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HC NEWS: एसपी रामपुर को फटकार, माफी मांगने पर कोर्ट ने छोड़ा, पढ़ें पूरा मामला

हाईकोर्ट की रोक के बावजूद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लेने पर कोर्ट ने एसपी रामपुर को कड़ी फटकार लगाई है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 06, 2017, 06:56 PM IST

  • HC NEWS: एसपी रामपुर को फटकार, माफी मांगने पर कोर्ट ने छोड़ा, पढ़ें पूरा मामला
    इलाहाबाद हाईकोर्ट। फाइल
    इलाहाबाद.हाईकोर्ट की रोक के बावजूद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लेने पर कोर्ट ने एसपी रामपुर को कड़ी फटकार लगाई है। एसपी ने कोर्ट से माफी मांगी, इसके बाद ही कोर्ट ने मामले का न‍िस्तारण क‍िया। हाईकोर्ट के आदेश पर एसपी विपिन टांडा और सीओ स्वाट सुबह 10 बजे जस्टिस विपिन सिन्हा और जस्टिस जेजे मुनीर की पीठ के समक्ष उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे आदेश की अवमानना के बाबत सवाल पूछे, मगर उनका रवैया ठीक नहीं देखकर कड़ी फटकार लगाई।
    पीठ ने कहा, जब सिर्फ चार साल की नौकरी में आपका रवैया अदालत के प्रति ऐसा है तो आप किस प्रकार के अधिकारी साबित होंगे, समझा जा सकता है। अदालत का कड़ा रूख देखते हुए एसपी ने बिना शर्त माफी मांगी और कहा कि भविष्य में उनसे ऐसी गलती नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि रामपुर में दहेज हत्या के मुकदमे में हाईकोर्ट ने विनोद और अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इस आदेश की जानकारी होने के बावजूद एसपी ने विनोद को गिरफ्तार कर लिया। इसकी शिकायत पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए एसपी को तलब कर लिया था।
    2. 1984 सिक्ख दंगा: यूपी सरकार ने कहा, 10 गुना मुआवजा देकर आदेश का कर दिया गया पालन
    1984 में सिक्ख विरोधी दंगा पीड़ितों को मुआवजा व पुनर्वास के पैकेज को लागू करने की मांग में दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई 10 नवम्बर को होगी। कोर्ट ने याची से सरकार द्वारा पैकेज पूरी तरह से लागू कर दिये जाने को लेकर दाखिल जवाबी हलफनामे का जवाब दाखिल करने का समय दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की खण्डपीठ ने श्रीगुरू सिंह सभा कानपुर की तरफ से दाखिल जनहित याचिका पर दिया है।
    याची का कहना है कि दिल्ली में मृत परिवारों को 5 लाख रुपए दिए गए हैं। यूपी सरकार ने मोती लाल बोरा की संस्तुतियों व केन्द्र सरकार के पैकेज का पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है, जबकि अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी का कहना है कि राज्य सरकार ने केन्द्र के नुकसान का दस गुना मुआवजा देने के आदेश का पालन कर दिया है। याची ने जो दो नाम दिए उनकी अर्जी ही सरकार को नहीं दी गई है। सुनवाई 10 नवम्बर को होगी।
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