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दिलीप सरोज हत्याकांड: पीड़‍ित परिजन से मिले वकील, बोले फ्री में देंगे कानूनी मदद

इलाहाबाद. वकीलों ने सरकार से मृतक के परिवार को 50 लाख देने, घटना की हाईकोर्ट जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 09:06 PM IST

इलाहाबाद. हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं की एक टीम पूर्व अपर महाधिवक्ता कमल सिंह यादव के नेतृत्व में प्रतापगढ़, भुलसा गांव में विधि छात्र दिलीप सरोज के परिवार से मिला और परिवार को निःशुल्क कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया। वकीलों ने दिलीप के पिता राम लाल और भाई महेश चंद्र सहित परिवार से मिल कर हर सम्भव कानूनी मदद देने का आश्वासन दिया। वकीलों ने राज्य सरकार से मृतक छात्र के परिवार को 50 लाख देने और घटना की हाईकोर्ट जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की है। बता दें, कुछ दबंगों ने पीट पीट कर दिलीप को अधमरा कर दिया था, अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। वकीलों की टीम में राम सूरत सरोज, शिवबरन सिंह, नवीन कुमार, रणजीत सिंह, मदन लाल, उत्तम यादव आदि शामिल थे।

2. अवैध खनन मामले में जिलाधिकारी हुए हाजिर
इलाहाबाद. हंडिया में गंगा बालू के अवैध खनन के मामले में इलाहाबाद के जिलाधिकारी सुहास एल.वाई मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पेश हुए। डीएम की ओर से अपर महाधिवक्ता अमित सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार का अवैध खनन नहीं हो रहा है।

बता दें, पहले अवैध खनन के मामले में जांचोपरान्त शिकायतकर्ता की अर्जी पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। फाइनल रिपोर्ट लगने से खफा कोर्ट ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट कैसे लगे। इस पर कहा गया कि फिर से जांच करने के आगे की कार्यवाही की जा रही है। मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले और सुनीत कुमार ने कहा कि यह दुखद है कि अवैध खनन में वकील शामिल हैं। यदि ऐसा है तो वकालत के अलावा वकील कोई अन्य व्यवसाय कैसे कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि जिलाधिकारी कल तक कोर्ट में हलफनामा दें कि वहां खनन को लेकर उनके द्वारा अन्य कार्रवाई की गयी। अवैध खनन पर उनकी रोक पर उनका क्या प्रस्ताव है। मामले की सुनवाई वृहस्पतिवार को होगी।