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एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगाने पर बवाल: डीएम ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, 15 दिन में सौंपनी है रिपोर्ट

एएमयू के यूनियन हॉल में जिन्ना की तस्वीर लगाए जाने पर अलीगढ़ के भाजपा सांसद ने कुलपति को खत लिखकर जवाब मांगा था।

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 08:17 PM IST
पुलिस के मुताबिक, हिंदू संगठनों के खिलाफ समझाने की कोशिश के दौरान एएमयू छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिसके बाद हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। पुलिस के मुताबिक, हिंदू संगठनों के खिलाफ समझाने की कोशिश के दौरान एएमयू छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिसके बाद हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

  • 1938 में आजादी से पहले जिन्ना को छात्र संघ ने आजीवन सदस्यता दी थी, उनकी तस्वीर यूनियन हॉल में लगी है
  • एबीवीपी ने तस्वीर हटाने के लिए प्रदर्शन किया, एएमयू के छात्रों ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन पर सवाल उठाया और कार्रवाई की मांग की

अलीगढ़. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में जिन्ना की तस्वीर लगाने को लेकर बुधवार को बवाल बढ़ गया। गुरुवार को डीएम चन्द्र भूषण सिंह ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश देते हुए एडीएम फायनेंस बच्चू को जांच अधिकारी नामित किया है। डीएम ने कहा कि एएमयू में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर एएमयू में चल रहा विवाद 02 मई को हिंसक हो गया। बुधवार दोपहर बाबा-ए-सैयद गेट पर जिन्ना का पुतला फूंकने पहुँचे हिंदु जागरण मंच और अन्य संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया। पुलिस ने हिंदूवादी कार्यकर्ताओं को मौके से हटा दिया, लेकिन एएमयू छात्र उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। फिर बेकाबू हुए छात्र पुलिस प्रशासनिक अफसरों को धकियाते हुए सिविल लाइन थाने की ओर कूच कर गए। इन बेकाबू छात्रों को लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस विवाद में हुए पथराव और लाठीचार्ज में एसपी, एसडीएम समेत 13 पुलिसकर्मी और संघ अध्यक्ष समेत 15 छात्र घायल हो गए। डीएम ने कहा कि उक्त घटना की पारदर्शिता के लिए मजिस्ट्रियल जांच जरूरी है। उन्होंने जांच अधिकारी एडीएम फायनेंस बच्चू सिंह को निर्देशित किया कि वह जांच कर तीन प्रतियों में 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपे।

बुधवार को हुआ था हिंसक प्रदर्शन

-बुधवार को हिन्दू संगठनों ने जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए यूनिवर्सिटी के गेट पर प्रदर्शन किया। इसका एएमयू के सैकड़ों छात्रों ने विरोध किया। आक्रोशित छात्रों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो वे धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बाद हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। हालात के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। बता दें कि एएमयू के यूनियन हॉल में जिन्ना की तस्वीर लगाए जाने पर अलीगढ़ के भाजपा सांसद ने कुलपति को खत लिखकर जवाब मांगा था। उधर, योगी कैबिनेट में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिन्ना को महापुरुष बताया था। हालांकि देर रात एएमयू स्टूडेंट्स का धरना ख़त्म हो गया लेकिन यूनिवर्सिटी में जगह जगह फोर्स तैनात रही। यही नहीं सुबह पुलिस के आला अधिकारीयों ने यूनिवर्सिटी का दौरा भी किया।


एएमयू के गेट पर फूंका जिन्ना का पुतला
- बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), हिंदू जागरण मंच और हिंदू युवा वाहिनी ने यूनिवर्सिटी के गेट पर जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर प्रदर्शन किया। संगठनों ने जिन्ना का पुतला भी फूंका। एएमयू के छात्रों ने इस प्रदर्शन का विरोध किया। दोनों गुटों में मारपीट भी हुई। पुलिस ने यहां पर मामला शांत करा दिया।

- पुलिस के मुताबिक, एएमयू छात्रों ने हिंदू संगठनों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की और थाने का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। जब समझाने की कोशिश की गई तो छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। हालात नहीं संभले तो हवाई फायरिंग की गई और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

आरएएफ तैनात, आसपास के जिलों से फोर्स बुलाई गई

- डीएम चंद्र भूषण सिंह ने कहा, "पुलिस बल पर्याप्त संख्या में तैनात कर दिया गया है। आरएएफ तैनात की गई है, आसपास के जिलों से भी फोर्स बुलाई गई है। कुछ छात्र धरने पर बैठे हैं। अगर वे बात करना चाहेंगे तो उसके लिए भी प्रशासन तैयार है। फिलहाल हालात शांत हैं। "

नहीं हो पाया उप-राष्ट्रपति का कार्यक्रम

- सिंह ने कहा, "एएमयू में उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी को आजीवन सदस्यता देने का कार्यक्रम था। लेकिन, रुकावटों के चलते ये कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।"

सांसद ने पूछा था - यूनिवर्सिटी में क्यों लगी जिन्ना की तस्वीर

- अलीगढ सांसद सतीश गौतम ने कुलपति से लेटर लिख पूछा था कि, "मुझे कहीं से जानकारी मिली है कि जिन्ना की तस्वीर विश्वविद्यालय में लगी हुई है। मुझे जानकारी नहीं है कि यह तस्वीर एएमयू के किस विभाग में किन वजहों से लगी हुई है। इस संबंध में मुझे संपूर्ण जानकारी दी जाए। साथ ही उन वजहों को भी बताया जाए, जिनके चलते जिन्ना की तस्वीर लगाना एएमयू की मजबूरी बन गई।"
- "पूरी दुनिया जानती है कि जिन्ना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे और वर्तमान में भी पाकिस्तान द्वारा देश के खिलाफ गैर जरूरी हरकतें जारी हैं। ऐसे में जिन्ना की तस्वीर विश्वविद्यालय में लगाना कितना सही है।"

स्वामी प्रसाद बोले- देश के लिए योगदान देने वालों पर उंगली उठाना गलत
- स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा सांसद के सवाल को गलत बताया है। उन्होंने कहा, "जिन महापुरुषों ने राष्ट्रनिर्माण में योगदान दिया, यदि उन पर कोई उंगली उठाता है तो ये गलत बात है। देश के बंटवारे से पहले जिन्ना का योगदान भी इस देश में था।"
- एटा के रहने वाले राज्य सभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि जिन्ना को महापुरुष कहने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य को माफी मांगने चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया जाना चाहिए।


एएमयू प्रशासन ने कहा- हमारा छात्र संघ पर सीधा नियंत्रण नहीं
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन के प्रवक्ता शाफे किदवई ने कहा, "एएमयू छात्र संघ एक स्वतंत्र संस्था है। उस पर एएमयू प्रशासन का सीधा नियंत्रण नहीं होता। 1920 से जब यूनिवर्सिटी बनी तब से छात्रसंघ के लोग कई शख्सीयतों को आजीवन सदस्यता देते हैं। पहली सदस्यता गांधी जी को दी गई। बंटवारे से पहले जब जिन्ना आये थे, तब उनको सदस्यता दी गई थी। ये छात्रसंघ फैसला करता है। इस मसले पर हम बात करेंगे। सदस्यता पहले दी जा चुकी है, उसको बदला नहीं जा सकता।'
- जानकारी के मुताबिक यूनियन हॉल में उन लोगों की तस्वीर लगाई जाती है, जिन्हें छात्र संघ आजीवन सदस्यता देता है।

1938 में छात्र संघ ने जिन्ना को दी थी आजीवन सदस्यता
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा, "1938 में आजादी से पहले जिन्ना को आजीवन सदस्य्ता छात्र संघ द्वारा दी गई थी। संसद के अंदर भी जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है। जब वहां तस्वीर लगी हुई है तो यहां गलत कैसे कही जा सकती है। जिन्ना पर सवाल क्यों उठ रहे हैं जबकि अंग्रेज भी हमारे देश के दुश्मन थे। यहां मुगलों की बनाई हुई चीजें हैं, उस पर सवाल क्यों नहीं उठाते?"
- अब तक देश और विदेश की 100 शख्सीयतों को आजीवन सदस्यता दी गई है और इनकी तस्वीरें यूनियन हॉल में लगी हैं।

बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), हिंदू जागरण मंच और हिंदू युवा वाहिनी ने यूनिवर्सिटी के गेट पर जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर प्रदर्शन किया। बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), हिंदू जागरण मंच और हिंदू युवा वाहिनी ने यूनिवर्सिटी के गेट पर जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर प्रदर्शन किया।
संगठनों ने जिन्ना का पुतला भी फूंका। एएमयू के छात्रों ने इस प्रदर्शन का विरोध किया। संगठनों ने जिन्ना का पुतला भी फूंका। एएमयू के छात्रों ने इस प्रदर्शन का विरोध किया।
दोनों गुटों में मारपीट भी हुई। पुलिस ने यहां पर मामला शांत करा दिया। दोनों गुटों में मारपीट भी हुई। पुलिस ने यहां पर मामला शांत करा दिया।
एएमयू के छात्रों पर लाठीचार्ज करती पुलिस। एएमयू के छात्रों पर लाठीचार्ज करती पुलिस।
पुलिस ने कहा कि छात्रों ने जब धक्का-मुक्की शुरू की तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने कहा कि छात्रों ने जब धक्का-मुक्की शुरू की तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
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पुलिस के मुताबिक, हिंदू संगठनों के खिलाफ समझाने की कोशिश के दौरान एएमयू छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिसके बाद हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।पुलिस के मुताबिक, हिंदू संगठनों के खिलाफ समझाने की कोशिश के दौरान एएमयू छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिसके बाद हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), हिंदू जागरण मंच और हिंदू युवा वाहिनी ने यूनिवर्सिटी के गेट पर जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर प्रदर्शन किया।बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), हिंदू जागरण मंच और हिंदू युवा वाहिनी ने यूनिवर्सिटी के गेट पर जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर प्रदर्शन किया।
संगठनों ने जिन्ना का पुतला भी फूंका। एएमयू के छात्रों ने इस प्रदर्शन का विरोध किया।संगठनों ने जिन्ना का पुतला भी फूंका। एएमयू के छात्रों ने इस प्रदर्शन का विरोध किया।
दोनों गुटों में मारपीट भी हुई। पुलिस ने यहां पर मामला शांत करा दिया।दोनों गुटों में मारपीट भी हुई। पुलिस ने यहां पर मामला शांत करा दिया।
एएमयू के छात्रों पर लाठीचार्ज करती पुलिस।एएमयू के छात्रों पर लाठीचार्ज करती पुलिस।
पुलिस ने कहा कि छात्रों ने जब धक्का-मुक्की शुरू की तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।पुलिस ने कहा कि छात्रों ने जब धक्का-मुक्की शुरू की तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
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