• Hindi News
  • Uttar pradesh
  • Agra
  • वाजपेयी के लिए साधु की तपस्या: Prayers for the former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee
--Advertisement--

एक पैर पर खड़े होकर साधु कर रहा अटल बिहारी वाजपेयी के जल्द ठीक होने की कामना

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 11:46 AM IST

वाजपेयी(93) को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी निगरानी एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया कर रहे हैं।

वाजपेयी के लिए साधु की तपस्या: Prayers for the former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee

. यूपी का बटेश्वर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का पैतृक गांव है

. आखिरी बार 2005 में सार्वजनिक जीवन में नजर आए थे वाजपेयी

आगरा (यूपी)। पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य जल्द ठीक होने की कामना लेकर साधु ने एक पैर पर खड़े रहकर तपस्या की। वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्वर के प्राचीन मंदिर के महंत गोपाल भारती पूरी रात एक पैर पर खड़े होकर तपस्या करते रहे। वहीं, मंदिर में हवन-यज्ञ भी कराया गया। गौरतलब है कि वाजपेयी (93) को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी निगरानी एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया कर रहे हैं। लंबे वक्त से बीमार अटल बिहारी वाजपेयी पब्लिक लाइफ से दूर हैं।

- पैतृक गांव के लोगों को जैसे ही वाजपेई के एम्स में भर्ती होने की खबर मिली, पूरा गांव चिंतित हो उठा। बटेश्वर मंदिर में उनके जल्दी स्वास्थ्य लाभ के लिए हवन-पूजन और यज्ञ कराया गया। वाजपेयी के भतीजे राकेश वाजपेयी ने सोमवार पूरी रात मंदिर में हवन-पूजन कराया।
-वही मंदिर के महंत गोपाल भारती ने पूरी रात एक पैर पर खड़े होकर विशेष अनुष्ठान कराया।
प्रताप नगर में उनकी बहन के घर लोग पहुंचे। उनकी बहन कमला दीक्षित की बहू निर्मला दीक्षित से उनका हाल जाना।

साल 2015 में आए थे नज़र
-पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी आखिरी बार 2015 में ही सार्वजनिक तौर पर नज़र आए थे, जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें उनके घर जाकर भारत रत्न सौंपा था। लेकिन 2015 के बाद वो कभी नज़र नहीं आए।

-मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसम्बर 1924 को जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी मूलत उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बटेश्वर गांव से हैं, लेकिन उनके पिता मध्यप्रदेश में शिक्षक थे. इसलिए उनका जन्म वहीं हुआ। उत्तर प्रदेश से उनका राजनीतिक लगाव सबसे ज्यादा रहा। लखनऊ से वे सांसद भी रहे।

राजनीति में लाए थे नया दौर
अटल बिहारी वाजपेयी को भारत की राजनीति में एक नया दौर लाने के लिए जाना जाता है। इन्होंने ही 20 से ज्यादा पार्टियों का गठबंधन बनाकर सरकार को बखूबी चलाकर दिखाया था। 1996 में उनकी सरकार सिर्फ एक वोट से गिरी और उन्हें प्रधानमंत्री का पद त्यागना पड़ा। उनकी सरकार सिर्फ 13 दिन चली थी। इसके बाद वो दोबारा हुए चुनाव में फिर प्रधानमंत्री बने। अटल बिहारी वाजपेयी आजीवन कुंवारे रहे। भले ही उनका अपना कोई परिवार न हो, लेकिन उन्होंने पूरे देश को परिवार की तरह ही देखा। और वो पूरे देश के नेता हैं।

X
वाजपेयी के लिए साधु की तपस्या: Prayers for the former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee
Astrology

Recommended

Click to listen..