Hindi News »Uttar Pradesh News »Allahabad News» Allahabad High Court News And Update

हाईकोर्ट का आदेश-मतदाता सूची में गड़बड़ी अब नहीं हो सकती दुरूस्त

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 10, 2017, 07:39 PM IST

इलाहाबाद HC ने नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी को दुरूस्त करने से इंकार कर दिया है।
हाईकोर्ट का आदेश-मतदाता सूची में गड़बड़ी अब नहीं हो सकती दुरूस्त
इलाहाबाद.इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी को दुरूस्त करने का निर्देश की मांग में दाखिल याचिकाओं पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया जारी है, ऐसे में कोर्ट कानून के अनुसार अब हस्तक्षेप नहीं करेगी। जौनपुर के कमाल आजमी व गाजियाबाद के सुबोध कुमार त्यागी की याचिका को खारिज कर दिया है।
ये है पूरा मामला...
- यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ ने दिया है। याचीगण का कहना था कि कई लोगों के नाम पिछले चुनाव में मतदाता सूची में थे किन्तु वर्तमान चुनाव में जारी मतदाता सूची से गायब कर दिए गए है।
- जौनपुर के कमाल आजमी का कहना था कि अन्तिम मतदाता सूची जारी होने से पहले उनके वार्ड में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक थी लेकिन बाद में अन्तिम मतदाता सूची जारी करके कम कर दी गई।
- राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानन्द पाण्डेय का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तिथि के बाद मतदाता सूची में संशोधन नहीं किया जा सकता।
- नगर निगम अधिनियम की धारा और नगर पालिका अधिनियम की धारा के तहत नामांकन के अंतिम तिथि के बाद मतदाता सूची में किसी प्रकार का संशोधन चाहे वह नाम जोड़ने का हो या नाम हटाने का हो नहीं किया जा सकता।
- निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। मेयर व अध्यक्ष पद के साथ सभासदों के चुनाव के लिए नामांकन भी भरे जा चुके हैं। ऐसे में मतदाता सूची से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
#अम्बेडकर बस्ती के बेदखल लोगों को आवास देने पर सरकार व जिला प्रशासन से जानकारी तलब
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व इलाहाबाद जिला प्रशासन से पूछा है कि इलाहाबाद जिले में बने कांशीराम योजना के तहत सरकारी आवासों में कितने आवास खाली हैं और क्या चक गुलाम मोहम्मद बाजार अम्बेडकर बस्ती नैनी में विस्थापित लोगों को योजना के तहत आवास आंवटित किया जा सकता है।
- कोर्ट ने एक सप्ताह में जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ ने यमुनापार विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय व सामजसेवी देवेन्द्र तिवारी की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
- याची का कहना है कि विगत 29 अक्टूबर 17 को स्टील अथारिटी आफ इण्डिया की मांग पर अम्बेडकर बस्ती के 60 मकानों को ढहा दिया गया जिससे सैकड़ों लोग बेघर हो गए है।
- टीएसएल की जमीन पर चालीस सालों से अम्बेडकर बस्ती में लोग निवास कर रहे थे। इस जमीन को स्टील अथारिटी आफ इण्डिया को दे दिया गया है। जिला प्रशासन ने बिना सुनवाई का मौका दिए अम्बेडकर बस्ती खाली करा ली गई।
- याची का कहना है कि कांशीराम आवास योजना के तहत बने सैकड़ों आवास विगत 7 सालो से खाली पड़े है, ऐसे में पीड़ितों को सरकारी आवास का आवंटन किया जा सकता है।

मथुरा-वृन्दावन के घाटों को राष्ट्रीय धरोहर बनाने को दें अर्जी
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा वृन्दावन में यमुना घाटों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने व घाटो का सुन्दरीकरण की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने याची को अपना प्रत्यावेदन भारत सरकार के पुरातत्व विभाग में देने की छूट दी है।
- यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ ने महंत मधु मंगल दास शुक्ला की जनहित याचिका पर दिया है।
- याची का कहना था कि मथुरा वृन्दावन में यमुना नदी की सीढ़ियां सैकड़ों वर्ष पुरानी है। पौराणिक महत्व की सीढ़ियां पुरातात्विक महत्व की है। जिनका संरक्षण किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर संरक्षित किया जाए।
- कोर्ट ने कहा कि वह भारत सरकार को अर्जी दे और वह नियमानुसार निर्णय ले।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Allahabad News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: highkort ka aadesh-mtdaataa suchi mein gaड़bड़i ab nahi ho skti durust
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From Allahabad

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×