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अंडे ने बदली इस शख्स की जिंदगी, बेटों के बनाया इंजीनियर

सुरेश चंद्र गुप्ता (75) की यह दुकान हाफ ब्वायल अंडे के लिए काफी प्रसिद्ध है।

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 12:22 PM IST
1975 से सुरेश अंडे की दुकान चलाते हैं। 1975 से सुरेश अंडे की दुकान चलाते हैं।

गोरखपुर. यहां के अलीनगर चौराहे पर एक छोटी सी अंडे की दुकान पर लगने वाली भीड़ को देख लोग चौक जाते हैं। दरअसल, सुरेश चंद्र गुप्ता (75) की यह दुकान हाफ ब्वायल के लिए काफी प्रसिद्ध है। इनके हाफ ब्वायल खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं और घंटों इंतजार करने के बाद सेवन करते हैं। सुरेश चंद्र इस व्यवसाय की बदौलत आज अपने 2 बेटों को इंजीनियर बना चुके हैं, जो देश के नामी-गिरामी कंपनी में कार्यरत हैं। DainikBhaskar.com से बातचीत के दौरान सुरेश ने अपनी लाइफ से जूड़ी कुछ बातें बताई।

12 महीने फेमस रहते है हाफ ब्वायल
- सुरेश चंद्र गुप्ता गोरखपुर के अलीनगर के रहने वाले है। सुरेश के 2 बेटे है जो बैंगलोर के नामी कंपनियों में इंजीनियर है।
- सुरेश ने बताया कि उनकी दुकान 1955 में खुली थी। उस समय पिता जी बैठते थे और 1975 से वह बैठने लगे थे। भारत में इमरजेंसी खत्म होने के बाद उन्होंने अंडे की दुकान खोली और तबसे अंडे बेचते हैं।
- इनकी दुकान पर बस फुल ब्वायल और हाफ ब्वायल अंडा मिलता है। जिसमें हाफ ब्वायल ज्यादा फेमस है और उसके लिए ज्यादा भीड़ लगती है। वह बस 4-5 घंटे ही दुकान खोलते हैं।


अंडा बेचकर बनाया आलिशान मकान
- अंडे की दुकान की बदौलत सुरेश ने आज अपना आलिशान 3 मंजिला मकान भी बनवा लिया है।
- सुरेश ज्यादातर समय अपनी पत्नी को देते हैं क्योंकि वह बचपन से विकलांग हैं।
- उन्होंने बताया कि वह सबसे पहले सुबह उठकर मंदिर जाते है। वहां गरीबों को दान्य पुण्य करते हैं, फिर घर आकर बीवी के साथ मिलकर घर के कामो में हाथ बटांते हैं।
- किसी कारण अगर दुकान बंद रहती है तो ग्राहक घर पर भी आ जाते है और उनका कुशल छेम जानने के बाद दूकान खोलने का आग्रह करते हैं।


जैसा अंडा चाहो वैसा मिलता है
- वहीं, एक ग्राहक ने बताया की वो बचपन से ही सुरेश भाई के अंडे खा रहे है। जो स्वाद सालों पहले था आज भी वही स्वाद है। आज भी इनकी दूकान में कुछ नहीं बदला है।
- एक छोटे से भगौने में एक से डेढ़ दर्जन अंडे डाल देते है। फिर गरमागरम अंडा छीलकर उसमें जीरा, गोलमिर्च और काले नमक को डाल देते हैं। जिससे अंडे का स्वाद ही बदल जाता है।

सुरेश ज्यादातर समय अपनी पत्नी के साथ बिताते हैं। सुरेश ज्यादातर समय अपनी पत्नी के साथ बिताते हैं।
सुरेश के दोनों बेटे बैंगलोर की नामी-गिरामी कंपनी में इंजीनियर हैं। सुरेश के दोनों बेटे बैंगलोर की नामी-गिरामी कंपनी में इंजीनियर हैं।
अंडे की दुकान की बदौलत सुरेश ने आज अपना आलिशान 3 मंजिला मकान भी बनवाया लिया है। अंडे की दुकान की बदौलत सुरेश ने आज अपना आलिशान 3 मंजिला मकान भी बनवाया लिया है।
इनकी दुकान पर बस फुल ब्वायल और हाफ ब्वायल अंडा मिलता है। इनकी दुकान पर बस फुल ब्वायल और हाफ ब्वायल अंडा मिलता है।
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1975 से सुरेश अंडे की दुकान चलाते हैं।1975 से सुरेश अंडे की दुकान चलाते हैं।
सुरेश ज्यादातर समय अपनी पत्नी के साथ बिताते हैं।सुरेश ज्यादातर समय अपनी पत्नी के साथ बिताते हैं।
सुरेश के दोनों बेटे बैंगलोर की नामी-गिरामी कंपनी में इंजीनियर हैं।सुरेश के दोनों बेटे बैंगलोर की नामी-गिरामी कंपनी में इंजीनियर हैं।
अंडे की दुकान की बदौलत सुरेश ने आज अपना आलिशान 3 मंजिला मकान भी बनवाया लिया है।अंडे की दुकान की बदौलत सुरेश ने आज अपना आलिशान 3 मंजिला मकान भी बनवाया लिया है।
इनकी दुकान पर बस फुल ब्वायल और हाफ ब्वायल अंडा मिलता है।इनकी दुकान पर बस फुल ब्वायल और हाफ ब्वायल अंडा मिलता है।
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