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इस शख्स को इसलिए बुलाते हैं मौनी बाबा, 50 बार ले चुका है भू-समाधि

इलाहाबाद. माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ हुई। 50 बार भू-समाधियां ले चुका एक बाबा आकर्षण बना रहा।

Dainik Bhaskar

Jan 02, 2018, 04:21 PM IST
बाबा शिव योगी मौनी स्वामी ने शरीर पर 10 किलो वजन की 5 हजार से ज्यादा रुद्राक्ष की माला पहन रखी है। बाबा शिव योगी मौनी स्वामी ने शरीर पर 10 किलो वजन की 5 हजार से ज्यादा रुद्राक्ष की माला पहन रखी है।

इलाहाबाद(यूपी). माघ मेले की शुरुआत मंगलवार को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ हुई। 12℃ की कड़ाके की ठंड में भी लाखों श्रद्धालु तट पर स्नान करने पहुंचे। वहीं, संत-महात्माओं की भीड़ भी उमड़ी रही। इस दौरान 10 किलो वजन की 5 हजार से ज्यादा रुद्राक्ष की माला शरीर पर पहने एक बाबा आकर्षण का केंद्र बना रहा। DainikBhaskar.com इनके बारे में बता रहा है।

इसलिए बुलाते हैं मौनी बाबा

- बाबा का पूरा नाम शिव योगी मौनी स्वामी है। इनका जन्म प्रतापगढ़ के पट्टी क्षेत्र में हुआ। यहीं पर शिक्षा-दीक्षा हुई।

- इसके बाद मुंबई में जीविकोपार्जन के लिए गए। फिर वहीं सांसारिक जीवन से विरक्त होकर इन्होंने सन्यास धारण कर लिया। 14 साल मौन व्रत में रहे हैं, इसलिए लोग इन्हें मौनी बाबा के नाम से बुलाते हैं।

- शिव योगी बताते हैं, ''अब तक कुल 50 बार भू-समाधि ले चुके हैं। नेपाल में 45 दिन तक ली थी। इसपर महाराज वीरेंद्र विक्रम शाह ने 11000 रुद्राक्ष और चंद्र मुकुद भेंट भी की।
- ''शरीर पर 5 हजार से ज्यादा रुद्राक्ष की मालाएं हैं, जो संत महात्माओं तो कभी ऋषि-मुनियों और अन्य लोगों से दान में मिली हुई हैं।''
- ''किसी अनुष्ठान और पूजन के समय हमेशा पहनते हैं। गंगा पूजन हो या किसी मंच पर संबोधन करना हो बिना इसके नहीं जाते हैं।''

50 बार ले चुके हैं भू-समाधि
- पशुपतिनाथ मंदिर के पास में 41 दिन की।
- महाकुंभ नाशिक में 2 बार 41-41 दिन की।
- पुणे में एक बार भू-समाधि 41 दिन की।
- दिल्ली में एक बार 41 दिन की।
- कोलकाता में एक बार 41 दिन की।
- लखनऊ में एक बार 41 दिन की।
- रायबरेली में 2 बार 41-41 दिन की।
- टीकर आश्रम में एक बार 41 दिन की।
- इसी तरह अलग-अलग जगहों पर कुल 50 भू-समाधियां ले चुके हैं।

8 बार जल-समाधियां भी ली
- आश्रम के सरोवर में 11 दिन की जल समाधि।
- नाशिक में 2001 में 9 दिन की 6 जल समाधियां।
- इसी तरह अन्य जगहों पर कुल 8 जल समाधि ली है।

संगम तट पर करेंगे 51 हजार दीपों की महाआरती
- बाबा का कहना है, ''भगवान भूतनाथ को समर्पित कर ग्यारह हजार रुद्राक्ष, सर्व सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए संकल्पित अनुष्ठान के साथ 1 लाख 51 हजार आहुति, सवा लाख दीप प्रज्वलन, 33 हजार श्रीसूक्ति का पाठ, 33 हजार कनकधारा का पाठ, दुर्गा सप्तशती का पाठ और महा रुद्राभिषेक आदि का अनुष्ठान मास पर्यंत चलेगा।''
- ''यह अनुष्ठान अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए किया जाएगा। आज संगम स्नान के बाद मां गंगा से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मन्नत मांगी। एक महीने तक आश्रम में 1 लाख 51 हजार दीपों का प्रज्वलन होगा। 51 हजार दीपों से संगम तट पर गंगा महाआरती करेंगे।''

पौष पूर्णिमा पर स्नान करने अपनी टोली के साथ संगम तट पहुंचे। पौष पूर्णिमा पर स्नान करने अपनी टोली के साथ संगम तट पहुंचे।
शिव योगी बताते हैं- 14 साल मौन व्रत में रहे हैं, इसलिए लोग इन्हें मौनी बाबा के नाम से बुलाते हैं। शिव योगी बताते हैं- 14 साल मौन व्रत में रहे हैं, इसलिए लोग इन्हें मौनी बाबा के नाम से बुलाते हैं।
शिव योगी बताते हैं- राम मंदिर निर्माण के लिए एक महीने तक आश्रम में 1 लाख 51 हजार दीपों का प्रज्वलन होगा। 51 हजार दीपों से संगम तट पर गंगा महाआरती करेंगे। शिव योगी बताते हैं- राम मंदिर निर्माण के लिए एक महीने तक आश्रम में 1 लाख 51 हजार दीपों का प्रज्वलन होगा। 51 हजार दीपों से संगम तट पर गंगा महाआरती करेंगे।
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बाबा शिव योगी मौनी स्वामी ने शरीर पर 10 किलो वजन की 5 हजार से ज्यादा रुद्राक्ष की माला पहन रखी है।बाबा शिव योगी मौनी स्वामी ने शरीर पर 10 किलो वजन की 5 हजार से ज्यादा रुद्राक्ष की माला पहन रखी है।
पौष पूर्णिमा पर स्नान करने अपनी टोली के साथ संगम तट पहुंचे।पौष पूर्णिमा पर स्नान करने अपनी टोली के साथ संगम तट पहुंचे।
शिव योगी बताते हैं- 14 साल मौन व्रत में रहे हैं, इसलिए लोग इन्हें मौनी बाबा के नाम से बुलाते हैं।शिव योगी बताते हैं- 14 साल मौन व्रत में रहे हैं, इसलिए लोग इन्हें मौनी बाबा के नाम से बुलाते हैं।
शिव योगी बताते हैं- राम मंदिर निर्माण के लिए एक महीने तक आश्रम में 1 लाख 51 हजार दीपों का प्रज्वलन होगा। 51 हजार दीपों से संगम तट पर गंगा महाआरती करेंगे।शिव योगी बताते हैं- राम मंदिर निर्माण के लिए एक महीने तक आश्रम में 1 लाख 51 हजार दीपों का प्रज्वलन होगा। 51 हजार दीपों से संगम तट पर गंगा महाआरती करेंगे।
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