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संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

गंगा घाटों में स्नान के लिए साधु-संतों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ है।

Danik Bhaskar | Jan 14, 2018, 08:40 AM IST
सुबह से स्नान के लिए श्रद्धालु गंगा घाट पहुंच रहे हैं। सुबह से स्नान के लिए श्रद्धालु गंगा घाट पहुंच रहे हैं।

इलाहाबाद/वाराणसी. मकर संक्रांति के स्नान पर्व का उत्साह श्रद्धालुओं में देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड और कोहरे की धुंध के बाद भी गंगा के घाटों में श्रद्धालुओं की भीड़ है। रविवार 14 जनवरी को सुबह से ही संगम समेत प्रयाग क्षेत्र के सभी 16 घाटों पर स्नान दान शुरू हो गया है। मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या स्नान पर्व लगातार पड़ने से श्रद्धालुओं की भीड़ संगम तट पर तीन दिन बनी रहेगी। मकर संक्रांति का प्रमुख स्नान सोमवार को होगा।

सूर्यास्त के बाद सूर्य करेगा मकर राशि मे प्रवेश

-रविवार को सूर्यास्त के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसी के साथ मकर संक्रांति का पर्व शुरू हो जाएगा, जो सोमवार तक चलेगा। पर्व मनाने के लिए घरों-मठों में तैयारियां कर ली गईं हैं। लोग पुण्य की डुबकी लगाने के बाद तिल के लड्डू, खिचड़ी आदि का दान कर रहे हैं। इस दौरान पतंगबाजी भी जमकर देखने को मिल रही है। इसी के साथ खरमास भी खत्म हो जाएगा, लेकिन शुक्र 4 फरवरी को उदय होगा, लिहाजा तभी मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे।


सोमवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा पुण्यकाल

-पंडित नागेश दत्त द्विवेदी का कहना है कि सूर्य मकर राशि में रविवार की रात 7:39 बजे प्रवेश करेगा। संक्रांति का पुण्य काल सोमवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा।
मकर संक्रांति का स्नान पूरे दिन होगा। इस दौरान लोग संगम समेत गंगा के विभिन्न तटों पर स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देंगे। गंगा पूजन करेंगे। पितरों के निमित्त यथा शक्ति तीर्थपुरोहितों को दान भी करेंगे। खिचड़ी का दान करके खिचड़ी खाई जाएगी।

खरमास खत्म लेकिन शुक्रोदय होगा 4 फरवरी को

-सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा, लेकिन शुक्र अस्त होने के कारण मांगलिक कार्य आरंभ नहीं होंगे। शुक्र उदय चार फरवरी को होगा।

उड़द की दाल और चावल की खिचड़ी का किया जाता है दान

-मकर संक्रांति पर्व पर गंगा स्नान के बाद उड़द, चावल, तिल आदि के दान का विशेष महत्व है। पंडित रामनरेश जी के अनुसार शनि की कृपा के लिए ही काला तिल, उड़द की दाल का दान किया जाता है। मान्यता है कि जरूरतमंदों को ऊनी वस्त्र और खिचड़ी खिलाने से बाधाएं दूर होती हैं।

क्या कहते हैं मेला एसपी

-माघ मेला एसपी नीरज पांडेय के मुताबिक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है, श्रद्धालुओं के स्नान का क्रम सुबह से ही जारी हो गया है। पुण्य काल में संख्या और बढ़ेगी।

- ज्योतिषियों के अनुसार, उदयातिथि में मकर संक्रांति होने के कारण पूरे दिन स्नान का शुभ योग और फल मिलेगा।
- मंगलवार को सुबह से मौनी आमवस्या का योग होने के कारण आने वाले तीन दिन प्रशासन और पुलिस के लिए सिरदर्दी बढ़ाने वाले रहेंगे।
- अनुमान है कि इन दिनों में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम और गंगा-यमुना में पुण्य की डुबकी लागएंगे। मंगलवार को सुबह 4:51 बजे अमावस्या लगेगी, जो बुधवार सुबह 7 बजे तक रहेगी। ऐसे में अमावस्या का योग दो दिन होगा।


वाराणसी में भक्तों की भीड़

-वहीं, वाराणसी में मकर संक्रांति पर कड़कड़ाती ठंड भी भक्तों की आस्था डिगा नहीं सकी। मकरसंक्रांती पर्व पर गंगा में डूबकी लगाने के लिए भक्त सुबह से ही घाट पहुंचने लगे हैं। काशी के घाटों पर हजारों लोगों ने गंगा में डूबकी लगा कर दान किया। बढ़ती ठंड के कारण स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है।

-बीएचयू के मौसम वैज्ञानी प्रो.एसएन पाण्डेय ने बताया कि पुरवा हवा और कूलिंग के कारण कोहरा बन रहा है। पछुवा हवा चलने पर ही कोहरे और बादलों से निजात मिल पायेगी। जम्मू-कश्मीर में एक सिस्टम बना हुआ है। जिसका वार्म फ्रंट अगले दो तीन दिन में इधर आयेगा। इसके साथ ही उत्तर पश्चिमी हवाएं भी होंगी जो नमी को खत्मकर देंगी।