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इस गांव पर है एक नागिन का श्राप, अगर घर में दरवाजा लगाया तो...

प्रतापगढ़ के सूड़ेमऊ गांव के लोग अपने घरों में दरवाजे नहीं लगाते।

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 10:01 AM IST
ग्रामीणों का मानना है कि अगर घर में दरवाजा लगवाया तो कोई अनहोनी होना तय है। (डेमो फोटो) ग्रामीणों का मानना है कि अगर घर में दरवाजा लगवाया तो कोई अनहोनी होना तय है। (डेमो फोटो)

प्रतापगढ़. यूपी में एक गांव ऐसा है, जहां घरों में दरवाजे नहीं होते। लोगों का मानना है कि अगर घर में दरवाजा लगवाया तो कोई न कोई अनहोनी होना तय है। ना तो उन्हें चोरी-डकैती का डर है और ना ही सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है। ग्रामीणों के मुताबिक, आज तक गांव में चोरी-डकैती की कोई घटना नहीं हुई। उन्हें विश्वास है कि नागदेवता उनके घरों की रक्षा करते हैं। नागिन के श्राप से जुड़ा ये रहस्य…

- मामला यूपी के प्रतापगढ़ जिले का है। यहां के सूड़ेमऊ गांव में कई दशक से एक प्रथा चली आ रही है। इस गांव के लोग अपने घरों में दरवाजा नहीं लगाते। लोगों का मानना है कि ये गांव 100 साल से ज्यादा समय से एक श्राप से प्रभावित है, जिसके कारण यहां घरों में दरवाजा नहीं लगाया जाता है।

दरवाजे से दबकर मर गया थी नागिन

- गांव के ही रहने वाले संजय के मुताबिक- "पूर्वजों के जमाने से एक प्रथा चली आ रही है। मैंने अपने पूर्वजों से एक बात सुनी थी कि बहुत साल पहले गांव के घर में एक नागिन दरवाजे के बीच दबकर मर गई थी। तब उस नागिन ने श्राप दिया था कि जो भी अपने घर में दरवाजे लगाएगा वो बर्बाद हो जाएगा।"

आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है इस गांव के लोगों का मानना...

House without doors due to Cobra Curse on Sudemau in Pratapgarh

दरवाजा लगाया तो नहीं चलेगा वंश

 

- गांव के बुजुर्ग रामचंद्र का कहना है कि- "गांव में कुछ लोगों ने काफी साल पहले इस प्रथा को तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन उनके साथ अनहोनी हो गई। एक दो लोगों का वंश ही खत्म हो गया। इन सब घटनाओं के बाद लोगों के दिल में यह बात घर कर गई कि दरवाजा लगाया तो अनहोनी तय है।"

 

एक दो अनहोनी हुई तो पक्का हो गया विश्वास

 

- गांव के ही विजय मिश्र ने बताया कि- "गांव के एक व्यक्ति ने इसके विपरीत जाकर अपने घर में दरवाजे लगाए तो उसके यहां कोई अनहोनी हो गई, फिर उसने तुरन्त घर से दरवाजे निकलवा दिए। उसके बाद गांव के लोगों की प्रथा ही बन गई कि घरों में दरवाजे नहीं लगाना है।"

House without doors due to Cobra Curse on Sudemau in Pratapgarh

नई पीढ़ी नहीं मानती ये अन्धविश्वास

 

- गांव के युवा इसे अंधविश्वास करार देते हैं। बीए के छात्र अतुल का कहना है कि "नागिन का दरवाजे से दबकर मरना एक संयोग था और उसके बाद किसी के घर में घटी अप्रिय घटना भी एक इत्तेफाक हो सकता है।" इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई करने वाले गांव के ही अमित भी इसे सही नहीं मानते। उनका कहना है कि "श्राप के डर से दरवाजा न लगाना सही नहीं है, लेकिन बड़े-बुजुर्गों के आदेश के आगे उन्हें मजबूर होना पड़ता है।"

 

क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक?

 

- इस बारे में पूर्व क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी और इतिहासकार डॉ. पीयूषकांत शर्मा का कहना है कि "ग्रामीणों में लंबे समय से चले आ रहे इस अंधविश्वास के कारण ये प्रथा बन गई है। नागिन का मरना और इससे गांव में दरवाजा ना लगाना इसका कोई कनेक्शन नहीं दिखता। किसी के यहां यदि कोई अनहोनी हुई भी होगी तो ये महज एक संयोग ही माना जाएगा। गांव के पढ़े-लिखे जागरूक लोगों को आगे आना चाहिए और इस अंधविश्वास से गांव को मुक्ति दिलाना चाहिए।"

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ग्रामीणों का मानना है कि अगर घर में दरवाजा लगवाया तो कोई अनहोनी होना तय है। (डेमो फोटो)ग्रामीणों का मानना है कि अगर घर में दरवाजा लगवाया तो कोई अनहोनी होना तय है। (डेमो फोटो)
House without doors due to Cobra Curse on Sudemau in Pratapgarh
House without doors due to Cobra Curse on Sudemau in Pratapgarh
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