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इस श‍िवलिंग पर खुदा है कलमा, गजनवी ने सिर्फ इसलिए किया था ऐसा

गोरखपुर. 13 फरवरी को महाश‍िवरात्र‍ि है। देशभर के शिवालयों में सुबह से ही भक्‍त जलाभिषेक कर मन्नत मांग रहे हैं।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Feb 13, 2018, 09:31 AM IST

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unique shivling with kalma in gorakhpur
यहां हिंदू ही नहीं मुस्ल‍िम भी पूजा करने आते हैं।

गोरखपुर. 13 फरवरी को महाश‍िवरात्र‍ि है। देशभर के शिवालयों में सुबह से ही भक्‍त जलाभिषेक कर मन्नत मांग रहे हैं। dainikbhaskar.com आपको एक ऐसे शिवलिंग के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसपर महमूद गजनवी ने कई बार तोड़ने की कोशिश की थी और जब शिवलिंग नहीं टूटा तो इसपर कलमा खुदा दिया।

 

 

...तो इसलिए श‍िवलिंग पर खुदवाया कलमा
- गोरखपुर में सरया तिवारी नाम का एक गांव है, जहां पर अनोखा स्वयंभू शिवलिंग स्‍थापित है। इसे झारखंडी शिव भी कहा जाता है। मान्‍यता है कि ये शिवलिंग 100 साल से भी ज्यादा पुराना है।
- लोगों का मानना है कि शिव के इस दरबार में जो भी भक्‍त आकर श्रद्धा से मनोकामना करता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।
- मंदिर की देखरेख करने वाले धरणी राम त्रिपाठी बताते हैं, शिवलिंग सिर्फ हिंदुओं के लिए ही नहीं बल्कि मुस्लिमों के लिए भी उतना ही पूज्यनीय है। शिवलिंग पर उर्दू में ''लाइलाहाइल्लललाह मोहम्मदमदुर्र् रसूलुल्लाह'' लिखा है।
- जब महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण किया, तो देश के सभी मंदिरों को लूटकर तबाह कर दिया। गांव से इस शिवलिंग को भी उखाड़ फेंकना चाहा।
- महमूद गजनवी और उसकी सेना जब ऐसा नहीं कर पाई, तो शिवलिंग पर ही कलमा खुदवा दिया, ताकि कोई हिंदू इसकी पूजा न कर सके।

 

 

मंदिर से जुड़ी है ये मान्यता

- पुजारी जेपी पांडे, शहर काजी वलीउल्लाह और कई श्रद्धालुओं ने बताया, इस मंदिर पर काफी कोशिश करने के बाद भी कभी छत नहीं बन पाई। ये शिवलि‍ग आज भी खुले आसमान के नीचे है।
- मान्‍यता है कि इस मंदिर के बगल में एक तालाब है, जिसमें नहाने से कुष्‍ठ रोग से पीड़ित राजा ठीक हो गए थे। चर्म रोगों से मुक्ति पाने के लिए लोग 5 मंगलवार और रविवार नहाने आते हैं।
- स्नान ऐसे समय किया जाता है, ताकि कोई व्यक्ति न देख सके।

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मान्‍यता है कि ये शिवलिंग 100 साल से भी ज्यादा पुराना है।
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जब महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण किया, तो देश के सभी मंदिरों को लूटकर तबाह कर दिया। गांव से इस शिवलिंग को भी उखाड़ फेंकना चाहा।
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महमूद गजनवी और उसकी सेना जब ऐसा नहीं कर पाई, तो शिवलिंग पर ही कलमा खुदवा दिया, ताकि कोई हिंदू इसकी पूजा न कर सके।
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