इलाहाबाद

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घर-घर केबल लगाता था ये शख्स, आज खुद के स्टार्टअप से कमा रहा 10 Cr

Dainikbhaskar.com से संतोष गुप्ता(42) ने अपनी लाइफ के स्ट्रगल शेयर किए।

Dainik Bhaskar

Jan 21, 2018, 08:00 PM IST
संतोष बताते हैं- 1995 में एनडीए का संतोष बताते हैं- 1995 में एनडीए का

इलाहाबाद(यूपी). संगम नगरी के रहने वाले संतोष गुप्ता(42) कभी 300 रुपए लेकर घर-घर केबल लगाने का काम किया करते थे। लेकिन उन्होंने अपने जुनून से खुद का स्टार्टअप शुरू किया। जिसका सालाना टर्नओवर 10 करोड़ से भी ज्यादा है। फैमिली के खिलाफ जाकर खुद का सपना पूरा किया। Dainikbhaskar.com से उन्होंने अपनी लाइफ के स्ट्रगल शेयर किए। NDA में हुआ सिलेक्शन-लेकिन नहीं मिली जॉब ...

- शहर के सिविल लाइंस में रहने वाले संतोष गुप्ता(42) के पिता हीरालाल गुप्ता रेलवे में सुपरवाइजर थे। मां स्वर्गीय फूलकली हाउसवाइफ थीं।

- पढ़ाई में अव्वल रहे संतोष के 12वीं पास करते ही 1995 में एनडीए का फॉर्म भरा और एग्जाम भी निकाल लिया।

- संतोष बताते हैं, ''ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन रिजर्वेशन की वजह से मेरा नाम वेटिंग लिस्ट में चला गया। इसके बाद मेरा पढ़ाई से मन हट गया।''

- ''घरवालों के दबाव की वजह से 1996 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बीकॉम में एडमिशन ले लिया, लेकिन परीक्षा देने नहीं गया। इस वजह से एक साल खराब हो गया।''

- ''साल 1997 में डिस्टेंस से ग्रेजुएशन किया। इसी बीच खुद का बिजनेस शुरू करने का ख्याल आया।''

- ''किस बिजनेस में प्रॉफिट होगा इसकी समझ नहीं थी और ना ही पैसे थे। घरवाले चाहते थे कि सरकारी जॉब करूं, इसलिए उनसे पैसे की उम्मीद नहीं की।''

- ''फिर मैंने सोचा कि सबसे पहले काम सीखा जाए। इसके बाद पैसे का जुगाड़ देखा जाएगा। उस समय टीवी केबल का बोलबाला था।''

घरवालों से छिपकर केबल का काम सिखा

- यह बताते हैं, ''मुझे भी टीवी आकर्षित किया करता था कि किस तरह से वो वर्क करता है। काम सीखने के लिए घरवालों से छिपकर जाने लगा।''

- ''धीरे-धीरे सारी जानकारियां हासिल की। लोगों का केबल ठीक करने के बदले में 300 रुपए मिलने लगे।''

- ''सीढ़ी उठाकर लोगों के घर जाना और उनकी प्रॉब्लम सॉल्व करना मुझे अच्छा लगने लगा।''

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