16वीं बार वनटांगियों के बीच पहुंचे सीएम योगी, बोले- कवन सो काज कठिन जग माहीं...

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बच्ची को दुलारते सीएम योगी। - Dainik Bhaskar
बच्ची को दुलारते सीएम योगी।
  • मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को वनटांगियों के बीच मनाई दिवाली
  • कहा- इनके साथ दीपावली मनाना मेरे लिए आत्मीय सुख

गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को दिवाली के मौके पर लगातार 16वीं बार वनटांगियों के बीच पहुंचे। सीएम ने बच्चों को उपहार बांटे और यहां विकासपरक योजनाओं का लाकार्पण किया। इस दौरान सीएम ने राम चरित मानस की चौपाई कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं का जिक्र करते हुए कहा कि, प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से मुझे इस समाज के उत्थान में सहयोग का अवसर मिला।

1) पहले की सरकारों के लिए त्यौहार बोझ थे: सीएम योगी

हमारी सरकार ने वनटांगिया समुदाय को समाज की मुख्य धारा में लाने का रोड मैप तैयार किया और कभी सामान्य नागरिक अधिकारों तक को तरसता यह समाज अब प्रगति पथ पर है। लंबे संघर्ष के बाद 2017 में वनटांगिया समाज के भाई-बहनों को सामान्य नागरिक की तरह संवैधानिक अधिकार मिले, उनके गांव राजस्व ग्राम घोषित हुए और अब उन गांवों में सरकारी स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कहा कि, प्रभु श्रीराम के आशीष से आज वनटांगिया समाज प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है, दीपावली पर इनके चेहरे जगमग हैं। मेरी दीवाली इन्हीं के बीच है और इनके साथ दीपावली मनाना मेरे लिए आत्मीय सुख है। कहा कि, जब हम अच्छा सोचेंगे तो सब अच्छा होगा। जब 15 वर्ष पहले जब हम यहां आए थे तो यहां कोई सुविधा नहीं थी। वन विभाग और पुलिस इनका शोषण करते थे। इनके पास पक्का मकान नहीं था। आज इनके पास पक्का मकान है।   

सीएम ने कहा कि, जो लोग एक-दूसरों को जाति और मजहब के बीच बांटते थे। जिनके लिए पर्व और त्योहार एक बोझ बनकर आते थे। आज यही पर्व और त्योहार देश के लिए उल्लास लेकर आ रहा है। इसके लिए हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहिए। जिन्होंने सरकारी सुविधाएं लोगों को मुहैया कराई है। ये देश पर 55 साल तक काम करने वाले लोग भी कर सकते थे। लेकिन ये उनके एजेंडे में नहीं था। गरीब, नौजवान, किसान और महिलाएं उनके एजेंडे में ही नहीं था। अभी हमने कन्या सुमंगला योजना शुरू की है। जन्म से लेकर शादी तक की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। बच्चियों को शिक्षा से जोड़कर बेटी-बेटों के बीच के भेद को खत्म किया। महिलाओं को घर का मुखिया बनाया। 

खबरें और भी हैं...