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UP बोर्ड में अवैध नियुक्ति की शिकायत पर 3 महीने में निर्णय ले सचिव: HC

DainikBhaskar | Last Modified - Feb 02, 2018, 08:06 PM IST

37 लिपिकों की अवैध नियुक्तियों की शिकायत पर प्रमुख सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति को 3 माह में निर्णय लेने का आदेश।
UP बोर्ड में अवैध नियुक्ति की शिकायत पर 3 महीने में निर्णय ले सचिव: HC

इलाहाबाद (यूपी). इलाहाबाद उच्च न्यायालय उ.प्र माध्यमिक शिक्षा परिषद् इलाहाबाद में 37 लिपिकों की अवैध नियुक्तियों की शिकायत पर प्रमुख सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति को 3 माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति तरूण अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति एस.डी सिंह की खण्डपीठ ने मुकुल अग्रवाल की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता घनश्याम मौर्या ने बहस की। याची का कहना है कि 1999 में सीधी भर्ती के पदों पर मष्तक आश्रित कोटे में नियम विरूद्ध मनमाने तौर पर अवैध नियुक्तियां की गई है। प्रमुख सचिव को इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही न करने पर यह याचिका दाखिल की गई थी।

HC ने कहा, संदिग्ध सत्यनिष्ठा दंड नहीं, इस आधार पर दरोगा की ट्रेनिंग रोकना गलत

- इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इलाहाबाद के पुलिस आरक्षी जयराम सिंह यादव को अन्य वैधानिक अड़चन न हो तो पुलिस उप निरीक्षक पद के प्रशिक्षण लेने के लिए भेजने का निर्देश दिया है।

- याची आरक्षी को सत्यनिष्ठा संदिग्ध होने के आधार पर 2006 में दी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि के आधार पर चयनित होने के बाद प्रोन्नति प्रशिक्षण पर भेजने से इंकार कर दिया गया था।
- कोर्ट ने कहा है, उप्र पुलिस अधिकारी अधीनस्थ रैंक (दंड एवं अपील) नियमावली के तहत सत्यनिष्ठा, संदिग्ध होना दंड में शामिल नहीं है। ऐसे में इसके आधार पर प्रोन्नति से रोका नहीं जा सकता। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विजय सिंह केस के हवाले से याची को प्रशिक्षण पर भेजने का आदेश दिया है।
- यह आदेश न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय ने जयराम सिंह यादव की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची का कहना था कि याची उप निरीक्षक (रैंकर) विभागीय परीक्षा 2011 में चयनित हुआ। किन्तु भर्ती बोर्ड ने प्रशिक्षण पर यह कहते हुए भेजने से इंकार कर दिया कि उसे प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
- याची अधिवक्ता कैलाश पांडेय का कहना था कि सत्यनिष्ठा संदिग्ध होना नियमावली में दंड में शामिल नहीं है। इसलिए सत्यनिष्ठा संदिग्ध होने की प्रतिकूल प्रविष्टि के आधार पर प्रोन्नति देने से इंकार नहीं किया जा सकता।

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Web Title: UP bord mein avaidh niyukti ki shikayt par 3 mhine mein nirny le schiv: HC
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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