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आगरा: तूफान ने तोड़ा 52 सालों का रिकॉर्ड... किसी की गोद हुई सूनी, किसी ने खोया पिता का साया

आगरा में 2 मई को आये तूफान ने पिछले 52 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

Dainik Bhaskar

May 05, 2018, 05:01 PM IST
अस्पताल के दौरे पर आये सीएम योगी ने मानवी से मुलाकात की और उसका हालचाल भी पूछा। नानी ने उन्हें पूरी बात बताई तो उन्होंने मदद का आश्वासन भी दिया। अस्पताल के दौरे पर आये सीएम योगी ने मानवी से मुलाकात की और उसका हालचाल भी पूछा। नानी ने उन्हें पूरी बात बताई तो उन्होंने मदद का आश्वासन भी दिया।

आगरा. आगरा में 2 मई को आये तूफान ने पिछले 52 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 132 किमी की रफ्तार से आये तूफान ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। कईयों के आशियाने उजाड़ दिए। जिससे ये खुले आसमान के नीचे जीने को मजबूर हो गए हैं। खैरागढ़ के महुआखेड़ा गाँव गुंजन खुद को कोस रही है। अभी दस दिन पहले उसकी शादी हुई थी। भाई ने उसे सजाकर विदा किया था। दस दिन बाद ही उसे भाई के मौत की खबर मिली। गुंजन कहती है कि मेरे भाई ने अभी तो जिम्मेदारियों से छुट्टी पायी थी। भगवान ने उसे बुला लिया। गुंजन बताती है भाई सुनील के ऊपर उसके कमरे की छत भरभराकर गिर गयी जिसमे दब कर उसकी मौत हो गयी। यही नहीं गुंजन का ममेरा भाई भी मलबे में दब कर मर गया। हादसे के तीन दिन बाद सीएम योगी पीड़ितों से मिलने खैरागढ़ पहुंचे। वहां योगी ने पीड़ितों से मुलाकात कर उनका दर्द बांटा। सीएम योगी ने एलान किया कि जिनके घर उजड़ गए हैं उन्हें पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा। साथ ही पीड़ितों से बिजली बिल का बकाया और राजस्व वसूली रोकने के आदेश दिए हैं।

एक परिवार के तीन बच्चों की हुई मौत

-खैरागढ़ में तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। कुकावर गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है लेकिन राजवीर के घर पर भीड़ जमा है। बुजुर्ग और युवा बाहर चुपचाप बैठे हुए हैं। महिलाओं के रोने की आवाज रुक रुक कर आ रही है। राजवीर ने बताया कि मेरे तीन बच्चे थे। दो लड़के अंकित(9), भोला (7) और छोटी बिटिया तनु (5) थी। जब तूफान आया तो पूरा परिवार छत पर था। तीनो छत पर खेल रहे थे। जब तक हम लोग मौसम का मिजाज समझ कर उन्हें नीचे लेकर जाते पूरी छत गिर गयी। उसी मलबे में हमारे छोटे छोटे बच्चे दब गए। हम भी दब गए थे। गांव वालों ने उन्हें निकाला लेकिन किसी में जान नहीं बची थी। उनकी माँ का बुरा हाल है। उसकी तो कोख ही सूनी हो गयी। मैं मजदूरी करता हूँ। सोचा था पढ़ा लिखा कर बच्चों को किसी लायक बना दूंगा। भगवान् ने वह मौका भी छीन लिया।

पिता जेल में है, माँ कर चुकी आत्महत्या

-खैरागढ़ की छह साल की मानवी अब इस दुनिया में अकेली हो गयी है। माँ घरेलु कलह से तंग आकर आत्महत्या कर चुकी है। पिता दहेज़ हत्या में जेल में है। 4 साल का भाई तूफान में दम तोड़ चुका है। दादा-दादी जख्मी हालत में अस्पताल में है। अब मानवी के लिए नाना-नानी सहारा बने हुए हैं। फिलहाल मानवी अब इस दुनिया में अकेली है।
-अस्पताल के दौरे पर आये सीएम योगी ने मानवी से मुलाकात की और उसका हालचाल भी पूछा। नानी ने उन्हें पूरी बात बताई तो उन्होंने मदद का आश्वासन भी दिया।

पिता की मौत हो गयी परिवार को खाने के लाले पड़े

-गाँव नगला उदय में मजदूर अर्जुन की मौत हो गयी। अर्जुन घर में अकेला कमाने वाला था। घर में पत्नी बेटा और बूढ़े मां-बाप है। पति की मौत से पत्नी बेसुध पड़ी हुई है। अर्जुन दीवार की चपेट में आ गया था। अस्पताल पहुंचने में देर हुई और घर को चलाने वाला चल बसा।

लाखों खर्च कर दिए घर बनवाने में मुआवजा मिला 5200

-आगरा में कई जगहों पर पेड़ गिरने से मकान टूट गए हैं। कई घरों की छत तूफान में तबाह हो गयी हैं। सीना तान कर खड़े मकान मलबे का ढेर बन चुके हैं। 55 साल के मंजीत बताते हैं कि सरकार 5200 रूपए मुआवजा दे रही है। जबकि इतने में तो पेड़ हटाने को कोई तैयार नहीं है। मकान क्या बनेगा।

52 साल का रिकॉर्ड टूटा

-जानकारों के मुताबिक आगरा में तूफान और बारिश ने पिछले 52 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 1966 में तूफान और बारिश आई थी। तूफान तकरीबन 100 किमी रफ़्तार का था जबकि मई के महीने में 37.6 मिमी बारिश हुई थी। जबकि इस बार मई के महीने में 132 किमी की रफ़्तार से तूफान आया है और 48.2 मिमी बारिश हुई है।

राजवीर के घर पर भीड़ जमा है। बुजुर्ग और युवा बाहर चुपचाप बैठे हुए हैं। महिलाओं के रोने की आवाज रुक रुक कर आ रही है। राजवीर के घर पर भीड़ जमा है। बुजुर्ग और युवा बाहर चुपचाप बैठे हुए हैं। महिलाओं के रोने की आवाज रुक रुक कर आ रही है।
गुंजन बताती है भाई सुनील के ऊपर उसके कमरे की छत भरभराकर गिर गयी जिसमे दब कर उसकी मौत हो गयी। गुंजन बताती है भाई सुनील के ऊपर उसके कमरे की छत भरभराकर गिर गयी जिसमे दब कर उसकी मौत हो गयी।
सीएम योगी ने एलान किया कि जिनके घर उजड़ गए हैं उन्हें पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा। सीएम योगी ने एलान किया कि जिनके घर उजड़ गए हैं उन्हें पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा।
मंजीत बताते हैं कि सरकार 5200 रूपए मुआवजा दे रही है। जबकि इतने में तो पेड़ हटाने को कोई तैयार नहीं है। मकान क्या बनेगा। मंजीत बताते हैं कि सरकार 5200 रूपए मुआवजा दे रही है। जबकि इतने में तो पेड़ हटाने को कोई तैयार नहीं है। मकान क्या बनेगा।
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अस्पताल के दौरे पर आये सीएम योगी ने मानवी से मुलाकात की और उसका हालचाल भी पूछा। नानी ने उन्हें पूरी बात बताई तो उन्होंने मदद का आश्वासन भी दिया।अस्पताल के दौरे पर आये सीएम योगी ने मानवी से मुलाकात की और उसका हालचाल भी पूछा। नानी ने उन्हें पूरी बात बताई तो उन्होंने मदद का आश्वासन भी दिया।
राजवीर के घर पर भीड़ जमा है। बुजुर्ग और युवा बाहर चुपचाप बैठे हुए हैं। महिलाओं के रोने की आवाज रुक रुक कर आ रही है।राजवीर के घर पर भीड़ जमा है। बुजुर्ग और युवा बाहर चुपचाप बैठे हुए हैं। महिलाओं के रोने की आवाज रुक रुक कर आ रही है।
गुंजन बताती है भाई सुनील के ऊपर उसके कमरे की छत भरभराकर गिर गयी जिसमे दब कर उसकी मौत हो गयी।गुंजन बताती है भाई सुनील के ऊपर उसके कमरे की छत भरभराकर गिर गयी जिसमे दब कर उसकी मौत हो गयी।
सीएम योगी ने एलान किया कि जिनके घर उजड़ गए हैं उन्हें पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा।सीएम योगी ने एलान किया कि जिनके घर उजड़ गए हैं उन्हें पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा।
मंजीत बताते हैं कि सरकार 5200 रूपए मुआवजा दे रही है। जबकि इतने में तो पेड़ हटाने को कोई तैयार नहीं है। मकान क्या बनेगा।मंजीत बताते हैं कि सरकार 5200 रूपए मुआवजा दे रही है। जबकि इतने में तो पेड़ हटाने को कोई तैयार नहीं है। मकान क्या बनेगा।
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