दीक्षांत समारोह / आंबेडकर विश्वविद्यालय में कुलाधिपति ने 108 मेधावियों को बांटे मेडल, एनएसयूआई ने किया विरोध



दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व उप मुख्यमंत्री। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व उप मुख्यमंत्री।
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दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व उप मुख्यमंत्री।दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व उप मुख्यमंत्री।

  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह की अध्यक्षता की, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा रहे मुख्य अतिथि
  • राज्यपाल ने छात्रों से बाल विवाह, टीबी रोग व प्लास्टिक के प्रयोग को खत्म करने के लिए मांगा सहयोग

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 02:24 PM IST

आगरा. डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का शुक्रवार को 85वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। जिसमें कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने 108 मेधावियों को मेडल वितरित किए। चार डीलिट, 71 पीएचडी व 127 एमफिल की डिग्री भी इस दौरान दी गई। इससे पहले छात्र-छात्राओं ने कुलपति आवास से समारोह स्थल तक शोभायात्रा निकाली। 

 

बेटियों का करें सम्मान, थम जाएगा अपराध 

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि, यह विश्वविद्यालय छात्रा संख्या के लिए नहीं बल्कि अपने योगदान के लिए जाना जाता है। दो प्रधानमंत्री, वर्तमान राष्ट्रपति, डोभाल यहां के छात्र रहे हैं। मैं आशा करती हूं कि, यहां के छात्र-छात्राएं अपने माता पिता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और देश के निर्माण में काम करेंगे। राज्यपाल ने प्लास्टिक के प्रयोग, टीबी रोग, बाल विवाह के खिलाफ लोगों से सहयोग की मांग की। 

 

कहा कि, बेटियां स्वस्थ हों तो अगली पीढ़ी सशक्त होगी। तय करिए जितनी हमारी बेटियां सभी का स्कूल में जाकर सम्मान करेंगे। जब बेटी को लक्ष्मी मानेंगे, उसको सम्मान देंगे, तब समाज में सम्मान बनेगा। छेड़छाड़ जैसी परेशानियां धीरे धीरे बंद हो जाएगी। कहा कि, सरकार पढ़ाई के साथ विवाह में सहयोग दे रही है। ऐसे में बाल विवाह करने की क्या जरूरत है। यह भी कहा कि, जब तक प्राइमरी व इंटरमीडिएट के बच्चे बाहरी दुनिया नहीं देंगे, उनका विकास नहीं होगा। 

 

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि, 92 वर्ष की महत्वपूर्ण यात्रा में तमाम महापुरुष लोग इस विवि के अंग रहे हैं। आज एक हजार से ऊपर उच्च शिक्षा संस्थान और 5 लाख विद्यार्थी इससे सम्बद्ध हैं। यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भी अध्ययन किया है। पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, अटल बिहारी बाजपेई और चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री बने। असंख्य लोग बड़े पदों पर यहां से गए। 1995 में बाबा साहब के नाम से इसे जाना गया।

 

एनएसयूआई ने किया विरोध
दीक्षांत समारोह का एनएसयूआई ने विरोध भी किया। गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति का पुतला फूंका गया था। जिसके बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष बिलाल अहमद को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन रात में जगह जगह पोस्टर लगाए गए। जिस पर राज्यपाल वापस जाओ लिखा था। जिला प्रशासन ने पोस्टरों को हटवाया है।   

 

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