--Advertisement--

इलाहाबाद HC बार एसोसिएशन चुनाव का परिणाम घोषित, आई के चतुर्वेदी बने अध्यक्ष

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लिए मतदान 20 दिसंबर को हुआ था। जिसमें 6639 वोट पड़े थे।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 11:21 AM IST
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी की कमान इंद्र कुमार चतुर्वेदी (आईके चतुर्वेदी) के हाथों में रहेगी। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी की कमान इंद्र कुमार चतुर्वेदी (आईके चतुर्वेदी) के हाथों में रहेगी।

इलाहाबाद. हाइकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया। इस बार सीनियर एडवोकेट आईके चतुर्वेदी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी एवं निवर्तमान अध्यक्ष अनिल तिवारी को 1228 मतों से करारी शिकस्त दी। वहीं, महासचिव के पद के मुकाबले में अविनाश चंद्र तिवारी ने 1577 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी जितेंद्र बहादुर सिंह को 321 मतों से पराजित कर दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर पहली बार चुनाव लड़कर विजयी घोषित हुए इंद्र कुमार चतुर्वेदी ने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। DainikBhaskar.com से बातचीत करते हुए आईके चतुर्वेदी ने बताया कि वह कैसे इस मुकाम तक पहुंचे है।

इन सवालों का दिया जवाब

Q: इस जीत का श्रेय किसे देना चाहेंगे?
A: निश्चित तौर पर अपने सीनियर एवं जूनियर अधिवक्ता, साथियों और फैमिली को।

Q: हाई कोर्ट के एडवोकेट के लिए कौन सी प्लानिंग करके आप यहां तक आए हैं, आगे क्या योजना होगी?
A: हाईकोर्ट परिसर की स्वच्छता, सभी जूनियर और सीनियर अधिवक्ताओं की जरूरतों के मुताबिक, वाहनों की पार्किंग व्यवस्था होगी। बार और बेंच के बीच व्याप्त दूरी को खत्म करने का प्रयास करेंगे। अधिवक्ता हितों में मिलने वाले पैसे का सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने की व्यवस्था करने की योजना है जिसे क्रियान्वित कराऊंगा।

Q: आप कहां के रहने वाले हैं और शिक्षा-दीक्षा कहां हुई है।
A: मैं बुंदेलखंड में चित्रकूट जनपद के नादिन तोरा, राजापुर का रहने वाला हूं। प्रारम्भिक शिक्षा दीक्षा गांव से हुई। इसके बाद ग्रेजुएशन और एलएलबी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से किया।

आगे कि स्लाइड्स में पढ़िए आई के चतुर्वेदी के परिवार के बारे में...

Q: आपके परिवार में कौन-कौन हैं?
A: परिवार में मेरी पत्नी साधना चतुर्वेदी है और 3 बच्चे हैं। बड़ी बेटी समीक्षा चतुर्वेदी और बेटा सौरव चतुर्वेदी लॉ के स्टूडेंट है। सबसे छोटी बेटी प्रतीक्षा चतुर्वेदी अभी इंटरमीडिएट में पढ़ती है।

 

 

 

Q: पारिवारिक स्थिति कैसी रही?
A: मैं एक किसान का बेटा हूं। जब मैं 3 साल का था तब मेरे पिताजी स्वर्गीय नरोत्तम दास चतुर्वेदी निधन हो गया था। फिर मां ने मुझे पाल-पोस कर इस काबिल बनाया। वकालत के पेशे में बहुत संघर्ष करके इस स्थान पर पहुंचा हूं, इसलिए निचले तबके से लेकर शीर्ष नेतृत्व के अधिवक्ताओं के हितों के लिए अब तक लड़ता रहा हूं।

 

 

 

Q: इलाहाबाद हाईकोर्ट में आप कब से वकालत कर रहे हैं?
A: साल 1990 से इससे पहले मैंने 1987 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी करने के बाद 2 साल तक चित्रकूट में वकालत की उसके बाद हाईकोर्ट आया तब से यहीं प्रैक्टिस कर रहा हूं।

 

 

 

 

आगे कि स्लाइड्स में पढ़िए  आई के चतुर्वेदी के उपलब्धियों के बारे में...

Q : अब तक कितने चुनाव लड़ चुके हैं और कितने चुनाव में विजय मिली है?
A: मैं अब तक कुल 5 चुनाव लड़ा हूं और पांचों चुनाव पहली बार में जीता हूं। यह इलाहाबाद हाईकोर्ट के इतिहास में रिकॉर्ड है।

 

 

 

 

Q: कौन-कौन से पद के लिए आप चुनाव लड़े और जीते?
A: पहली बार इलाहाबाद बार एसोसिएशन के चुनाव में वर्ष 1998 में जॉइंट सेक्रेटरी एडमिन के पद पर लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद साल 2003 सेक्रेटरी, 2012 में  बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के वाइस चेयरमैन का चुनाव लड़कर जीता। इसी पद पर दोबारा साल 2017 के चुनाव में दो लोगों को बराबर मत मिले थे। मेरा और शिरीष मल्होत्रा का मत बराबर था, क्योंकि शिरीष महरोत्रा जूनियर थे तो मुझे लगा कि हमारा आपसी मेल बना रहे इसलिए मैंने अपनी इच्छा से वह पद शिरीष महरोत्रा को दे दिया था।

 

 

 

 

Q: बतौर वाइस प्रेसिडेंट आपकी उपलब्धि क्या रही?
A: पूरे देश में इकलौता यूपी बार काउंसिल ही ऐसा है, जिसके अधिवक्ताओं को मिनिमम 5 साल की प्रैक्टिस के बाद यदि डेथ और एक्सीडेंट हो जाता है तो, उसे 5 लाख रूपय की सहायता मिलती है। ऐसी व्यवस्था और कहीं नहीं है। हमने पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मिलकर अधिवक्ता हितों के लिए यह घोषणा करवाई थी।

Q: वर्तमान में किस काम को आप प्रायोरिटी से करना चाहेंगे?
A:  भ्रष्टाचार का खात्मा, फाइनेंसियल मैनेजमेंट में पारदर्शिता, इलाहाबाद हाईकोर्ट के अंदर महिला अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के लिए मूलभूत सुविधाएं, वकील वेलफेयर स्कीम यूनिवर्सल रूल के तहत बनाने की योजना है। जिसे तत्काल से शुरू कराना चाहता हूं।

 

 

 

Q: नए अधिवक्ताओं के हित मे क्या करेंगे?
A: वकालत में बहुत संघर्ष के बाद पैसा है। मेरा तो बचपन ही संघर्ष में बीता है, बिना घर की मदद लिए ही ट्यूशन पढ़ाकर अपनी LLB तक की पढ़ाई पूरी की है। उसके बाद सीनियर्स के साथ रहकर मेहनत की तब जाकर यहां पहुंचा। नई अधिवक्ताओं के सामने निष्ठा के साथ अपनी पहचान बनाना और साथ में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाना भी एक चुनौती होती है, इसीलिए वकील वेलफेयर स्कीम की मेरी योजना है। जिसके तहत जूनियर और सीनियर दोनों तरह के अधिवक्ताओं के हितों के लिए हम एक रूपरेखा तय करेंगे।

 

 

 

इन पदों पर ये हुए विजयी

1: अध्यक्ष-  आई के चतुर्वेदी( इंद्र कुमार चतुर्वेदी)
2: महासचिव:  एसी तिवारी (अनुराग चन्द्र तिवारी)
3: वरिष्ठ उपाध्यक्ष-  आर एन ओझा।
4: सयुंक्त सचिव- प्रशांत सिंह।

 

 

 

 

 

विजय प्रतिभागियों को अधिवक्ताओं ने दी बधाई
- इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के विजय पदाधिकारियों को वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी तिवारी, मनीष द्विवेदी, रविंद्र कुमार त्रिपाठी, मुकेश पांडे, एके ओझा, श्यामाचरण त्रिपाठी समेत सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हार्दिक बधाई दी है।