योगी सरकार ने 4 रेलवे स्टेशन के नाम बदले; 163 साल पुराने इलाहाबाद जंक्शन का नाम अब प्रयागराज जंक्शन

2 वर्ष पहले
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स्टेशन का नाम बदलने के साथ ट्रेनों पर भी दर्ज होगा प्रयागराज। - Dainik Bhaskar
स्टेशन का नाम बदलने के साथ ट्रेनों पर भी दर्ज होगा प्रयागराज।
  • राज्य सरकार ने इन चारों रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने को लेकर गुरुवार को अधिसूचना जारी की
  • 1857 में पहली बार इलाहाबाद जंक्शन से ट्रेन का ट्रायल हुआ था, पूर्व पीएम नेहरु ने स्टेशन को नए सिरे से बनवाया था

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद प्रयागराज में स्थित चार रेलवे स्टेशनों के नाम बदल दिए हैं। इनमें प्रयागराज का का मुख्य स्टेशन इलाहाबाद जंक्शन समेत इलाहाबाद सिटी, इलाहाबाद छिवकी और प्रयाग घाट स्टेशन है। गुरुवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक अब इन स्टेशनों के नाम क्रमश: प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज छिवकी और प्रयागराज संगम कर दिया गया है। ये चारों स्टेशन प्रयागराज शहर में 12-14 किमी. के दायरे में हैं।


जिस इलाहाबाद जंक्शन का नाम बदलकर प्रयागराज जंक्शन किया गया है वह 163 साल पुराना है। इलाहाबाद जंक्शन से ब्रिटिशकाल में 1857 में फरवरी माह में कानपुर की तरफ 41.8 किमी ट्रेन ट्रायल के तौर पर चलाई गई थी। इसके बाद 1859 में इलाहाबाद से कानपुर के बीच ट्रेन संचालन शुरू हुआ। साल 1947 में जब देश को आजादी मिली तो इस स्टेशन का नए सिरे से बनाया गया। 22 मार्च 1955 को देश को पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसकी नींव रखी थी।

साल 2018 में बदला गया था इलाहाबाद का नाम
2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया था। उसके बाद राज्य एवं निगम के तमाम कार्यालयों में इलाहाबाद की जगह प्रयागराज लिखा गया। हालांकि केंद्र सरकार के अधीन कार्यालयों में अभी प्रयागराज का नामकरण नहीं हुआ है। स्टेशनों के नाम बदले जाने के साथ ही रेलवे बोर्ड द्वारा इन स्टेशनों के कोड भी बदले जाएंगे। हालांकि, इस बारे में रेलवे की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है।