कुंभ / शंकराचार्य के अयोध्या कूच ऐलान पर स्वामी परमात्मानंद बोले- कोर्ट में प्रक्रिया लंबी चली तो धैर्य टूटेगा

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 11:02 PM IST


हिन्दू धर्म आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमात्मानंद महाराज। हिन्दू धर्म आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमात्मानंद महाराज।
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हिन्दू धर्म आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमात्मानंद महाराज।हिन्दू धर्म आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमात्मानंद महाराज।
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  • अमित शाह के साथ कुंभ पहुंचे हिंदू धर्म आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमात्मानंद महाराज
  • स्वामी परमात्मानंद से राम मंदिर मुद्दे पर संतों की राय, सरकार की मंशा पर दैनिक भास्कर एप प्लस ने की बातचीत
  • बोले- संतों के साथ नहीं हुई शाह की राम मंदिर मुद्दे पर बात, वे यहां सिर्फ साधक बनकर आए

प्रयागराज (रवि श्रीवास्तव). भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ बुधवार को हिन्दू धर्म आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमात्मानंद महाराज भी कुंभ नगरी पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर मुद्दे पर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा 21 फरवरी को अयोध्या कूच के ऐलान को उनकी व हिंदुओं की पीड़ा बताया। परमात्मानंद महाराज ने कहा कि संत और सरकार चाहती है कि, अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने, लेकिन सभी कानूनों से बंधे हुए हैं। लेकिन, बिना कारणों के प्रक्रिया इतनी लंबी खिंचेगी तो लोगों का धैर्य टूटेगा। उन्होंने दैनिक भास्कर एप प्लस से बातचीत की। प्रमुख अंश- 

 

शंकराचार्य ने 21 फरवरी को अयोध्या कूच का ऐलान किया है, इसे किस रुप में देखते हैं?

परमात्मानंद. शंकराचार्य ने जो किया, वह मैं समझता हूं कि वो उनकी पीड़ा है, जब कोई आदमी मंदिर के लिए आग्रह से बोलते हैं, तो उनकी पीड़ा है कि राम हमारे प्राण हैं, हमारी संस्कृति के आदर्श हैं। जैन हो या बौद्ध हो या अन्य, सभी चाहते हैं कि उनके बेटे राम जैसे आदर्श हों और बहू सीता जैसी हो। शंकराचार्य स्वरुपानंद ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है। कोर्ट में मामला इतना लंबे समय से चल रहा है, उसका कोई कारण भी नहीं दिख रहा है। धैर्य समाप्त हो रहा है।

 

राम मंदिर मुद्दे पर देश के संतों का क्या मत है?
परमात्मानंद. राम मंदिर मुद्दे पर देश के संतों का एक ही मत है कि मंदिर जल्द बनना चाहिए। शीघ्र अतिशीघ्र बनना चाहिए। 

 

अमित शाह की संतों के साथ राम मंदिर मुद्दे पर बात हुई?
परमात्मानंद. शाह यहां शासक नहीं, साधक बनकर आए हैं। हर बार वे कुंभ में जाते हैं। उनकी श्रद्धा, आस्था है। सरकार राम मंदिर बनाना चाहती है। संत भी अनुशासन चाहते हैं। वे भी चाहते हैं, कोर्ट से निर्णय आना चाहिए। मोदी जी ने स्पष्ट कर दिया है। लेकिन कोर्ट की लंबी प्रक्रिया धैर्य का अंत ला रही है। इसीलिए ऐसे काम होते हैं, ऐसे भाव निकल आते हैं।


चुनाव बाद मंदिर बनेगा या पहले?
परमात्मानंद. संत चाहते हैं कि कल मंदिर बनाओ, अभी बनाओ, सभी संत आ जाएंगे। लेकिन सभी कानून नियमों में बंधे हुए हैं। मर्यादा में रहते हैं, लेकिन इतने लंबी प्रक्रिया से धैर्य टूट रहा है। राम मंदिर चुनाव बाद बनेगा या पहले, ये तो भगवान जानें या सुप्रीम कोर्ट के जज जानें। हम क्या बताएं?
 
अब धर्मसभाएं हो रही हैं, इससे चुनाव के लिए माहौल बनाया जा रहा है?
परमात्मानंद. अयोध्या के विवादित ढांचा टूटने में एक दिन नहीं लगा, लोगों के भीतर बहुत दिनों से पीड़ा थी। उस वक्त लोग वहां प्रदर्शन करने आए थे, लेकिन लोग उग्र हो गए। राम मंदिर व अन्य मुद्दों को लेकर धर्म सभाएं निरंतर हो रही हैं, साढ़े चार साल में हुई सभाओं को मीडिया ने नहीं दिखाया गया। अब चुनाव नजदीक है तो मीडिया में धर्मसंसद को दिखा रही है।  

 

संतों के साथ मंदिर मुद्दे पर चर्चा हुई?
परमात्मानंद. संतों के साथ राम मंदिर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। वे श्रद्धालु के तौर पर यहां आए हैं। उनकी पत्नी भी धर्मालु हैं। उनका मन था कि वे सभी संतों का दर्शन करें। सभी के साथ भोजन किया। क्योंकि समय की कमी के कारण वे सभी के पास नहीं जा सकते थे।  

 

विहिप और आरएसएस ने घोषणा की कि राम मंदिर मुद्दे पर चुनाव बाद लौटेंगे?
परमात्मानंद. सब पीड़ित हैं, जब आदमी पीड़ित होता है तो उसका सब्र टूट जाता है। जिसका सब्र टूट जाता है तो वह अलग दिखता है। लेकिन जब हम मैच्योरिटी व धैर्य से देखेंगे तो ये सही निर्णय है, इसे राजनीतिक नहीं बनाया जाए। वीएचपी यह मुद्दा हाथ में लेगी तो ज्यादा हो जाएगा। 

 

विपक्ष के नेता भी कुंभ में आ रहे हैं?
परमात्मानंद. ये अच्छी बात है, आज तक हिंदुओं के प्रति जो उपेक्षा थी वह निकल रही है। हमें अच्छा लगता है। राहुल गांधी मंदिर जा रहे हैं, लेकिन निरंतर जाएं, दिखावे के लिए न जाएं। जनेऊ भी पहनें तो थोड़ा गायत्री भी करें।

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