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TET-2017 के परिणाम में कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, OMR में गलती करने वालों को नहीं मिलेगी राहत

इलाहाबाद: यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने कंचनबाला व 172 अन्य सहित दर्जनों याचिकाओं पर दिया है।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 08:19 PM IST

इलाहाबाद. हाईकोर्ट ने टीईटी 2017 में ऑप्ट‍िकल मार्क र‍िकगन‍िशन (OMR) सीट में परिणाम घोषित होने के बाद त्रुटि दुरूस्त करने की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि भूल सुधार की अनुमति देने से पूरे चयन प्रक्रिया की सुचिता पर सवाल खड़े होंगे। जब ओएमआर सीट सही और सावधानीपूर्वक भरने का निर्देश दिया गया था तो इसका पालन न करने वालों को मानवीय भूल या त्रुटि सुधार की अनुमति न देना मनमानापूर्ण और अवैधानिक नहीं है। कोर्ट के फैसले से ओएमआर सीट भरने में लापरवाही बरतने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी है। याचिकाओं में सीट की त्रुटियां दुरूस्त कर परिणाम घोषित करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दी है और बोर्ड के फैसले की पुष्टि कर दी है।


-यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने कंचनबाला व 172 अन्य सहित दर्जनों याचिकाओं पर दिया है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे व राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी, डा. राजेश्वर त्रिपाठी व बेसिक शिक्षा परिषद् इलाहाबाद के अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बहस की।

-याचिकाओं में टीईटी 2017 के परिणाम को रद्द करने की मांग की गई थी। घोषित परिणाम में याचियों द्वारा ओएमआर शीट में पंजीकरण संख्या, अनुक्रमांक संख्या, बुकलेट सिरीज या भाषा द्वितीय प्रयास आदि भरने में गलती की गई थी।

-घोषित परिणाम में न्यूनतम अंक से अधिक अंक पाने के बावजूद इन्हें सफल घोषित नहीं किया गया। याचियों का कहना था कि मानवीय भूल सुधार का मौका दिया जाए। लेक‍िन बेसिक शिक्षा परिषद ने इनकी मांग अस्वीकार कर दी तो यह याचिकाएं दाखिल की गई।

-याचियों ने मांग की थी कि मैनुअल मूल्यांकन किया जाए। कोर्ट ने कहा कि ओएमआर सीट का मूल्यांकन कम्प्यूटर से करने पर गलती कम होगी। कम समय व कम खर्च में परिणाम घोषित किया जा सकेगा। मशीन प्रयोग से प्रक्रिया के दुरूपयोग के अवसर कम हैं।

-जिन्होंने गलती की है, उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जा सकता है। मानवीय भूल को दुरूस्त करने की अनुमति से गंभीर परिणाम हो सकते हैं। कोर्ट ने बोर्ड के निर्णय को सही करार दिया है।