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मर्डर के बाद सामने आई थी GF के प्रेग्नेंसी की बात, DNA टेस्ट में खुला राज

2003 में हुए मधुमिता हत्याकांड ने यूपी की राजनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए थे।

Danik Bhaskar | Nov 16, 2017, 01:19 PM IST

गोरखपुर. यूपी की गोरखपुर जेल से कोर्ट में पेशी के लिए निकले पूर्व मंत्री अमरमणि बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। कुछ देर तक यहां रहने के बाद वो महराजगंज के लिए रवाना हुए। बिना अनुमति के पूर्व मंत्री के मेडिकल कॉलेज में पहुंचने की सूचना पर सरकारी महकमें में हड़कंप मच गया। एसएसपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है। 22 साल की मधुमिता की हत्या के आरोपी 58 साल के अमरमणि त्रिपाठी यूपी के कद्दावर नेता रहे हैं। वो फिलहाल गोरखपुर की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। DainikBhaskar.com आपको मधुमिता मर्डर केस की के पूरे घटनाक्रम को बता रहा है।

कौन थी मधुमिता ?

- यूपी के लखीमपुर खीरी के एक छोटे कस्बे की रहने वाली मधुमिता शुक्ला महज 16 साल की उम्र से ही वीर रस की कविताओं का मंच पर पाठ करने लगी थी।
- अपनी कविताओं में देश के पीएम तक को खरी-खोटी सुनाने वाली इस युवा कवयित्री का यही अंदाज उसे सफलता की ओर ले जा रहा था। बाद में वह लखनऊ आ गई।
- यहां बाहुबली मंत्री अमरमणि त्रिपाठी से उसका संपर्क हुआ। अमरमणि के परिवार में पत्नी मधुमणि, मां सावित्री मणि और दो बेटियां अन्नू-तन्नु थीं।
- मधुमिता की कविताओं को सुनने के लिए अमरमणि की मां के साथ उनकी दोनों बेटियां भी जाती थीं।
- धीरे-धीरे दोनों बेटियों से मधुमिता की दोस्ती हो गई। घर में आने-जाने की वजह से पत्नी से भी संपर्क बढ़ गया। इसी दौरान मधुमिता और अमरमणि के बीच इश्क परवान चढ़ गया।

केस का करंट स्टेटस
- हत्याकांड में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को उत्तराखंड के हरिद्वार कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
- दोनों वर्तमान में गोरखपुर मंडलीय कारागार में सजा काट रहे हैं। अमरमणि को गोरखपुर जेल के मिलेनियम बैरक में, जबकि पत्नी को महिला बैरक में रखा गया है।
- केस की पैरवी मधुमिता शुक्ला की छोटी बहन निधि शुक्ला कर रही हैं। वे लगातार इस कोशिश में हैं कि दोनों को उत्तराखंड के हरिद्वार जेल भेज दिया जाए, लेकिन अमरमणि की राजनीतिक पकड़ और कानूनी दांवपेंच के कारण अभी तक ये संभव नहीं हो सका है।