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इस स्टेप से नकल रोकेगा UP बोर्ड, अटेंडेंस शीट पर लिखना होगा कॉपी का स्पेशल कोड

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट एग्जाम 2018 इस बार 6 फरवरी से शुरू हो रहे है।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 12:22 PM IST
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट एग्जाम 2018 इस बार 6 फरवरी से शुरू हो रहे है। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट एग्जाम 2018 इस बार 6 फरवरी से शुरू हो रहे है।

इलाहाबाद. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट एग्जाम 2018 इस बार 6 फरवरी से शुरू हो रहे है। प्रैक्टिकल एग्जाम शुरू हो चुके हैं। नकल विहीन पर पकड़ बनाने के लिए बोर्ड ने रिटेन एग्जाम को प्रैक्टिकल की तर्ज पर कराए जाने की योजना बनाई है। परीक्षार्थियों को अब अटेंडेंस रजिस्टर में आंसर शीट का स्पेशल कोड नंबर भी दर्ज करना होगा। ये कोड नंबर कॉपी के कवर पर नहीं, बल्कि हर पन्ने पर अंकित होंगे। इसकी मदद से कॉपी का कवर बदलने के खेल में रोक लगेगी। हालांकि ये व्यवस्था फिलहाल यूपी के सवेंदनशील घोषित जिलो मे ही लागू होगी, जिसका दायरा अगले साल बढ़ाया जाएगा। यूपी के 50 सवेंदनशील डिस्ट्रिक में कराई जाएंगी मुहैया...

- इस बार प्रदेश भर के 50 संवेदनशील जिलों में कोडिंग (क्रमांकित) वाली उत्तर पुस्तिकाएं ( कापियां) मुहैया कराई जानी हैं।

- परीक्षार्थियों को नाम व रोल नंबर भरने के साथ ही यह प्रक्रिया हर दिन करनी होगी। इसका रिकॉर्ड संबंधित केंद्र व्यवस्था सुरक्षित रखेंगे।
- बोर्ड ने यह कदम इसलिए उठाया है, ताकि परीक्षार्थियों की कॉपियों की अदला-बदली न हो सके।

क्या है ये स्पेशल कोड नंबर ?

- आंसर शीट किसी दशा में बदली न जा सके, इसके लिए परीक्षार्थियों से ही उपस्थिति पंजिका पर बुकलेट यानी कॉपी का स्पेशल कोड अंकित कराया जाएगा।

- बोर्ड परीक्षा में यह नियम है कि परीक्षार्थी को सबसे पहले कॉपी मुहैया कराई जाती है, उसमें परीक्षार्थी पूरा अंकन करते हैं।
- उसी के साथ उपस्थिति पंजिका में अपना नाम, रोल नंबर और कॉपी का सीरियल नंबर दर्ज करते हैं। अब उसी में एक कॉलम बुकलेट स्पेशल कोड का भी होगा।
- इस कदम से यदि कॉपी का कवर बदलने का भी कोशिश की तो कोडिंग वाली कॉपियों में खुद स्पष्ट हो जाएगा।

- बता दें कि 2017 की परीक्षा में भी प्रदेश के 31 जिलों में कोडिंग वाली कॉपियों पर ही एग्जाम हुआ था।

ये हैं यूपी के संवेदनशील 50 जिले
- इलाहाबाद, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, बांदा, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, हाथरस, एटा, मैनपुरी, फीरोजाबाद, कासगंज, शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, संभल, हरदोई, कानपुर नगर, कानपुर देहात, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, देवरिया, जौनपुर, गोंडा, अंबेडकर नगर, सुलतानपुर, भदोही, संतकबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, कुशीनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फर नगर, बरेली, जेपी नगर, बिजनौर, उन्नाव, बाराबंकी, इटावा, औरैया, जालौन, महराजगंज, फैजाबाद, बहराइच, बस्ती व मऊ।


क्या कहते है बोर्ड के अफसर?
- बोर्ड के अपर सचिव प्रशासन शिवलाल ने बताया, ''बोर्ड एग्जाम को नकलविहीन कराना बोर्ड की प्रार्थमिकता है। हम हर वो तैयारी कर रहे है, जिससे नकल पर लगाम लग सके।''
- ''कोडिंग वाली कापियों का रजिस्टर मेंटेन होने से कॉपी बदलने की मिल रही शिकायतों पर रोक लगेगी, ये सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।''

यूपी के 50 संवेदनशील जिलों में कोडिंग (क्रमांकित) वाली उत्तर पुस्तिकाएं ( कापियां) मुहैया कराई जानी हैं। यूपी के 50 संवेदनशील जिलों में कोडिंग (क्रमांकित) वाली उत्तर पुस्तिकाएं ( कापियां) मुहैया कराई जानी हैं।