गोरखपुर

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बूढ़ी मां को घर छोड़ नौकरी के लिए विदेश गया था बेटा, फोन आया- मैं फंस गया हूं

जगदीशपुर गांव और उसके आस-पास के आठ लोग नौकरी के लिए मलेशिया गए।

Danik Bhaskar

Jan 01, 2018, 12:00 AM IST
नौकरी की आस लिए मलेशिया गए 8 युवक फंस गए हैं। नौकरी की आस लिए मलेशिया गए 8 युवक फंस गए हैं।

गोरखपुर. खोराबारा इलाके 8 युवकों विदेश में फंस गए हैं। मलेशिया में नौकरी का झांसा देकर ट्रैवल एजेंट ने इन्हें फंसा दिया है। डर के साए में ये लोग वतन वापसी की आस में दिन रात काट रहे हैं।नौकरी का झांसा दिलाने वाला एजेंट राजू गायब है। ये चरगांवा का रहने वाला है। परिजनों का कहना है कि वो उन्हें एजेंट फंसा कर गायब हो गया। ट्रेवल एजेंट ने फंसाया...

- जगदीशपुर गांव और उसके आस-पास के आठ लोग नौकरी के लिए मलेशिया गए। जब उन्हें पता चला कि जिस वीजा पर वो विदेश कमाने आए थे, वो वर्किंग वीजा के बजाए टूरिस्ट वीजा था। उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इतना ही नहीं एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने वाला एजेंट उन आठ युवकों का पासपोर्ट भी ले लिया। वहीं, उनकी टूरिस्ट वीजा 24 दिसंबर को खत्म हो गया है।


एजेंट ने लिए 80-80 हजार रुपए
-परिजनों ने बताया, "नौकरी के नाम पर सभी से 80-80 हजार रुपए नौकरी दिलाने का नाम पर लिए थे। बताया गया कि 40 हजार रुपए की सैलरी मिलेगी। जगदीशपुर गांव का युवक जेल भी चला गया है। सात युवक पुलिस से बचने के लिए इधर- उधर बच रहे हैं।"


परिजनों में बताई आपबीती
-मलेशिया में फंसे युवक की मां आशा देवी ने कहा, "पिछले महीने की 13 तारीख को मेरा बच्चा यहां से गया था। एयरपोर्ट पहुंचते फर्जी वीजा दे दिया। गुरुवार को बात हुई, तो उन्हें 24 घंटे खाना नहीं खा पा रहे हैं। हम सरकार से मांग रहे जल्द से जल्द बच्चों को मेरे पास भेज दें।
- वीरेंद्र कुमार मलेशिया में फंसे युवक के पिता ने कहा, "मेरे बच्चे को वहां पर अच्छी सैलरी दिलाने का वादा देकर ले गए थे। मेरे बच्चे ने फोन पर बताया कि काम तो मिल गया, लेकिन उन्हें चोरी-छिपे काम करना पड़ रहा है।"
-मलेशिया में फंसे मैनेजर की पत्नी इंद्रावती देवी ने कहा, "मेरे पति को मोबाइल पैकिंग कंपनी में काम कराने की बात बोलकर ले गए थे। वहां उनकी स्थिति खराब है। उनके पति से पासपोर्ट ले लिया है। हमारी सरकार से मांग है कि हमारे पति की घर वापसी करा दे।"


ये युवक है फंसे
- राकेश (बसडीला)
- चंदकेश (जगदीशपुर) (जेल में बंद है)
- मैनेजर (जगदीशपुर)
-नरेन्द्र गुप्ता (गौरीबाजार)
- दिग्विजय यादव (बेलवार),
-रंजीत यादव (गजपुर)
-मदन कुमार (गिरधरगंज)​


परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
परिजनों ने बताया- उन्हें वर्किंग वीजा के बजाए टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया भेजा गया था। परिजनों ने बताया- उन्हें वर्किंग वीजा के बजाए टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया भेजा गया था।
24 दिसंबर को ही 8 युवकों का वीजा खत्म हो गया। उनमें से एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया है। 24 दिसंबर को ही 8 युवकों का वीजा खत्म हो गया। उनमें से एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया है।
परिजनों ने बताया- 8 लोगों को ट्रैवल एजेंट ने फंसा दिया था। परिजनों ने बताया- 8 लोगों को ट्रैवल एजेंट ने फंसा दिया था।
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