Hindi News »Uttar Pradesh »Allahabad» Makar Sankranti Celebration In Allahabad

टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, मकर संक्रांति पर 1.55 Cr श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

सोमवार को सूर्यास्त के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश किया। इसी के साथ मकर संक्रांति का पर्व शुरू हो गया।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 15, 2018, 08:41 PM IST

  • टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, मकर संक्रांति पर 1.55 Cr श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
    +4और स्लाइड देखें
    मकर संक्रांति स्नान रविवार को सूर्यास्त के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर गया। इसी के साथ पर्व शुरू हो गया, जो सोमवार तक चला।

    इलाहाबाद(यूपी).माघ मेले के दूसरे मुख्य स्नान पर्व मकर संक्रांति पर 1.55 करोड़ श्रद्धालुओं आस्था की डुबकी लगाई। इस बार यह स्नान दो दिन तक हुआ। रविवार को 75 लाख और सोमवार को 80 लाख लोगों ने एक साथ संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर स्नान किया। मेला प्रभारी राजीव राय के मुताबिक, इस बार पिछले 6 साल का रिकॉर्ड टूटा है। दो दिन तक चला मकर संक्रांति पर्व का स्नान...

    - 14 जनवरी को सूर्यास्त के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर गया। इसी के साथ मकर संक्रांति का पर्व शुरू हो गया, जो सोमवार तक चला। सुबह 3 बजे से ही लोग स्नान करने पहुंचते रहे।

    - पर्व मनाने के लिए घरों-मठों में तैयारियां की गई। लोग पुण्य की डुबकी लगाने के बाद तिल के लड्डू, खिचड़ी आदि का दान किया गया। इस दौरान पतंगबाजी भी जमकर देखने को मिली।

    - श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चाकचौबंद व्यवस्था गई थी। कमांडो आरएएफ के जवान मुस्तैदी से चप्पे-चप्पे पर तैनात थे।

    - पुलिस, प्रशासन के अतिरिक्त नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवक भी सहयोग के लिए स्नानघाटों सहित पूरे मेला क्षेत्र में डटे हैं।

    मकर संक्रांति पर पिछले​ 6 साल का रिकॉर्ड टूटा

    सालआकड़ा
    201390 लाख
    201470 लाख
    201573 लाख
    201670 से 75 लाख
    201775 लाख
    20181.55 करोड़


    क्या है विशेष महत्व ?

    - 'प्रयागे माघमासे तु त्र्यहं स्नानरूप यद्धवेत। दशाश्वघसहस्त्रेण तत्फलम् लभते भुवि।।' अर्थात प्रयाग में माघ मास के अन्दर तीन बार स्नान करने से जो फल मिलता है, वो पृथ्वी में 10 हजार अश्वमेध यज्ञ करने से भी प्राप्त नहीं होता है। प्रयाग का धार्मिक, पौराणिक, अलौकिक और आध्यात्मिक महत्व आज के भौतिकवादी युग में भी कम नहीं हुआ है। मन में बैठा पाप का डर और पुण्य, मोक्ष, संकटों से मुक्ति की कामना लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ स्वमेव संगम की ओर खिंची चली आती है। इनमें लाखों श्रद्धालु ऐसे हैं, जो पूरे माघ मास संगम तट पर रह कर स्नान, दान, पूजा, पाठ के साथ धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं को कल्पवासी कहा जाता है।

    - डॉ. त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी, प्राचार्य भारतीय विद्या भवन, ज्योतिष संकाय, इलाहाबाद के अनुसार- ब्रह्मा, विष्णु, महेश, रुद्र, आदित्य तथा मरुद गण माघ मास में प्रयागराज के लिए गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम पर गमन करते हैं। तीर्थ राज प्रयाग में स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने जैसा फल प्राप्त होता है और मनुष्य सर्वथा पवित्र हो जाता है।

    क्या हैं कल्पवास के नियम ?

    - कल्पवास के अपने नियम हैं, जिसमें हमारे जीवन के नियम बनते हैं। वृंदावन से आए स्वामी नित्यानंद गिरी बताते हैं कि हमें क्या खाना चाहिए, कब और क्या करना चाहिए, हमें लोगों के लिए कैसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए, संत के सान्निध्य में कैसे बैठना चाहिए, धार्मिक आयोजनों, कथाओं और यज्ञों में कैसे भागीदार बनना चाहिए, यह सहज ज्ञान कल्पवासी को ही हो पाता है।

    क्या कहना है प्रशासन का ?

    - माघ मेला एसपी नीरज पांडेय के मुताबिक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है, श्रद्धालुओं के स्नान का क्रम सुबह से ही जारी हो गया था।

  • टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, मकर संक्रांति पर 1.55 Cr श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
    +4और स्लाइड देखें
    उदयातिथि होने के चलते स्नानघाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
  • टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, मकर संक्रांति पर 1.55 Cr श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
    +4और स्लाइड देखें
    लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा घाट पर डुबकी लगाने पहुंचे।
  • टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, मकर संक्रांति पर 1.55 Cr श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
    +4और स्लाइड देखें
    स्नान के बाद घाट पर ही पूजा पाठ कर तिल व खिचड़ी का दान भी किया।
  • टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, मकर संक्रांति पर 1.55 Cr श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
    +4और स्लाइड देखें
    संगम तट।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Allahabad News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Makar Sankranti Celebration In Allahabad
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Allahabad

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×