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योगी के शहर में गरीबों की मदद के लिए सामने आया पुलिसकर्मी, मैं हूं ना नाम से बनाई संस्था

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:11 PM IST

हम हैं नामक संस्था चला रहा है पुलिसकर्मी।

प्रमोद सिंह गरीबों की मदद के लिए मुहिम चला रहे थे। प्रमोद सिंह गरीबों की मदद के लिए मुहिम चला रहे थे।

गोरखपुर. सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में स्थिति धर्मशाला चौकी इंचार्ज ने समाज में कुछ अलग करने की ठानी है। वो आज अपने कुछ साथियों के साथ "हम है ना" करके एक जगह बनाई जो देखने में भी सुन्दर है और इनमें कार्य भी ऐसे होते है जिनसे जरुरत मंदों की जरुरत पूरी हो सके। उनके इस कार्य की चर्चा जोरों पर है।


- गोरखनाथ थाना क्षेत्र में स्थित धर्मशाला चौकी पर पिछले कुछ महीनों से चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह अक्सर कूड़ा करकट बीनने वाले बच्चों की आर्थिक मदद भी करते हैं। यही नहीं अगर कोई जरुरत मंद उन तक पहुंचता है तो वो उसकी भी पूरी मदद करते हैं।
- गरीब असहाय बच्चों व जरुरतमंद यात्रियों की मदद के लिए उन्होंने अपने कुछ मित्रों से बातचीत की। नौकरी में कभी यहां तो कभी वहां इस बात की भी चिंता मन को सताती रहती थी। फिलहाल आज उनका ये सपना भी पूरा हो गया यही चौकी के पास में ही "हम है ना" नामक एक जगह की स्थापना हुई है जिसका उद्घाटन गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर ने किया।
- उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी और इस प्रयास को काफी सराहा करते हुए कहा कि चौकी इंजार्च व उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है। जो उन लोगों के लिए कार्य कर रही है जो समाज की मुख्यधारा से काफी दूर हो गए हैं। जिनके दिन और रात का कोई ठिकाना नहीं होता और तो और जो गरीब यात्री जरूरतमंद हैं उनकी भी सहायता ये "हम है ना" कर रहा है।

गरीबों ने की तारीफ
- चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह के इस सराहनीय कार्य से जहां पुलिस महकमा फुले नहीं समा रहा वहीं उनके चौकी की जनता भी काफी खुश है। इसी पुल के नीचे सड़क पर जीवन यापन करने वाले गरीब व असहाय लोगो की खुशी का ठिकाना नहीं है वे भी चौकी इंचार्ज की इस पहल को सराहनीय बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हमें काफी खुशी है कि हमारे क्षेत्र में इस तरह की पहल एक पुलिस वाले द्वारा की गई है। रोटी, कपड़ा सभी की जरूरत है लेकिन गरीब और असहाय लोग इसे पूरा करने में असमर्थ होते हैं अब उन्हें भी अच्छे कपड़े, अच्छे भोजन और अच्छी शिक्षा मिलेगी हम सभी इस कार्य में बराबर के सहभागी बने का अवसर प्राप्त करेंगे और इसे अंतिम चरण तक पहुंचाएंगे यहां से कोई भी जरूरतमंद खाली हाथ नहीं लौटेगा चाहे उसकी जरूरत जो भी हो।

क्या कहना है प्रमोद सिंह का?

- कहना है कि इससे पहले रेलवे स्टेशन चौकी प्रभारी थे और वहां पर उन्होंने तमाम ऐसे जरूरतमंद लोगों को देखा था जिनकी छोटी मोटी जरूरतें पूरी ना होने पर उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था ऐसे में वह उनकी जरूरतों को पूरा करते थे साथ में एक अच्छे जीवन यापन के लिए उन्हें प्रेरित भी करते थे पिछले 1 साल से कुछ अलग करने की ठान ली थी ऐसे में अपने कुछ शुभचिंतकों और मित्रों से उन्होंने जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए जिक्र की थी और यह भी कहा था कि उनके ना रहने पर भी यह काम बखूबी होता रहे उसी से प्रेरित होकर चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह ने साथियों के साथ मिलकर 'हम हैं नाम' नामक जगह का निर्माण कराया जहां पर जरूरतमंद लोगों को कपड़ा शिक्षा और भोजन निशुल्क मिलेगा।

गरीब और असहाय लोग पुलिसकर्मी के इस पहल की तारीफ कर रहे हैं। गरीब और असहाय लोग पुलिसकर्मी के इस पहल की तारीफ कर रहे हैं।
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प्रमोद सिंह गरीबों की मदद के लिए मुहिम चला रहे थे।प्रमोद सिंह गरीबों की मदद के लिए मुहिम चला रहे थे।
गरीब और असहाय लोग पुलिसकर्मी के इस पहल की तारीफ कर रहे हैं।गरीब और असहाय लोग पुलिसकर्मी के इस पहल की तारीफ कर रहे हैं।
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