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#BRD में 48 घंटे में 30 बच्चों की मौत, सभी की उम्र 1 महीने से कम

ये आंकड़ें गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के हैं, जहां मासूमों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 06, 2017, 12:52 PM IST

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    जनवरी 2017 से अगस्त 2017 तक टोटल 6264 बच्चों को एमिट कराया गया था। इसमें से 1527 बच्चों की मौतें हुई हैं।
    गोरखपुर.यहां के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अभी भी मासूमों की मौत का सिलसिला जारी है। पिछले 48 घंटों में यहां 30 मासूमों की मौत हो गई। ये हैरान कर देने वाले आंकड़ें गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के हैं। बता दें, 10-11 अगस्‍त की रात ऑक्‍सीजन सप्लाई बाधित होने की वजह से अस्पताल में 36 बच्‍चों समेत 68 की मौत हो गई थी। सभी बच्चों की उम्र 1 महीने से कम...

    - बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ डीके श्रीवास्तव के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में यहां 30 बच्चों की मौत हो गई है। 1 नवंबर से लेकर 3 नवंबर के बीच यहां 30 मासूमों की जान चली गई।
    - मरने वाले अधिकांश बच्चे 1 महीने से कम से थे। इन बच्चों की जान इंसेफेलाइटिस की वजह से गई है। जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मानें तो इंसे‍फेलाइटिस से होने वाली मौतों के आंकड़े में कमी आई है।
    ऑक्‍सीजन सप्लाई बाधित होने से हुई थी 36 बच्चों की मौत
    - बता दें, गोरखपुर का ये बीआरडी कॉलेज पहले भी सुर्खियों में आ चुका है। जब 10-11 अगस्‍त की रात ऑक्‍सीजन सप्लाई बाधित होने की वजह से अस्पताल में 36 बच्‍चों की मौत हो गई थी।
    - इस मामले की देशभर में कड़ी निंदा हुई थी। हादसे के बाद अस्पताल के तत्कालिक इंचार्ज डॉ राजीव मिश्र, उनकी पत्‍नी डॉ पूर्णिमा शुक्‍ला, डॉ कफील खान समेत 9 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था। ऐसे मामले सामने आने के बावजूद अस्पताल प्रसासन के लापरवाही के रवैये में कोई कमी नहीं आई है।
    #आपबीती-
    - सिद्धार्थनगर से आए सेराज बताते हैं कि उनका 5 साल का बेटा यहां पांच दिन से एडमिट है। उसकी हालत पहले से ठीक है। उन्‍हें उम्‍मीद है कि वो ठीक हो जाएगा।
    - वहीं सिद्धार्थनगर से आई संगीता की 4 साल की बच्‍ची चांदनी को यहां पर एक महीने से भर्ती है। बड़ी बेटी लक्ष्‍मी भी 6 साल की है। उनका डाक्‍टरों का कहना है कि वो बच नहीं पाएगी। वो चांदनी के साथ घर जा पाने की उम्‍मीद भी खो चुके हैं।
    ये हैं आंकड़ें
    - जनवरी 2017 से अगस्त 2017 तक टोटल 6264 बच्चों को एमिट कराया गया था। इसमें से 1527 बच्चों की मौतें हुई हैं।
    - जनवरी 2016 में जनवरी से दिसंबर तक में बच्चों की मौत का आंकड़ा 2729 था।
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    जनवरी 2016 में जनवरी से दिसंबर तक में बच्चों की मौत का आंकड़ा 2729 था।
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