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कुंभ  / प्रयाग पहुंचेंगे करोड़ों श्रद्धालु: पंडों, दुकानदारों व नाविकों की रहेगी चांदी

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 10:25 AM IST


many changeg at prayagraj during Kumbh Mela
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many changeg at prayagraj during Kumbh Mela

  • मेले की तैयारियों में अब तक सरकार कर चुकी है लगभग 7000 करोड़ रुपये खर्च 
  • प्रयागराज में रहने वाले लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आएगा कुंभ 

प्रयागराज (इलाहाबाद). कुंभ की ब्रांडिंग करने में योगी सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 15 जनवरी को मेले का पहला शाही स्नान भी होना है। इसके लिए देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। लोगों के पहुंचने की वजह से यहां के पंडों, दुकानदारों एवं नाविकों के चेहरे भी खिले हुए हैं। वजह यह है कि पूरे दो महीने तक मेले के कारण उनकी चांदी होने वाली है। 

घाट के किनारे और कुंभ मेला परिसर में स्थित दुकानदारों, फूल-माला बेचने वालों, ऑटो-रिक्शा चालकों, होटल के मालिकों, नाई और नाविकों को अपनी इनकम तीन से चार गुना बढ़ने की उम्मीद है। मेला प्रशासन के मुताबिक, कुंभ मेला करीब लाखों लोगों के लिए रोजगार का सृजन करेगा। 

 

प्रयागराज में आधे से ज्यादा होटल बुक, दाम हुए दोगुने:  शहर के एक होटल के सीनियर मैनेजर ने बताया कि प्रयागराज में अभी से आधे से ज्यादा होटल बुक हो गए हैं। ज्यादातर होटलों ने अपना किराया भी बढ़ा दिया है। रूम का किराया 2,000 रुपये से बढ़कर 5000 रुपये तक हो गया है। ज्यादातर टूरिस्ट और श्रद्धालु आसपास के शहरों में ठहरने की तैयारी कर रहे हैं।

 

कुंभ एरिया में रहने वाले अजय कुमार विश्वकर्मा यहां पंडे के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि सालभर में मुश्किल से दिन के 200 से 300 रुपये कमा पाता हूं। मगर कुंभ के दौरान ना सिर्फ ज्यादा जजमान आते हैं, बल्कि दोगुनी से तीन गुनी तक रकम देकर जाते हैं। फायदा तो होता ही है। कुंभ की वजह से कितनों की रोजी रोटी चलती है। 

 

सरकार ने शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुधारने और मेले की तैयारियों के लिए अब तक करीब 7,000 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से शहर की सड़कों, पुलों और घाटों में नई जान डाली गई है। इसके अलावा कुंभ में 15 करोड़ लोगों के आने के अनुमान के बाद से घाट के भरोसे अपनी रोजी चलाने वाले परिवारों में भी खुशी और उत्साह की लहर है। 

 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने 2,800 करोड़ रुपये मेले के आयोजन के लिए, 4,300 करोड़ रुपये शहर और मेला स्थल के विकास के लिए जारी किए हैं। इसके अलावा 247 करोड़ रुपए कंट्रोल और कमांड सेंटर स्थापित करने के लिए जारी किए गए हैं। पिछली सरकार में कुंभ-2013 के आयोजन के लिए 1,214 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए थे। 

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