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बोर्ड परीक्षा में दिखा सख्ती का असर, पंजीकरण में पिछले साल की तुलना में दस लाख छात्र हुए कम



यह सख्ती का ही असर है कि नकलची कम हो गए। यह सख्ती का ही असर है कि नकलची कम हो गए।
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यह सख्ती का ही असर है कि नकलची कम हो गए।यह सख्ती का ही असर है कि नकलची कम हो गए।

  • इस बार दसवीं और बारहवीं के लिए हुए पंजीकरण में लगभग 10 लाख छात्र कम हो गए हैं।
  • छात्रों के कम पंजीकरण को देखते हुए पंजीकरण की डेट भी आगे बढ़ाई गयी लेकिन परीक्षार्थियों की संख्या नहीं बढ़ी।   

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 11:28 AM IST

इलाहाबाद. यूपी में 2018 में हुई बोर्ड परीक्षाओं में हुई सख्ती का असर अभी से दिखने लगा है। इस बार दसवीं और बारहवीं के लिए हुए पंजीकरण में लगभग 10 लाख छात्र कम हो गए हैं। यूपी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि यह सख्ती का ही असर है कि नकलची कम हो गए। 

 

पंजीकरण डेट भी बढ़ाई गयी फिर आंकड़े रहे कम: नीना श्रीवास्तव ने बताया कि पिछली बार दसवीं और बारहवीं के कुल 66 लाख 39 हजार छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। जबकि 2019 में 57 लाख 87 हजार 998 परीक्षार्थियों ने अभी तक पंजीकरण कराया है। यही नहीं छात्रों के कम पंजीकरण को देखते हुए पंजीकरण की डेट भी आगे बढ़ाई गयी लेकिन परीक्षार्थियों की संख्या नहीं बढ़ी।   

  

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