यहां करिए किसान देवता के दर्शन; दावा- दुनिया में है एकलौता मंदिर, 4 मार्च तक चलेगा कैंप

3 वर्ष पहले
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  • प्रतापगढ़ के पट्‌टी तहसील में बना है किसान देवता का मंदिर 
  • सेक्टर 10 में लगे कैंप में रोज होता है किसान चालीसा का पाठ

प्रयागराज.  तीर्थराज प्रयाग में देश ही नहीं दुनिया भर के श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने यहां पहुंच रहे हैं। कुंभ के सेक्टर 10 में एक ऐसा कैंप लगा है जो किसान देवता से जुड़ा हुआ है। इसको स्थापित करने वाले योगीराज का दावा है कि दुनिया का एकलौता किसान देवता मंदिर प्रतापगढ़ के पट्‌टी तहसील में बना हुआ है। इसकी ख्याति देश से बाहर पहुंचाने के लिए ही इसका कैंप यहां लगाया गया है। यह कैंप चार मार्च तक चलेगा और यहां पर काफी संख्या में लोग आ रहे हैं।

2015 से शुरू किया मंदिर; पेशे से चिकित्सीय कार्य करने वाले योगिराज सरकार का बताते हैं, \'\' मैं बचपन में जब कथा सुनता था तब उसमें ग्राम्य देवता का उल्लेख हुआ करता था लेकिन कहीं उनका मंदिर वगैरह नही देखता था। थोड़ा समझदार हुआ तो पता चला जो अन्नदाता हैं उन्ही के लिए ग्राम्य देवता का उल्लेख है। ऐसे में जब मेरे पास संसाधन हुआ तो मैंने 2015 में किसान देवता का मंदिर बनाया। साथ ही किसान पीठाधीश्वर की स्थापना की।\'\'

योगीराज ने बनाई किसान चालीसा: यही नहीं योगीराज ने किसान देवता की पूजा अर्चना के लिए किसान चालीसा भी तैयार की है। कुंभ में बाकायदा उनके कैंप में सुबह शाम उनकी पूजा अर्चना की जाती है। साधु संत जुटते हैं। प्रसाद भी चढ़ाया जाता है। 

क्या है उद्देश्य:  योगिराज कहते हैं कि हमारे शास्त्रों के अनुसार किसान सबका भरण पोषण करता है। इसलिए उसे देवता तुल्य माना गया है। किसान कठिन मेहनत करके धरती को उपजाऊ बनाता है। किसान देवता के मंदिर की परिकल्पना यही है कि हमारे किसान को भी वह सम्मान मिले जो अन्य देवताओं को मिलता है। किसान की दशा इस समय खराब है। ऐसे में किसान को देव तुल्य सम्मान मिलना चाहिए। यही शास्त्रों और पुराणों में भी लिखा हुआ है।