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HC NEWS: धोखाधड़ी-भ्रष्टाचार मामले में लेखपालों की गिरफ्तारी पर रोक

लेखपालों की गिरफ्तारी पर रोक रिपोर्ट पेश होने तक रहेगी। आरोपियों को जांच में सहयोग देने का कोर्ट ने निर्देश दिया हैैै।

Danik Bhaskar | Feb 08, 2018, 11:21 PM IST

इलाहाबाद. हाईकोर्ट ने मेरठ के रविदत्त शर्मा, गुरूदेव सिंह, रघुवंश शर्मा व दो अन्य लेखपालों की धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। लेखपालों की गिरफ्तारी पर रोक पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक रहेगी। आरोपियों को जांच में सहयोग देने का कोर्ट ने निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने दिल्ली गेट थाने में दर्ज इस मामले की विवेचना तीन महीने में पूरी करने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति एसी शर्मा की खंडपीठ ने रविदत्त शर्मा व कई अन्य लेखपालों की याचिका पर दिया है। लेखपालों का कहना था कि उन पर मनगढ़ंत और निराधार आरोप लगाये गए हैं। याचियों को परेशान करने की नियत से प्राथमिकी दर्ज करायी गई है। इसे रद्द किया जाए।


2. दस हजार हर्जाने के साथ सरकार को जवाब का मिला समय
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ कृषि सेवाएं-ग्रेड 2 प्राविधिक सहायक परीक्षा 2013 में चयनित अभ्यर्थियों के श्रेणीवार पदों की संख्या में बदलाव के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार को 10 हजार हर्जाना जमाकर 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने 5 हजार हर्जाने के साथ जवाबी हलफनामा मांगा था। पालन न करने पर हर्जाना राशि दोगुनी कर दी गई है। कोर्ट ने कहा है कि फिर भी हलफनामा दाखिल नहीं हुआ तो प्रमुख सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति को तलब करने पर विचार करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला ने कुशीनगर के दिलीप कुमार की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता का कहना है कि लोक सेवा आयोग इलाहाबाद के सचिव ने जवाब दाखिल कर कहा है कि उनका काम परीक्षा कराना है। विभागों की रिक्ति निर्धारण का काम राज्य सरकार का है। राज्य सरकार द्वारा कई बार समय देने के बावजूद जवाब दाखिल न करने पर कोर्ट ने कड़ा रूख अपनाया है। सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।