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शर्मनाक / देवरिया: उफनती नदी में नाव पर सवार होकर बच्चे आते हैं पढ़ने, जिम्मेदार बोले- अगले साल ही पुल बन सकेगा



प्रधान ने बताया कि पुल के लिए हमने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। देखते है कि इस पर क्या होता है। प्रधान ने बताया कि पुल के लिए हमने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। देखते है कि इस पर क्या होता है।
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प्रधान ने बताया कि पुल के लिए हमने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। देखते है कि इस पर क्या होता है।प्रधान ने बताया कि पुल के लिए हमने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। देखते है कि इस पर क्या होता है।

  • बच्चो का कहना है कि पढ़ाई कर के अगर कुछ बनना है तो रिस्क तो लेना ही पड़ेगा
  • जिलाधिकारी अमित किशोर बोले, परिजन इस तरह से अपने बच्चो को न भेजे

Dainik Bhaskar

Sep 15, 2018, 01:56 AM IST

देवरिया. बिहार बार्डर से सटा एक गांव ऐसा है जहां बच्चे अपनी जान को जोखिम में डालकर उफनती नदी को नाव से पार कर पढ़ाई करने जाते हैं। बरसात के मौसम में नदी की धारा इतनी तेज रहती है कि पार करते वक्त छात्रों के बह जाने का खतरा बना ही रहता है। 

 

आंबेडकर स्कूल में पढने आते हैं बच्चे:  लार थाना क्षेत्र के मटियरा जगदीश गांव में आंबेडकर पब्लिक स्कूल में पढ़ने के लिए दूरदराज से सैकड़ो बच्चे रोज आते है। गांव से गुजरने वाली छोटी गंडक नदी में इस समय प्रवाह काफी तेज होता है। बारिश के दिनों में तो हालत और भी ख़राब हो जाती है लेकिन डर के बावजूद बच्चे जान जोखिम में डाल कर पढ़ने को मजबूर है। बच्चो का कहना है कि पढ़ाई कर के अगर कुछ बनना है तो रिस्क तो लेना ही पड़ेगा। डर लगता है लेकिन कर भी क्या सकते है पढ़ाई भी तो जरुरी है। 

 

क्या कहना है प्रधान का: ग्राम प्रधान सुनील यादव का कहना था कि बच्चे बिहार के कई गांवों से काफी तादात में पढ़ने आते है। पीपा पुल के न होने के कारण यह बच्चे 20 किलोमीटर दूर से आते है, जिसमे सैकड़ो बच्चे रोज नाव से आते जाते है। पुल के लिए हमने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। देखते है कि इस पर क्या होता है। 

 

डीएम की भी सुनो: जिलाधिकारी अमित किशोर का कहना है कि हमने इस मामले में पहले ही अपील की है इस तरह से परिजन अपने बच्चो को न भेजे। जो सड़क मार्ग है बच्चे उससे ही पढ़ने आये। इस तरह से समय तो बचता है लेकिन कोई अप्रिय घटना घटने का अंदेशा बना रहता है। संबंधित एसडीएम को कहा गया है कि वह तत्काल वहां जाकर देखे की इसमें क्या किया जा सकता है। जैसे ही पानी कम होता है आगे के समय के लिए हम लोग कोशिश करेंगे कि वहां अगर पुल का निर्माण हो सके तो इसका संज्ञान शासन तक पहुचायेंगे। जिससे अगले वर्ष इस तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

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