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2018 में भी अगले 6 महीने तक हाईकोर्ट में नहीं हो सकती जजों की नियुक्ति, 40% पद हैं खाली

इलाहाबाद: एक साल से अधिक का समय बीत गया, लेक‍िन अभी तक हाईकोर्ट ने ही जजों की नियुक्ति के लिए नाम नहीं भेजा है।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 03:05 PM IST
फाइल। फाइल।

इलाहाबाद. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस साल भी जजों के पूरे पद नहीं भरे जा सकेंगे। हाईकोर्ट में जजों के कुल सृजित पदों की संख्या 160 है। जजों की ये संख्या इलाहाबाद और लखनऊ बेंच दोनों को मिलाकर है। इन 160 पदों के सापेक्ष लगभग 100 के करीब जज इलाहाबाद और इसकी लखनऊ बेंच में कार्यरत हैं। ऐसे में करीब 40 फीसदी पद खाली हैं। वहीं, इनमें से 22 जज इसी साल 2018 में ही रिटायर हो जाएंगे। आगे पढ़‍िए जजों की न‍ियुक्त‍ि में क्यों लगेगा कम से कम 6 महीने का समय...

-बता दें, देश के सबसे बड़े प्रदेश यूपी में जजों के पूरे पद न भरे जा सकने से प्रदेश के वादकारियों पर इसका सीधा असर पड़ता है।

-अधिकारियों के मनमानीपूर्ण आदेश से सेवा से बर्खास्त कर्मचारियों के मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही और परेशान कर्मी समय बीतने के साथ रिटायर हो जाता है।

-जानकारों की मानें तो जजों की हाईकोर्ट में नियुक्ति के लिए जो प्रक्रिया प्रचनल में है, उसके मुताबिक चीफ जस्टिस कोर्ट के दो सीनियर जजों की सहमति से वकीलों और लोवर जूडिश‍ियरी से हाईकोर्ट जज नियुक्त करने के लिए नाम भेजता है।

-नाम केन्द्र सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय के अलावा, सुप्रीम कोर्ट, राज्य सरकार, पीएम ऑफिस को भी जाता है। सबका इसमें अपने-अपने स्तर से नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अलग-अलग रोल होता है।

-अभी तक जो देखा गया है, उसके अनुसार हाईकोर्ट कोलेजियम से नाम भेजे जाने के बाद सभी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए जज नियुक्त होने तक लगभग 6 महीने का समय लग जाता है।

-एक साल से अधिक का समय बीत गया, लेक‍िन अभी तक हाईकोर्ट ने ही जजों की नियुक्ति के लिए नाम नहीं भेजा है। अब अगर इस साल यहां से जजों की नियुक्ति के लिए नाम भेजा जाएगा तो भेजने के बाद नियुक्ति होने तक में लगभग 6 महीने का समय लगना तय है।

-ऐसे में अब यही लग रहा है कि साल 2018 में कम से कम अगले 6 महीने तक हाईकोर्ट में जज की नियुक्ति नहीं होने जा रही है।