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UPPCS चेयरमैन और आयोग के सदस्यों से CBI की पूछताछ पर रोक, 18 जनवरी को सुनवाई

हाईकोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 18 जनवरी को तय की है।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 11:04 AM IST
अगले आदेश तक सीबीआई यूपीपीएससी के चेयरमैन और सदस्यों से पूछताछ नहीं कर सकती है। अगले आदेश तक सीबीआई यूपीपीएससी के चेयरमैन और सदस्यों से पूछताछ नहीं कर सकती है।

इलाहाबाद. पिछले 5 साल में हुई यूपी लोकसेवा आयोग की तरफ से भर्तियों की सीबीआई जांच के मामले में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने पूछताछ पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा- सीबीआई इस मामले की जांच कर सकती है, लेकिन अगले आदेश तक आयोग के अफसरों को समन जारी कर पूछताछ नहीं कर सकती है। इसके साथ ही याचिका पर केन्द्र, राज्य सरकार और सीबीआई से एक हफ्ते में जवाब मांगा है। वहीं, इस मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को तय की गई है। 9 जनवरी को हुई थी सुनवाई...

- 9 जनवरी को हुई सुनवाई सहायक सॉलीसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश ने कहा- वह आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों से इस बीच कोई पूछताछ नहीं करेंगे। यह आदेश चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस सुनीत कमार ने यूपी लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया गया।

- याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील ने कहा- लोकसेवा आयोग एक संवैधानिक संस्था है। इसकी जांच नहीं कराई जा सकती है।
- राज्य सरकार के अपर अधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा- 31 जुलाई 2017 को आदेश को याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। राज्य सरकार के अनुरोध पर 21 नवंबर 2017 को सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी की गई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संशोधन अर्जी के मार्फत 31 जुलाई के आदेश को चुनौती देने की छूट दी है।

कोर्ट ने पूछे ये सवाल

- कोर्ट ने राज्य सरकार से ये भी पूछा- सीबीआई जांच की संस्तुति भेजने के लिए क्या तथ्य है। कोर्ट ने ये भी पूछा कि सीबीआई जांच करेगी या इस मामले की विवेचना। यदि विवेचना करेगी, तो क्या प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी भी कर सकती है।
- इस पर मनीष गोयल ने कहा, सीबीआई पहले प्रारंभिक जांच करेगी, फिर एफआईआर दर्ज कर विवेचना करेगी। कोर्ट ने कहा- अगले आदेश तक जांच कर सकती है, लेकिन आयोग के सदस्यों और चेयरमैन से पूछताछ नहीं कर सकती।

इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 18 जनवरी तय की गई है। इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 18 जनवरी तय की गई है।