गोरखपुर / विश्वविद्यालय में दलित शोध छात्र का तीन महीने से प्रोफ़ेसर कर रहे थे उत्पीड़न, शिकायत पर कार्यवाई नहीं हुई तो खाया जहर



अब पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में जांच शुरू कर दी है।   अब पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में जांच शुरू कर दी है।  
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अब पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में जांच शुरू कर दी है।  अब पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में जांच शुरू कर दी है।  

  • घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है 
  • साथ ही आरोपी प्रोफ़ेसर को उनके पद से हटा दिया गया है 

Dainik Bhaskar

Sep 21, 2018, 08:25 PM IST

गोरखपुर. यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में शोध के एक दलित छात्र ने शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए गुरूवार को जहर खा लिया। छात्र की हालत गंभीर है। उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। छात्र विश्वविद्यालय से दर्शन शास्त्र में शोध कर रहा है। छात्र ने विभागाध्यक्ष प्रो. द्वारिकानाथ और डीन प्रो. सीपी श्रीवास्तव पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उसने एक अपना वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया है।  वीडियो वायरल होने के बाद मामला सामने आया।  

 

तीन महीने से कर रहे हैं प्रताड़ित: दर्शनशास्‍त्र विभाग के दलित शोध छात्र दीपक कुमार का कहना है कि उसने पं. दीनदयाल उपाध्‍याय और डा. भीमराव अंबेडकर पर शोध के लिए सिनोप्सिस जमा की थी लेकिन विभागाध्‍यक्ष प्रो. द्वारिका नाथ ने जाति सूचक शब्‍दों का प्रयोग कर शोध पंजीकरण नहीं कराने दिया। उसके बाद उसने प्रो. डीएन यादव के अंडर में शोध के लिए आवेदन कर दिया। उसके बाद उसे प्रताडि़त किया जाने लगा। 
 
शिकायत पर नहीं हुई कार्यवाई: प्रताड़ना की शिकायत दीपक ने पहले कुलपति प्रो. विजय कृष्णा सिंह से की लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर उसे दो युवकों द्वारा शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी गयी। जिसकी शिकायत उसने विश्‍वविद्यालय के मुख्‍य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद से की। लेकिन यहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। दीपक का कहना है कि इसी वजह से मुझे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। 
 

अब विश्वविद्यालय ने गठित की जांच समिति: विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रति कुलपति एसके दीक्षित की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है। साथ ही जांच पूरी होने तक विभागध्‍यक्ष प्रो. द्वारिका नाथ को उनके पद से हटा दिया गया है। 

 

पुलिस ने भी दर्ज की शिकायत: वहीँ सीओ कैंट प्रभात कुमार ने बताया कि छात्र को जान से मारने की धमकी देने वालों मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा।  

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