय के प्रवक्ता का कहना है कि पोस्टर में विवाद लायक कुछ भी नहीं है। लोगों को अच्छाइयां ढूंढनी चाहिए।

 

निगरानी समिति के सदस्य मानवेन्द्र प्रताप का कहना है कि पोस्टर में एक मंदिर के ऊपर ऐसा बलून बना रखा है कि मंदिर झगड़ा कराते हैं और मसिजद के धैउपर ऐसा लिखा है जैसे वहां से प्यार की शुरुआत होती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण विषय है। पूरे विश्व में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना केवल मंदिर के जरिये जाहिर होती है। एएमयू की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों पर तत्काल रोक लगाएं। इस मुददे पर कुलपति से बात की जाएगी। 

 

मेडिकल कॉलेज से जुडी संस्था रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है की हमने साम्पदायिक सद्भाव के लिए इसे बनाया था। हमारा मकसद किसी को दुख पहुंचाने का नहीं था। हमने प्यार मोहब्बत की बात की है।उस नजरिये से इसको देखना चाहिए था। 

 

इस मामले में एएमयू के प्रवक्ता उमर पीरजादा ने कहा कि आज वर्ल्ड ह्यूमन राइट डे है। इस पोस्टर में ऐसी कोई बात नहीं है। इसमें प्यार का पैगाम है। हमको अच्छाइयां ढूंढनी चाहिए। किसी भी तरह की शिकायत हमको नहीं मिली है।