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हाईकोर्ट में पेश हुए एसआईटी रिपोर्ट, कोर्ट ने सरकार से पूछा- कौन सा एनजीओ लड़कियों को रखने लायक है



  • कोर्ट ने एसआईटी जांच में शामिल अधिकारियों की भी जानकारी मांगी है
Danik Bhaskar | Sep 06, 2018, 06:56 PM IST

इलाहाबाद/ गोरखपुर. देवरिया शेल्टर होम मामले में सोमवार को एसआईटी ने हाई कोर्ट में मामले की प्रगति रिपोर्ट पेश की। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए राज्य सरकार से कई जानकारियां मांगी हैं। कोर्ट ने पूछा प्रदेश में कौन सी एनजीओ अच्छी है जहां लड़कियों को रखा जा सकता है। सभी एसएचओ को लेकर भी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने एसआईटी जांच में शामिल अधिकारियों की भी जानकारी मांगी है। शेल्टर होम में आने जाने वालों को लेकर आस-पास रहने वालों को बयान न दर्ज करने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। मामले में दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस डी बी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंण्डपीठ कर रही है। 8 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था यौन शोषण के मामले में सीबीआई जांच की मॉनिटरिंग इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा।     स्त्री अधिकार संगठन ने दाखिल की थी याचिका: मामले में स्त्री अधिकार संगठन ने याचिका दाखिल की थी। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ पद्मा सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए मांग की है कि सीबीआई जांच हाईकोर्ट की नगरानी में हो इसके साथ ही याचिका में कहा गया है कि यूपी के सभी शेल्टर हाउस को बेहतर सुविधाएं दी जाएं और अवैध रूप से चल रहे शेल्टर हाउस को बंद करने की मांग की गई है। लड़की के भागने के बाद मामला सामने आया: 5 अगस्त को बालिका गृह से एक लड़की भाग गई थी। स्थानीय लोगों ने इसे पुलिस के पास भेज दिया। पूछताछ में उसने बताया कि बालिका गृह से लड़कियों को रात में बाहर भेजा जाता था। बड़ी-बड़ी गाड़ियों में लोग आते थे और लड़कियों को ले जाते थे। सुबह लड़कियां रोती हुईं आती थीं। इस आश्रय स्थल की मान्यता पिछले साल ही रद्द की जा चुकी थी। इसके बाद भी यहां लड़कियों को भेजा जाता रहा। संस्था के रिकॉर्ड में 42 बच्चों के नाम दर्ज है, जबकि पुलिस के छापे में यहां 20 लड़कियां और तीन लड़के मिले थे। 

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