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अमिताभ बच्चन ने खत्म किया था इस Ex फाइनेंस मिनिस्टर का करियर

लखनऊ. 1 फरवरी 2018 को मोदी सरकार आम और रेलवे बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करेंगे।

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:00 AM IST
1967-68 में बतौर वित्त मंत्री बहुग 1967-68 में बतौर वित्त मंत्री बहुग

इलाहाबाद. 1 फरवरी 2018 को मोदी सरकार आम और रेलवे बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करेंगे। DainikBhaskar.com आपको एक ऐसे वित्त मंत्री के बारे में बताने जा रहा है, जिनकी पॉलिट‍िकल करियर पर अमिताभ बच्चन ने फुल स्टॉप लगा दिया था। यही नहीं, विपक्ष‍ियों ने अमिताभ को 'नचनिया' तक कह दिया था।

अमिताभ बच्चन ने खत्म किया था इस वित्त मंत्री का पॉलिट‍िकल करियर

- उत्तराखंड के बुघाणी गांव में 25 अप्रैल 1919 को जन्में हेमवती नंदन बहुगुणा यूपी के 8वें सीएम थे। पहली बार करछना से 1952 में विधायक चुने गए थे।
- वह यूपी के 2 बार सीएम रहे। 1967-68 में बतौर वित्त मंत्री राज्य का शानदार प्रो-पीपुल बजट पेश कर लोगों का दिल जीता। 1971 के राष्ट्रीय चुनाव में स्टार प्रचारक रहे।

- 1984 में अमिताभ बच्चन राजीव गांधी के कहने पर लोकसभा इलेक्शन लड़े थे। उन्होंने इलाहाबाद सीट से उस एरिया के दिग्गज हेमवती नंदन बहुगुणा को चुनौती दी थी।
- बहुगुणा को अमिताभ ने 1.87 लाख से ज्यादा वोटों से करारी शिकस्त दी थी। हार के बाद हेमवती नंदन बहुगुणा लोकदल में चले गए और यहीं से उनके राजनीतिक करियर का पतन हो गया।

जब अमिताभ को कहा गया था नचनिया
- पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा के ख‍िलाफ चुनाव मैदान में उतरने पर विरोध‍ियों ने अमिताभ पर जमकर बयानबाजी की थी।

- विपक्षी अमिताभ को 'नचनिया' कहकर बुलाते थे, क्योंकि अमिताभ जहां भी जाते थे, वहां लोगों की भीड़ लग जाती थी। उनके प्रशंसकों को संभालना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता था।
- बहुगुणा ने दावा किया था कि भीड़ नेता अमिताभ के लिए नहीं, अभिनेता अमिताभ बच्चन को देखने आई।

...कमिश्नर बनना चाहते थे हमवती नंदन

- हेमवती बहुत मन्नत के बाद पैदा हुए थे। क्योंकि उनके पिता रेवती नंदन की पहली पत्नी से 6 बेटियां थीं, जबकि उस समय बेटा जरुरी माना जाता था। बेटे के लिए बुजुर्गों ने उनकी दूसरी शादी करा दी, जिससे हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म हुआ।
- उनके जन्म पर पूरे गांव में न सिर्फ खुशियां मनाई गई, बल्कि उनका पैदा होना शुभ माना गया। हेमवती नंदन की शुरुआती पढ़ाई देवलगढ़ में हुई। 5 साल की उम्र में पढ़ने के लिए उन्हें देवलगढ़ भेजा गया।
- स्कूल दूर होने पर पिता ने वहीं पर किराए पर कमरा ले लिया और तीन लोगों को उनकी देखरेख के लिए लगा दिया। जब हेमवती स्कूल जाते तो उनकी बुआ और मां उन्हें गुलगुले और पैसे देती थी।
- उनसे कहा जाता था कि स्कूल के गरीब बच्चों के साथ मिल बैठकर गुलगुले खाना।

- हेमवती को एक बार उनके पिता ने बताया था कि जिले में सबसे बड़ा अफसर कमिश्नर होता है। उस समय वह अफसर एक अंग्रेज था। यह सुन उनके अंदर कमिश्नर बनने की इच्छा जागी। उन्होंने अपने नाम के आगे ICS भी लिखना भी शुरू कर दिया।

- लेकिन जब वो आंदोलन से जुड़े तो देश प्रेम की भावना के आगे ये इच्छा मर गई और उन्होंने अपने नाम के आगे ICS लिखना बंद कर दिया।

पिता ने जबरदस्ती की कर दी थी शादी

- हेमवती जब आंदोलनों में हिस्सा लेने लगे, तो पिता रेवती नंदन को लगा कि बेटा हाथ से बेहाथ हो गया है। इसलिए उन्होंने धनेश्वरी देवी से उनकी शादी कर दी। ताकि वो शादी के बंधन में बंधे रहें। लेकिन हेमू शादी के लिए तैयार नहीं थे।
- पिता के दबाव में उन्होंने शादी तो कर ली, लेकिन उस रिश्ते को निभा नहीं सके। धनेश्वरी देवी से उन्हें कोई संतान भी नहीं हुई।
- हालांकि, बाद में उन्होंने कमला से दूसरी शादी की, जिससे 3 बच्चे हुए।

- बड़े बेटे विजय बहुगुणा उत्तराखंड के सीएम रह चुके हैं। बेटी रीता जोशी यूपी इलेक्शन 2017 में कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी से मिल गईं। वह लखनऊ से BJP विधायक हैं।

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