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5th क्लास के बच्चे ने किया था सुसाइड, नोट में लिखा विलेन टीचर का टॉर्चर

गोरखपुर में 5th क्लास के एक स्टूडेंट की जहर खाने से 20 सितंबर को मौत हो गई थी।

Danik Bhaskar | Nov 15, 2017, 03:02 PM IST
15 सितंबर को एक 5th क्लास के बच्चे ने जहर खा लिया था। 20 सितंबर की रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 15 सितंबर को एक 5th क्लास के बच्चे ने जहर खा लिया था। 20 सितंबर की रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

गोरखपुर. आज से तीन महीने पहले 15 सितंबर को एक 5th क्लास के बच्चे ने जहर खा लिया था। 20 सितंबर की रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उसने सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार अपनी क्लास टीचर को बताया था। क्लास टीचर पर एफआईआर दर्ज हुई, वो अरेस्ट भी हुई, लेकिन आगे उसके खिलाफ सबूत न मिलने से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। बच्चे के बाबा ने कहा- ''पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की। सीबीआई-सीआईडी मामले की जांच करे।'' ये है पूरा मामला...

- गोरखपुर में नवनीत सेंट एंथोनी कॉन्वेंट स्कूल में 5th क्लास में पढ़ता था। 15 सितंबर को उसने स्कूल से लौटने के बाद जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के लिए उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। पांच दिन बाद 20 सितंबर की शाम उसकी मौत हो गई।
- बॉडी लेकर घर लौटे पेरेंट्स को नवनीत की स्टडी टेबल पर उसका सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने स्कूल के दो टीचर्स पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए थे। बाद में नवनीत की क्लास टीचर भावना राय को अरेस्ट कर लिया गया था। उसने पूछताछ में बताया था- 20 सितंबर को ही उन्हें नवनीत के मरने की जानकारी हुई थी।

टीचर से फोन पर बात करते ही बेहोश हो गया था बच्चा
- DainikBhaskar.com ने भी इस मामले की तफ्तीश की थी। इसमें टीचर की ये सफाई पूरी तरह से गलत मिली थी। सच ये था- नवनीत के जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी टीचर को 16 सितंबर को हो गई थी। वो उसी दिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। नवनीत उस वक्त बेहोश था। इस बात की पुष्टि नवनीत के पिता रवि प्रकाश ने की। 19 सितंबर को टीचर ने नवनीत के पिता को कॉल करके बच्चे का हालचाल जाना था।
- रवि प्रकाश के मुताबिक, उस दिन फोन पर मैंने टीचर को बताया था कि नवनीत को कुछ होश आया है। तब भावना ने कहा, नवनीत से बात कराइए। रवि अपना मोबाइल बेटे के पास ले गए। क्लास टीचर उधर से सवाल करती रहीं, इधर नवनीत यस-नो में जवाब देता और रोता रहा। बात खत्म होते ही वो फिर से बेहोश हो गया।
- परिजनों ने सोचा कि टीचर्स के साथ बच्चे रहते हैं, तो उन्हें उनसे लगाव हो जाता है। इसीलिए उनसे बात करके वो रोने लगा होगा। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वो टीचर ही विलेन है।

क्या था सुसाइड नोट में?
- सुसाइड नोट में नवनीत ने लिखा था, "15 सितंबर को मेरा पहला एग्जाम था, मेरी मैम (क्लास टीचर) ने मुझे बहुत रुलाया। मुझे खड़ा रखा, क्योंकि वो चापलूसों की बात सुनती हैं। उनकी किसी बात का विश्वास मत करिएगा। कल उन्होंने मुझे 3 पीरियड तक खड़ा रखा था। आज मैंने ये सोच लिया है कि मैं मरने वाला हूं। मेरी आखिरी इच्छा है कि मेरी मैम किसी बच्चे को इतनी बड़ी सजा न दें।''
- "अलविदा! पापा-मम्मी और दीदी।''

करेंट स्टेटस: मां बोली- छोड़ूंगी नहीं उसे
- सुसाइड के लिए मजबूर करने के आरोप में क्लास टीचर को अरेस्ट कर लिया गया था लेकिन सबूत के अभाव में वो जमानत पर छूट गई।
- नवनीत के बाबा हरिराम ने बताया, ''3 महीने हो गए, लेकिन अभी तक पुलिस ने ठीक से काम नहीं किया। हम जांच से संतुष्ट नहीं हैं। इसको लेकर हम सीएम से मुलाकात करेंगे, कि वो इसकी जांच सीबीआई से कराएं।''
- नवनीत की मां अपने बच्चे को याद कर फूट-फूटकर रोने लगी और बोलीं- ''मेरे बच्चे को न्याय मिले, उसके लिए हमें कहीं भी जाना पड़ेगा तो हम जाएंगे। जो मेरे बच्चे के साथ हुआ वो किसी और के साथ ना हो।''

बच्चे ने सुसाइड नोट में अपनी क्लास टीचर भावना का नाम ल‍िखा था। बच्चे ने सुसाइड नोट में अपनी क्लास टीचर भावना का नाम ल‍िखा था।
बच्चे ने ये लिखा था सुसाइड नोट। बच्चे ने ये लिखा था सुसाइड नोट।
बच्चे के पिता रवि ने बताया था कि जब नवनीट BRD में एडमिट था तो भावना उससे मिलने भी आई थी। तब उसकी उससे बात नहीं हो पाई थी। बच्चे के पिता रवि ने बताया था कि जब नवनीट BRD में एडमिट था तो भावना उससे मिलने भी आई थी। तब उसकी उससे बात नहीं हो पाई थी।
उसके बाद भावना ने उन्हें फोन भी किया था तब बच्चे की बात उसे कराई गई थी। उसके बाद भावना ने उन्हें फोन भी किया था तब बच्चे की बात उसे कराई गई थी।
बच्चे की मां से बातचीत की गई तो वो उसे याद कर फूट-फूटकर रोने लगी। बच्चे की मां से बातचीत की गई तो वो उसे याद कर फूट-फूटकर रोने लगी।