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यूपी लोकसेवा आयोग भर्ती घोटाले में CBI ने दर्ज की पीई, जांच शुरू

सपा शासनकाल में हुई थी भर्तियां।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 09:52 AM IST
सीसीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फाइल सीसीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फाइल

लखनऊ/इलाहाबाद. पिछले 5 साल में हुई यूपी लोकसेवा आयोग की तरफ से की गई भर्तियों की सीबीआई जांच शुरू हो गई है। यूपी लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) भर्ती घोटाले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो (शाखा-1) ने पीई (प्रारंभिक जांच) शुरू कर दी है। बधुवार को एसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में दिल्ली से एक टीम लखनऊ पहुंची।


-टीम ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार व नियुक्ति विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि दिल्ली सीबीआई की टीम ने यूपी लोक सेवा आयोग भर्ती मामले में पीई दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सीबीआई की टीम ने उनसे बुधवार को मुलाकात भी की।


कोर्ट में दायर की गई थी याचिका

-पिछले 5 साल में हुई यूपी लोकसेवा आयोग की तरफ से भर्तियों की सीबीआई जांच के मामले में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने पूछताछ पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था- सीबीआई इस मामले की जांच कर सकती है, लेकिन अगले आदेश तक आयोग के अफसरों को समन जारी कर पूछताछ नहीं कर सकती है।

-9 जनवरी को हुई सुनवाई में सहायक सॉलीसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश ने कहा- वह आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों से इस बीच कोई पूछताछ नहीं करेंगे। यह आदेश चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस सुनीत कमार ने यूपी लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया गया था।

सपा सरकार में हुई थी भर्तियां

-सपा शासनकाल में 31 मार्च 2012 से लेकर 31 मार्च 2017 के बीच हुई लगभग 20 हजार भर्तियां सीबीआई जांच के दायरे में हैं। इसमें पीसीएस से लेकर डॉक्टर और इंजीनियर तक के पद शामिल हैं।
-आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर ये भर्तियां की गई है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में मनमानी की गई और डॉक्टर, इंजीनियरों की भर्ती में एक वर्ग को भर्ती करने में भी खेल किया गया।

कैबिनेट ने पास किया था प्रस्ताव

-इससे संबंधित लगभग 700 मामले विभिन्न अदालतों में लंबित पड़े हैं। इन सबको देखते हुए सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
-सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपीपीएससी की जांच के लिए कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराया था, जिसके बाद अगस्त में गृह विभाग ने इसे केंद्र सरकार को भेज दिया था।
-इससे पूर्व राज्य सरकार पर भर्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद में प्रतियोगी छात्रों की ओर से कई बार प्रदर्शन किए गए थे।

फाइल। फाइल।