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योगी के मंत्री ने कराई किरकिरी, दलित के घर खाया कुक का बना खाना, कूलर में बिताई रात

खाने में मंत्री जी के लिए पालक पनीर, मखनी दाल, छोले, रायता, तंदूर और मिनरल वाटर का इंतजाम किया गया।

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 02:03 PM IST
मंत्री को दलित के घर भोजन करना था लेकिन खाने में   मंत्री जी के लिए पालक पनीर, मखनी दाल, छोले, रायता, तंदूर, कॉफी, रसगुल्ला और मिनरल वाटर का इंतजाम किया गया। मंत्री को दलित के घर भोजन करना था लेकिन खाने में मंत्री जी के लिए पालक पनीर, मखनी दाल, छोले, रायता, तंदूर, कॉफी, रसगुल्ला और मिनरल वाटर का इंतजाम किया गया।

अलीगढ़. योगी के मंत्री सुरेश राणा का सोमवार को अलीगढ़ के गाँव लोहा गाड़ी में एक दलित के घर प्रवास को पहुंचे। वहां उन्होंने चौपाल भी लगाई लेकिन खाने और सोने का इंतजाम अधिकारीयों ने ऐसा किया कि उससे मंत्री जी की किरकिरी हो गयी। खाना होटल के कुक से बनवाया गया जबकि सोने के लिए कूलर और डबल बेड की व्यवस्था की गयी। वहीँ झांसी के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ़ मोती सिंह ने विवादस्पद बयान दिया है। उन्होंने बीजेपी नेताओं को राम बताया और दलितों को शबरी बता कर तुलना की है।

खाने में दाल मखनी से लेकर तंदूरी रोटी तक

-यहां राज्यमंत्री के लिए जिला प्रशासन ने गाँव मे होटल की तरह पूरा इंतजाम किया। दलित के घर भोजन करना था लेकिन खाने में मंत्री जी के लिए पालक पनीर, मखनी दाल, छोले, रायता, तंदूर, कॉफी, रसगुल्ला और मिनरल वाटर का इंतजाम किया गया।
-मंत्री जी के लिए एक दलित व्यक्ति के घर में बेहतरीन कुक के द्वारा खाना बनाया गया। राज्यमंत्री सुरेश राणा के सोने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रशासन ने होटलनुमा आकार दे दिया। जहां रात को सोने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डबल बेड सहित अच्छे इंतजाम और हवा फेंकने वाले पानी के कूलर लगे हुए थे।

क्या कहना है दलित गृह स्वामी का

-रजनीश बताते हैं कि 11 बजे जब मंत्री जी पहुंचे तब पता चला की मंत्री जी आ रहे हैं। पहले तो अधिकारीयों ने बस खाना बनवाना शुरू कर दिया था।
-रजनीश कहते हैं कि खाना तो घर में ही बना है लेकिन हम लोगों ने नहीं बनाया है। खाने में पनीर, छोले, दाल मखनी वगैरह है। रजनीश ने बताया कि सामने स्थित सामुदायिक केंद्र में मंत्री जी के रुकने की व्यवस्था की गयी है।

क्या कहना है पार्टी का ?

-भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि मंत्री सुरेश राणा द्वारा वहां कोई भी व्यवस्था नहीं कराई गई। अलीगढ़ में जिस स्थान पर मंत्री जी का प्रवास था. वहां की व्यवस्था स्थानीय विधायक अनूप बाल्मीकि द्वारा गांव के लोगों की सहमति से की गई थी।

मंत्री सुरेश राणा ने दी सफाई

-मंत्री सुरेश राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खाना गाँव में ही बना था। भोजन बनाने वाले भी दलित हैं। गाँव का प्रधान भी दलित है। साथ ही आयोजक भी दलित हैं। सभी ने बाकायदा चिट्ठी लिख कर हमें बुलाया था। जो लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं उन्हें देखना चाहिए कि देश और यूपी विकास की ओर बढ़ रहा है। दलित परिवार मेरे साथ ही था। सुबह भी एक दलित परिवार के घर में ही जाकर हमने नाश्ता भी किया।

ऐसी व्यवस्था पर डिप्टी सीएम केशव ने 4 को किया था सस्पेंड

-बीते दिनों केशव मौर्य ने इलाहाबाद के एक गाँव में रात्रि प्रवास किया था। जहाँ पर अधिकारीयों ने उनके सोने के लिए एसी का इंतजाम किया था। यह देख डिप्टी सीएम गुस्सा हुए और 4 अदिकारियों को सस्पेंड कर दिया था। केशव मौर्य ने इसे भावना के विरुद्ध बताया था।

योगी के मंत्री ने दिया विवादस्पद बयान

-वहीँ झांसी के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ़ मोती सिंह ने विवादस्पद बयान दिया है। उन्होंने बीजेपी नेताओं को राम बताया और दलितों को शबरी बता कर तुलना की है। राजेंद्र सिंह झांसी के बड़ागाँव ब्लॉक के ग्राम गढ़मऊ में चौपाल और दलित के घर खाना खाने का कार्यक्रम था।
-उन्होंने कहा कि जिस तरह से भगवान् राम ने शबरी के झूठे बेर खाकर उसे धन्य किया था। उसी तरह बीजेपी के नेता दलितों के घर जाकर उन्हें धन्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा पीएम मोदी को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने ही मंत्री और विधायक को दलितों के घर जाने का सन्देश दिया है।

-विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी का ऐसे लोगों के घर का पानी पीने के बाद पेट खराब हो जाता, लालू जी को शर्म आती है, अखिलेश को दलित के खाट पर बैठने से खुजली होती थी।

क्यों जा रहे हैं दलितों के घर

-देश की राजनीति इस समय दलितों के इर्द-गिर्द घूम रही है। ऐसे में बीजेपी ने आंबेडकर ग्रामों में दलितों के घर रुकने का कार्यक्रम तय किया है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बताया कि आंबेडकर जयंती 14 अप्रैल से यह कार्यक्रम पीएम के निर्देश पर शुरू किया गया है। जिसमे 5 हजार की आबादी वाले आंबेडकर ग्रामों में बीजेपी के मंत्री विधायक, सांसद और पदाधिकारी रात्रि प्रवास करेंगे और चौपाल में उनकी समस्याओं को सुन कर सुलझाएंगे। यह कार्यक्रम 6 मई तक चलेगा।

controversy of minister suresh rana in aligarh
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मंत्री को दलित के घर भोजन करना था लेकिन खाने में   मंत्री जी के लिए पालक पनीर, मखनी दाल, छोले, रायता, तंदूर, कॉफी, रसगुल्ला और मिनरल वाटर का इंतजाम किया गया।मंत्री को दलित के घर भोजन करना था लेकिन खाने में मंत्री जी के लिए पालक पनीर, मखनी दाल, छोले, रायता, तंदूर, कॉफी, रसगुल्ला और मिनरल वाटर का इंतजाम किया गया।
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