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HC News: प्रमुख सचिव बताएं, अस‍िस्टेंट टीचर्स को ट्रेन‍िंग की छूट होगी या नहीं-हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा यूपी एवं बीएसए पीलीभीत से हलफनामा मांगा है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jan 16, 2018, 08:30 PM IST

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    फाइल।

    इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा यूपी एवं बीएसए पीलीभीत से हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि अनिवार्य शिक्षा कानून में हुए संशोधन के तहत 31 मार्च 2015 को कार्यरत प्राइमरी स्कूल के सहायक अध्यापकों को 4 साल में प्रशिक्षण प्राप्त करने की छूट का लाभ मिलेगा कि नहीं। कोर्ट ने 2 फरवरी तक हलफनामा मांगा है और स्पष्ट किया है कि इस छूट का लाभ शिक्षामित्र से बने सहायक अध्यापक बने अध्यापकों को मिलेगा अथवा नहीं। कोर्ट ने बीएसए पीलीभीत को कहा है कि वह याची को 20 सितंबर 2017 के शासनादेश के तहत 10 हजार प्रतिमाह मानदेय पर नियुक्ति का आदेश पारित करे।


    -यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने शिक्षामित्र खडक सिंह की याचिका पर दिया है। कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने के आदेश के खिलाफ फैसले के बाद केन्द्र सरकार ने कानून में संशोधन किया।

    -इसके तहत अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 की धारा 23 (2) में संशोधन कर यह व्यवस्था दी कि 31 मार्च 2015 को गैर प्रशिक्षित अध्यापकों को 4 चार साल में ट्रेनिंग प्राप्त करने की छूट होगी।

    -याची का कहना है कि वह 2 अगस्त 14 को शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बना और 26 जून 2015 को नियुक्ति रद्द हुई। 31 मार्च 15 को वह सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत था। इसलिए उसे 4 साल यानी 25 अगस्त 21 तक काम करने का अधिकार है।

    2. प्रमुख सचिव राजस्व को अवमानना नोटिस


    इलाहाबाद. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रमुख सचिव राजस्व यूपी डॉ. रजनीश दूबे को अवमानना नोटिस जारी की है और 4 हफ्ते में स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही की जाए। प्रमुख सचिव पर कोर्ट आदेश की जान-बूझकर अवहेलना का आरोप है। यह आदेश न्यायमूर्ति यशवन्त वर्मा ने विकास सोनी की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह ने बहस की।


    मालूम हो कि ललितपुर जिले में लेखपाल के 83 पदों की भर्ती का विज्ञापन निकाला गया। 54 पदों की भर्ती का परिणाम घोषित हुआ, लेक‍िन आरक्षित श्रेणी के 29 पदों को बैकलाग में रख दिया गया। जिस पर दाखिल याचिका पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को निर्णय लेने का निर्देश दिया। पालन न होने पर अवमानना कोर्ट ने एक मौका देते हुए छह हफ्ते में निर्णय लेने का निर्देश दिया। पालन न होने पर दुबारा याचिका दाखिल की गई है।

    3. तीन गांव सभाओं को नगर पालिका परिषद में शामिल करने को चुनौती

    इलाहाबाद. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हमीरपुर जिले की तीन ग्राम पंचायतों फतेेहपुर, सिचैली व सगौल को मौदहा नगर पालिका परिषद में शामिल करने के खिलाफ याचिका पर चुनाव आयोग व चेयरमैन नगर पालिका परिषद को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी की है और याचिका पर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी।


    -यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवन्त वर्मा की खंडपीठ ने राकेश कुमार व दो अन्य की जनहित याचिका पर दिया है।

    -याची के वरिष्ठ अधिवक्ता वजाहत हुसैन खां, ग्राम प्रधानों के अधिवक्ता रामानुज पाण्डेय, परिषद के वरिष्ठ अधिवक्ता एचएन सिंह व सन्तराम शर्मा तथा अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पाण्डेय ने बहस की।

    -याची का कहना है कि ग्राम प्रधान की अवधि अभी पूरी नहीं हुई है। बिना पब्लिक नोटिस दिये ग्राम पंचायत की राय बिना लिए गांव सभाओं को परिषद में शामिल कर लिया गया।

    -याचिका में 26 दिसम्बर 17 की अधिसूचना को चुनौती दी गयी है। परिषद के अधिवक्ता का कहना था कि परिषद के चेयरमैन व तीन सदस्य इन्हीं ग्राम पंचायतें के हैं। तीन याचियों के अलावा किसी को आपत्ति नहीं है। परिषद के वार्डों का चुनाव हो चुका है।

    -कोर्ट ने सरकार से जानना चाहा कि गांव सभाओं के पालिका परिषद में शामिल करने की क्या प्रक्रिया अपनायी गयी। पूरी जानकारी मांगी है।


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    स‍िम्बोल‍िक।

    4. रिहायशी एरिया में शराब की दुकान पर निर्णय का निर्देश


    इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी जिले में रिहायशी इलाके में शराब की दुकान हटाने की मांग में दाखिल जनहित याचिका यह कहते हुए निस्तारित कर दी कि याची संबंधित अधिकारी के समक्ष अर्जी दे वह अधिकारी नियमानुसार इस पर निर्णय ले। यह आदेश चीफ जस्टिस डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने व्यासमुनि की जनहित याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता शिवम यादव का कहना था कि शासनादेश के तहत राजमार्ग, धार्मिक स्थल, स्कूल, अस्पताल व रिहायशी एरिया से शराब की दुकान पांच सौ मीटर दूर होनी चाहिए किन्तु मैनपुरी के रामपुर कस्बे में रिहायशी कालोनी से 50 मीटर की दूरी पर शराब की दुकान स्थापित कर शासनादेश का उल्लंघन किया गया है। इसलिए यह दुकान हटायी जाए।


    5. बीआरडी मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड जलने की न्यायिक जांच की मांग
    इलाहाबाद. पूर्वांचल के जिलों में इंसेफ्लाइटिस बीमारी से बच्चों की मौत मामले की बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर के रिकार्ड जलकर नष्ट हो जाने की न्यायिक जांच कराने की मांग में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दायर की गयी है। अधिवक्ता सुनीता शर्मा ने अपनी विचाराधीन जनहित याचिका में पूरक हलफनामा दाखिल कर रिकार्ड जलने पर आपराधिक षडयंत्र की आशंका जाहिर करते हुए दोषियों का पता लगाकर कार्रवाई करने की मांग की है। याची का कहना है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव की मेडिकल कालेज की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश हो चुकी है। जुलाई 18 में बरसात होने के बाद फिर से वहां महामारी फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। कहा गया है कि लापरवाह अधिकारियों को बचाने के लिए रिकार्ड जला दिए गए हैं। इसकी निष्पक्ष जांच की जाए।

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