सिद्धार्थनगर / दुष्कर्म केस का 7 माह में फैसला, अदालत ने कहा- अंतिम सांस तक अभियुक्त को कैद रखा जाए

प्रतीकात्मक। प्रतीकात्मक।
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प्रतीकात्मक।प्रतीकात्मक।

  • विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट रामचंद्र यादव प्रथम ने सुनाया फैसला
  • अभियुक्त पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया, सरकार को दो लाख मुआवजा पीड़ित को देने के निर्देश

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2020, 07:21 PM IST

सिद्धार्थनगर. उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में सात माह के भीतर आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त शेरू उर्फ रमजान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट रामचंद्र यादव प्रथम ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा- अभियुक्त को उसकी अंतिम सांस तक जेल में रखा जाए। अदालत ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोंका है। 

यह है मामला
बांसी कोतवाली इलाके के एक गांव निवासी आठ साल की बच्ची 20 मई 2019 की सुबह करीब साढ़े छह बजे शौच करने के लिए घर से बाहर बाग में गई थी। गांव निवासी शेरू उर्फ रमजान वहीं मौजूद था। उसने बच्ची को पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात की। बच्ची की चीख सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने अभियुक्त को दौड़ाकर पकड़ा था। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शेरू को गिरफ्तार कर लिया। 

उधर, बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिजनों के अनुसार, बच्ची 14 घंटे तक बेहोश रही। घटना से आहत बच्ची जब सामान्य हुई तो पुलिस ने उसका बयान लिया। 

राज्य सरकार दे दो लाख क्षतिपूर्ति: अदालत
विशेष लोक अभियोजक पाक्सो कोर्ट पवन कुमार पाठक ने बताया कि, बच्ची का मेडिकल करने वाली चिकित्सक डॉक्टर रूखशांदा सिद्दीकी, एसओ बांसी शैलेश कुमार समेत आठ गवाहों ने अदालत में गवाही दी। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त शेरू को आजीवन कैद की सजा दी है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि वह पीड़िता को दो लाख रूपए क्षतिपूर्ति के रूप में दे। 

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