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अलीगढ़: एएमयू स्टूडेंट्स के समर्थन में उतरा JNU; लगे- 'हम लेकर रहेंगे आजादी' के नारे

यहां एएमयू स्टूडेंट्स का धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।

Danik Bhaskar | May 05, 2018, 07:27 PM IST
हिन्दूवादी संगठनों ने यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर का विरोध करने के लिए पब्लिक टॉयलेट में जिन्ना की तस्वीर लगाई है। हिन्दूवादी संगठनों ने यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर का विरोध करने के लिए पब्लिक टॉयलेट में जिन्ना की तस्वीर लगाई है।

अलीगढ़. यहां एएमयू स्टूडेंट्स का धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। वहीं हिन्दूवादी संगठनों ने यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर का विरोध करने के लिए पब्लिक टॉयलेट में जिन्ना की तस्वीर लगाई है। जहां लोग शौचालय का प्रयोग भी कर रहे हैं। हिंदूवादी संगठन के छात्रों द्वारा अलीगढ़ के डीएस कॉलेज में जिन्ना के पुतले को दहन कर उसकी तस्वीर को महानगर के विभिन्न शौचालयों में लगाया गया और उनके ऊपर लघुशंका की गई।

शहर में फूंका गया पुतला

-इससे पहले यूनिवर्सिटी के बाहर शहर में हिंदूवादी संगठन द्वारा जिन्ना का पुतला फूंका गया। जिसमे 100-150 लोग शामिल हुए। इस दौरान हिंदूवादी संगठन के छात्रनेता अमित गोस्वामी ने बताया कि जिन्ना के द्वारा देश का बंटवारा किया गया था। उस दौरान हजारों लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे देशद्रोही को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और एएमयू में लगी तस्वीर को हर सूरत में उतार के रहेंगे।

जेएनयू और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र नेताओं ने एएमयू स्टूडेंट्स को दिया समर्थन

-अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बाब-ए-सैय्यद गेट पर आज भी स्टूडेंट्स का धरना जारी रहा। सैकड़ों की तादाद में स्टूडेंट्स तख्ती लिए बैठे रहे।
-तकरीबन 12 बजे के करीब जेएनयू दिल्ली और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से छात्रनेताओं का एक डेलिगेशन अलीगढ़ स्टूडेंट्स के समर्थन में पहुंचा। इसके बाद नारेबाजी भी तेज हो गयी। -स्टूडेंट्स ने सपोर्ट पाकर यूनिवर्सिटी में 'हम लेकर रहेंगे आजादी, चाहे डंडा मारो या मारो गोली'।
-इस दौरान बिहार से सांसद पप्पू यादव भी स्टूडेंट्स के समर्थन में तकरीबन 4 बजे यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट्स को आश्वासन दिया कि वह हर हाल में उनके साथ रहेंगे।

अलीगढ़ सांसद ने की डीएम से मुलाकात

- विवादों के बीच अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम शनिवार को डीएम से मिलने पहुंचे। कुछ देर की मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ भी हो जाये हम जिन्ना की तस्वीर एएमयू में नहीं रहने देंगे।

डीएम ने कहा किसी ने कानून हाथ में लिया तो बख्शा नहीं जाएगा

-वहीं डीएम चन्द्र भूषण सिंह ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है। जो लोग भी अनर्गल बयान दे रहे हैं उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। उनके खिलाफ कार्यवाई की जायेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर जो लोग सांप्रदायिक उन्माद फैलायेंगे उनके खिलाफ रासुका लगायी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जायेगा।
-यही नहीं स्टूडेंट्स के विरोध को देखते हुए अभी भी डेढ़ दर्जन थानेदारों की ड्यूटी लगाई गयी है।
-एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि डेढ़ दर्जन थानेदार, तीन सीओ स्तर के अधिकारी, दो कंपनी आरएएफ और तीन कंपनी पीएसी लगाई गयी है। जो किसी भी स्थिति से निपट सकती है। उन्होंने बताया अधिकारी लगातार दौरा कर रहे हैं।

अब तक दर्ज हुई तीन एफआईआर

-जानकारी के मुताबिक 3 दिनों में अब तक तीन एफआईआर दर्ज हुई है। जिसमे एक स्टूडेंट्स की तरफ से एफआईआर करवाई गयी है। दूसरी एफआईआर पुलिस की ओर से कराई गयी है और तीसरी एफआईआर शुक्रवार को एक जर्नलिस्ट की तरफ से कराई गयी है। जिसे कवरेज के दौरान स्टूडेंट्स ने पीटा था।

भाजपा सांसद की चिट्‌ठी से शुरू हुआ था विवाद
-विवाद भाजपा सांसद और एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम की चिट्‌ठी से शुरू हुआ था। छात्रसंघ हॉल में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने 26 अप्रैल को वीसी प्रो। तारिक मंसूर को पत्र लिखा। 30 अप्रैल को पत्र सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की। वहीं, एएमयू छात्र संघ इसे नहीं हटाने पर अड़ा है। तस्वीर हटाने के लिए हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ता बुधवार को एएमयू कैंपस में घुस गए थे। इस दौरान हुए लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए थे।

क्या है प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग?

- धरना दे रहे छात्रों की मांग है कि जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए बुधवार को कैंपस में घुसे हिंदू युवा वाहिनी के लोगों को गिरफ्तार किया जाए और मामले की न्यायिक जांच हो। जिन्ना प्रकरण को तूल देने के लिए सोशल मीडिया पर समर्थन व विरोध में लगातार मैसेज, फोटो व वीडियो शेयर किए जा रहे हैं।

1938 में एएमयू आए थे जिन्ना

बता दें कि एएमयू के यूनियन हॉल में जिन्ना सहित 30 हस्तियों की तस्वीरें लगी हैं। जिन्ना 1938 में एएमयू आए थे। तभी उन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई थी। 1920 में एएमयू के गठन के वक्त महात्मा गांधी पहले मानद सदस्य थे।

बुधवार को हुआ था हिंसक प्रदर्शन

-बुधवार को हिन्दू संगठनों ने जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए यूनिवर्सिटी के गेट पर प्रदर्शन किया। इसका एएमयू के सैकड़ों छात्रों ने विरोध किया। आक्रोशित छात्रों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो वे धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बाद हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। हालात के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बाब-ए-सैय्यद गेट पर आज भी स्टूडेंट्स का धरना जारी रहा। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बाब-ए-सैय्यद गेट पर आज भी स्टूडेंट्स का धरना जारी रहा।
इससे पहले यूनिवर्सिटी के बाहर शहर में हिंदूवादी संगठन द्वारा जिन्ना का पुतला फूंका गया। जिसमे 100-150 लोग शामिल हुए। इससे पहले यूनिवर्सिटी के बाहर शहर में हिंदूवादी संगठन द्वारा जिन्ना का पुतला फूंका गया। जिसमे 100-150 लोग शामिल हुए।