आगरा / पालतू डॉगी को लोगों ने पीटकर मार डाला, पुलिस कार्रवाई के लिए उसका राशन कार्ड मांगती रही

पालतू डॉग टि्वंकल।- फाइल पालतू डॉग टि्वंकल।- फाइल
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पालतू डॉग टि्वंकल।- फाइलपालतू डॉग टि्वंकल।- फाइल

  • आगरा में 27 नवंबर की सुबह पालतू डॉगी की हत्या करके नाले के पास फेंक दिया गया था
  • मेनका गांधी की संस्था के दखल पर रविवार शाम केस दर्ज किया गया, इससे पहले टाल-मटोल करती रही

दैनिक भास्कर

Dec 02, 2019, 03:36 PM IST

आगरा. यहां छह दिन पहले एक पालतू डॉग को कुछ लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला। इससे पहले उसकी दोनों आंखें फोड़ दी गईं। डॉग का मालिक कार्रवाई के लिए थाने गया तो पुलिस डॉग का राशन कार्ड लेकर आने की कहकर टरकाती रही। मामले में मेनका गांधी की संस्था पीपल्स फॉर एनीमल्स (पीएफए) के दखल के बाद जगदीशपुरा पुलिस ने 10 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।

पुलिस ने कहा- राशन कार्ड लाओ, कैसे मान लें- तुम्हारी डॉग थी
डॉग के मालिक करतार सिंह का आरोप है- पुलिस कार्रवाई करने के बजाए छह दिन तक टालमटोल करती रही। यह भी कहा- जिस दिन डॉग की हत्या हुई, उस दिन थाने गया तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि कैसे मान लें कि डॉग तुम्हारी थी। इसका सुबूत लेकर आओ। कोई पहचान पत्र दिखाओ। घर के राशन कार्ड में नाम लिखा है या नहीं। इस पर करतार सिंह ने कहा कि उसका नाम राशन कार्ड में कैसे आ सकता है। इस पर पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के लौटा दिया।

यह है पूरा मामला
थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के नगला बेर भीमनगर निवासी करतार सिंह निगम ने बताया- तीन साल पहले एक डॉग लेकर आए थे। जिसका नाम टि्वंकल रखा था। 27 नवंबर की सुबह की करीब आठ बजे टि्वंकल का शव नगला बेर में नाले में मिला। वह गर्भवती थी। आसपास के लोगों से पता चला कि टाइगर, उमेश, सीपू, दीपक, छोटू समेत करीब 10 लोग पालतू डॉग को बोरी में भरकर लाए थे। डॉगी के सिर पर हमला किया गया था। इससे पहले उसकी दोनों आंखें फोड़ दी गईं।

करतार ने मेनका गांधी के संज्ञान में मामला लाया

करतार सिंह गरीब सेवा संस्थान के संस्थापक हैं। सूचना देने के बाद पुलिस मौके पर आई। लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया। करतार ने यह बात पीएफए संस्था अध्यक्ष और सांसद मेनका गांधी को बताई। संस्था की तरफ से फोन आने पर जगदीशपुरा इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने केस दर्ज कराया है। आरोपियों पर धारा 429 के तहत केस दर्ज किया गया है। नामजद लोगों से पूछताछ की जा रही है। 

पांच साल तक हो सकती है सजा 
आईपीसी की धारा 429 के तहत 50 रुपए से ज्यादा कीमत वाले पालतू जानवर को मारने या उसके साथ किसी तरह की क्रूरता करना जुर्म है। इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।

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