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योगी का अल्टीमेटम ''बंदूक की भाषा समझने वालों को बंदूक से जवाब''

गोरखपुर. गीडा पहुंचे सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने मंच से बंदूक की भाषा समझने वालों को बंदूक से जवाब देने की बात कही।

Danik Bhaskar | Feb 08, 2018, 07:29 PM IST
गीडा पहुंचे सीएम योगी आद‍ित्य गीडा पहुंचे सीएम योगी आद‍ित्य

गोरखपुर. सीएम योगी आद‍ित्यनाथ ने गुरुवार को कहा, ''जो लोग बंदूक की भाषा समझते हैं उन्‍हें बंदूक की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए। सुरक्षा की गारंटी हर व्‍यक्ति को मिलनी चाहिए। लेकिन जो लोग समाज का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं और जिन लोगों को बंदूक की नोंक पर विश्‍वास है तो उन्‍हें बंदूक की भाषा में जवाब भी दिया जाना चाहिए। ये मैं प्रशासन से कहूंगा। इसमें घबराने की आवश्‍यकता नहीं है।'' सीमए गोरखपुर के गीडा में विकास प्राधिकरण के नए भवन के लोकार्पण के कार्यक्रम में पहुंचे थे। आगे पढ़‍िए और क्या बोले सीएम योगी...

-योगी ने सदन में सपा के आचरण पर कहा, ''लाल टोपी पहनकर किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं मिलेगी। समाजवादी पार्टी का ये आचरण बड़ा ही अशिष्‍ट और असंसदीय है। अभद्र और लोकतांत्रिक मूल्‍यों को भयंकर आघात पहुंचाने वाला एक निंदनीय कृत्‍य है।''

-''राज्‍यपाल एक संवैधानिक बॉडी होती है और अपने संवैधानिक कर्तव्‍यों का निर्वहन करने क‍े लिए जिस प्रकार से सदन के अंदर व्‍यवहार सपा का रहा है, वो अत्‍यंत ही निंदनीय कृत्‍य है।''

-सीएम ने कहा, ''विधानमंडल की कार्रवाई की शुरुआत साल के प्रारंभ में विधानमंडल में सदन को राज्‍यपाल के द्वारा संबोधित किया जाता है। इसमें सरकार की पिछली उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी नीतियों के बारे में एक चित्रण होता है। सपा का ये कृत्‍य इस बात को साबित करता है कि शासन की गरीबी, गांव, किसान, नौजवान और महिलाओं के हितों में जो नीतियां हैं उनको लागू करने में ये लोग इसी प्रकार का अड़ंगा लगाएंगे। वंचितों, गरीबों और किसानों तबके के लोगों को ये शासन की नीतियों से वंचित रखना चाहते हैं। लेकिन हमारी सरकार विकास में कानून व्‍यवस्‍था के मामले में जो कोई भी आड़े आएगा, हमलोग कानून के दायरे में रहकर ऐसे लोगों से निपटेंगे।''

-''सदन में सपा का ये आचरण इस बात को दर्शाता है कि सपा के लोग प्रदेश को भ्रष्‍टाचार, गुंडाराज, अराजकता और अपराध की ओर किस तरह से ले गए थे। उसका चित्रण आज सदन के अंदर देखने का मिला है। मैं उनको सलाह दूंगा कि इस प्रकार की अशिष्‍टता और अर्मायादित अचारण किसी भी सभ्‍य समाज को शोभा नहीं देता है।''

जनता ऐसे लोगों को सुधार रही है

-सीएम ने कहा, ''लाल टोपी पहनकर किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती है। संसदीय मर्यादा तार-तार करने की छूट नहीं दी जा सकती है। मैं तो सलाह दूंगा कि समय रहते ऐसे लोग सुधर जाएं, नहीं तो प्रदेश की जनता उन्‍हें सुधार ही रही है।''

-''ये आलू का मुद्दा नहीं है। ये पहली सरकार है जिसने समर्थन मूल्‍य जारी किया है। अभी आलू आया नहीं है। आलू मार्च के बाद आएगा, अभी कोई समस्‍या नहीं है।''

-''हमने जो कमेटी गठित की थी उसने शाम को अपनी रिपोर्ट पेश की है। अब शीघ्र विधानसभा में हम उसे रखेंगे। ईश्यू आलू नहीं है। आलू तो अभी मार्केट में आया ही नहीं है। ये इंसान की प्रवृत्ति होती है। व्‍यक्ति कभी अपने स्‍वभाव को नहीं बदल सकता है।''

-''ये समाजवाद, परिवारवाद, वंशवाद, अराजकता, गुंडाराज को बढ़ावा देने के नाम पर जिस रूप में माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, बहुत बार एक्‍सपोज हुए हैं। आज एक बार पुन फ‍िर प्रदेश की जनता ने उनके भयंकर चेहरे को देखा है, जिसकी आड़ में गुंडागर्दी और अराजकता को देखा है।''

-''देश के प्रदेश के संवैधानिक संस्‍थाओं के अंदर उनके मन में क्‍या भाव है। समाजवादी पार्टी के चेहरे को देखकर इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। प्रदेश में अराजकता फैलाने की छूट हम किसी को नहीं देंगे।''

क्या था पूरा मामला

- बता दें, गवर्नर के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने गवर्नर वापस जाओ...वापस जाओ के नारे लगाए।

- जैसे ही गवर्नर ने पढ़ना शुरू किया वैसे ही विपक्ष के नेताओं ने उनके ऊपर कागज के गोले बनाकर फेंकने शुरू कर दिए। साथ ही सरकार विरोधी नारे लगाए।

- इस दौरान 2 मार्शल फाइल लेकर गवर्नर के सामने फाइल लेकर खड़े हो गए, ताकि कोई गोला उन तक न आ सके। इतने विरोध के बाद भी राम नाइक अभ‍िभाषण पढ़ते रहे।

- इस मामले के बाद सोशल मीड‍िया पर लोगों ने राम नाइक की तुलना नरेंद्र मोदी से करनी शुरू कर दी है।